फकीरी खरदर खांडा की धार भजन लिरिक्स | Fakiri Khardar Khanda Ki Dhar Bhajan Lyrics

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फकीरी खरदर खांडा की धार भजन लिरिक्स

फकीरी खरदर खांडा की धार भजन लिरिक्स, Fakiri Khardar Khanda Ki Dhar marwadi Fakiri Bhajan Lyrics

।। दोहा ।।
संत मिलन को चालिये, तज माया अभिमान।
ज्यू ज्यू पग आगे धरे, कोटि यज्ञ समान।


~ खरदर खांडा की धार ~

विकट पन्थ विकराल भयानक ,
चुक्या अणि ले मार।
फकीरी खरदर खांडा की धार।


जैसे नटवा चढ़े विरत पर ,
अपना बदन संभाल।
खेल खेल सूरत दृढ राखे ,
चुके नाय लिगार।
फकीरी खरदर खांडा की धार। टेर। ….


जैसे शुर धसे रण भीतर ,
सज पांचो हथियार।
भारत देख डिगे नहीं कबहुँ ,
जो बाजे तलवार।
फकीरी खरदर खांडा की धार। टेर। ….


सूरा संत को एक मतों है ,
कर देखो निरधार।
पकड़ी टेक कभी नहीं छोड़े ,
पल पल बारम्बार।
फकीरी खरदर खांडा की धार। टेर। ….


काम क्रोध मद मान संहारे ,
जीते जिन हुंकार।
दुर्जर पांचो पच्चीस ने मारे ,
होवे जय जय कार।
फकीरी खरदर खांडा की धार। टेर। ….


राम भारती जी समर्थ मिल्या ,
दिया शब्द तत सार।
कल्याण भारती संता शरणे ,
अखंड नाम आधार।
फकीरी खरदर खांडा की धार। टेर। ….


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marwadi Fakiri Bhajan Lyrics

~ Fakiri Khardar Khanda Ki Dhar ~

vikat panth vikral bhayanak,
chukya ani le mar.
fakiri khardar khanda ki dhar.


jaise natva chadhe virat par,
apana badan sambhal.
khel khel surat dradh rakhe,
chuke naay ligar.
fakiri khardar khanda ki dhaar.


jiase shur dhase ran bhitar,
saj pancho hathiyar.
bharat dekh dige nhi kabahu,
jo baje talvar.
fakiri khardar khanda ki dhaar.


sura sant ko ek mato hai,
kar dekho nirdhar.
pakadi tek kabhi nhi chode,
pal pal barambar.
fakiri khardar khanda ki dhar.


kam krodh mad man sanhare,
jeete jin hunkar.
durjan pancho pachchis ne mare,
hove jay jay kar.
fakiri khardar khanda ki dhar.


ram bharati ji samarth milya,
diya shabad tat saar.
kalyan bharati santa sharne,
akhand naam aadhar.
fakiri khardar khanda ki dhar.


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~ फकीरी खरदर खांडा की धार ~

विकट पन्थ विकराल भयानक ,चुक्या अणि ले मार।
फकीरी खरदर खांडा की धार।

जैसे नटवा चढ़े विरत पर ,अपना बदन संभाल।
खेल खेल सूरत दृढ राखे ,चुके नाय लिगार।
फकीरी खरदर खांडा की धार। टेर। ….

जैसे शुर धसे रण भीतर ,सज पांचो हथियार।
भारत देख डिगे नहीं कबहुँ ,जो बाजे तलवार।
फकीरी खरदर खांडा की धार। टेर। ….

सूरा संत को एक मतों है ,कर देखो निरधार।
पकड़ी टेक कभी नहीं छोड़े ,पल पल बारम्बार।
फकीरी खरदर खांडा की धार। टेर। ….

काम क्रोध मद मान संहारे ,जीते जिन हुंकार।
दुर्जर पांचो पच्चीस ने मारे ,होवे जय जय कार।
फकीरी खरदर खांडा की धार। टेर। ….

राम भारती जी समर्थ मिल्या ,दिया शब्द तत सार।
कल्याण भारती संता शरणे ,अखंड नाम आधार।
फकीरी खरदर खांडा की धार। टेर। ….

ज्ञानानंद जी महाराज के भजन

भजन :- फकीरी खरदर खांडा की धार
गायक :- ज्ञानानंद जी महाराज
लेबल :- राजस्थानी भजन

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