साधु भाई ऐसा अण घड ध्याया भजन लिरिक्स | Sadhu Bhai Aisa An Ghad Dhyaya Bhajan Lyrics

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साधु भाई ऐसा अण घड ध्याया भजन लिरिक्स

साधु भाई ऐसा अण घड ध्याया भजन लिरिक्स, Sadhu Bhai Aisa An Ghad Dhyaya Desi Nirguni Bhajan Lyrics

।। दोहा ।।
माटी कहे कुमार से, तू क्या रोंदे मोहे ।
एक दिन ऐसा आएगा, मैं रोंदुंगी तू रोय।


~ ऐसा अण घड ध्याया ~

आवे नहीं जावे मरे नहीं जन्मे ,
नहीं धुप नहीं छाया।
साधु भाई ऐसा अण घड ध्याया।


जरणी पेला हम जल मिया ,
नहीं अधर सु आया।
बिना धरणी पग धरिया ,
बिना नीर सु नहाया।
साधु भाई ऐसा अण घड ध्याया। टेर। …


बिना धरणी धूणी धुकाई ,
बिना अग्नि तप लाया।
बिना हाड बून्द कसिया लंगोटा ,
जीवत जोग कमाया।
साधु भाई ऐसा अण घड ध्याया। टेर। …


बिना गेरू हम भगवा रंगिया ,
बिन घर अलख जगाया।
बिना जोली सब जग मोयो ,
बिना भोजन पाया।
साधु भाई ऐसा अण घड ध्याया। टेर। …


पग बिना पंथी नैन बिना निख्या ,
निरखत नजर नहीं आया।
निख्या जको निगे कर निख्या ,
गुरु शरणे सुख पाया।
साधु भाई ऐसा अण घड ध्याया। टेर। …


नाथ मछेन्दर गुरु मलिया ,
भिन्न भिन्न कर समझाया।
मछँदर जत्ती गोरख बोले ,
जोत में जोत समाया।
साधु भाई ऐसा अण घड ध्याया। टेर। …


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Desi Nirguni Bhajan Lyrics

~ Sadhu Bhai Aisa An Ghad Dhyaya ~

aave nhi jave mare nhi janme,
nahi dhup nahi chaya.
sadhu bhai aisa un ghad dhyaya.


jarani pela ham jal miya,
nahi adhar su aaya.
bina dharani pag dhariya,
bina neer su nahaya.
sadhu bhai aisa un ghad dhyaya.


bina dharani dhuni dhukai,
bina agani tap laya.
bina had bund kasiya langota,
jivat jog kamaya.
sadhu bhai aisa un ghad dhyaya.


bina geru ham bhagava rangiya,
bin ghar alakh jagaya.
bina joli sab jag moyo,
bina bhojan paya.
sadhu bhai aisa un ghad dhyaya.


pag bina panthi nain bina nikhya,
nirakhat najar nhi aaya.
nikhya jako nige kar nikhya,
guru sharane sukh paya.
sadho bhai aisa un ghad dhyaya.


nath machendra guru maliya,
bhinn bhinn kar samjhaya.
machandar jati gorakh bole,
jot me jot samaya.
sadho bhai aisa un ghad dhyaya.


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~ साधु भाई ऐसा अण घड ध्याया ~

आवे नहीं जावे मरे नहीं जन्मे ,नहीं धुप नहीं छाया।
साधु भाई ऐसा अण घड ध्याया।

जरणी पेला हम जल मिया ,नहीं अधर सु आया।
बिना धरणी पग धरिया ,बिना नीर सु नहाया।
साधु भाई ऐसा अण घड ध्याया। टेर। …

बिना धरणी धूणी धुकाई ,बिना अग्नि तप लाया।
बिना हाड बून्द कसिया लंगोटा ,जीवत जोग कमाया।
साधु भाई ऐसा अण घड ध्याया। टेर। …

बिना गेरू हम भगवा रंगिया ,बिन घर अलख जगाया।
बिना जोली सब जग मोयो ,बिना भोजन पाया।
साधु भाई ऐसा अण घड ध्याया। टेर। …

पग बिना पंथी नैन बिना निख्या ,निरखत नजर नहीं आया।
निख्या जको निगे कर निख्या ,गुरु शरणे सुख पाया।
साधु भाई ऐसा अण घड ध्याया। टेर। …

नाथ मछेन्दर गुरु मलिया ,भिन्न भिन्न कर समझाया।
मछँदर जत्ती गोरख बोले ,जोत में जोत समाया।
साधु भाई ऐसा अण घड ध्याया। टेर। …

Rajasthani Nirguni Bhajan

भजन :- साधु भाई ऐसा अण घड ध्याया
गायक :- राजू सुथार
लेबल :- राजस्थानी भजन

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