काया कैसे रोई तज दिना प्राण भजन लिरिक्स | Kaya Kaise Roi Taj Diya Pran Bhajan Lyrics

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काया कैसे रोई तज दिना प्राण भजन लिरिक्स

काया कैसे रोई तज दिना प्राण भजन लिरिक्स, Kaya Kaise Roi Taj Diya Pran marwadi desi nirguni bhajan lyrics

।। दोहा ।।
रात गंवाई सोय के, दिवस गंवाया खाय।
हीरा जनम अमोल है, कोड़ी बदली जाय॥


~ काया कैसे रोई ~

तज दिना प्राण ,
काया कैसे रोई।
काया है निर्मोई ।।


मैं जाण्यो काया सगं चलेगी ,
इण तो काया ने मलमल धोई रे।
तज दिना प्राण ,
काया कैसे रोई। टेर। …


तज दिना मन्दिर महल मालिया ,
गाय भैंस घर घोङी रे।
घर कि नार बिलखती छोडी ,
छोड चल्या वे सारस कि जोड़ी रे।
तज दिना प्राण ,
काया कैसे रोई। टेर। …


चार जणा मिल गजी बणाई ,
चढ्या काठ की घोड़ी रे।
जाय जंगल में डेरा दिना ,
फूंक दिया ज्यों फागुन कि होली रे।
तज दिना प्राण ,
काया कैसे रोई। टेर। …


घर कि त्रीया यूँ उठ बोली ,
बिछड गई मारी जोड़ी रे।
भवानी नाथ बैरागी बोल्या ,
जिन जोड़ी दाता पल माही तोड़ी रे।
तज दिना प्राण ,
काया कैसे रोई। टेर। …


तज दिना प्राण ,
काया कैसे रोई।
काया है निर्मोई ।।


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marwadi desi nirguni bhajan lyrics

~ Kaya Kaise Roi Taj Diya Pran ~

taj dina pran,
kaya kaise roi.
kaya hai nirmohi.


me janyo kaya sang chalegi,
in to kaya ne malmal doi re.
taj dina pran ,
kaya kaise roi.


taj dina mandir mahal maliya,
gay bhes ghar ghodi re.
ghar ki nar bilakhti chodi,
chod chalya ve saras ki jodi re.
taj dina pran ,
kaya kaise roi.


char jana mil gaji banai,
chadya kath ki ghodi re.
jaay jangal me dera dina,
funk diya jyo fagun ki holi re.
taj dina pran ,
kaya kaise roi.


ghar ki tiriya yu uth boli,
bichad gai mari jodi re.
bhavani nath bairagi bolya,
jin jodi data pal mahi todi re.
taj dina pran ,
kaya kaise roi.


taj dina pran,
kaya kaise roi.
kaya hai nirmohi.


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~ काया कैसे रोई तज दिना प्राण ~

तज दिना प्राण ,काया कैसे रोई।
काया है निर्मोई ।।

मैं जाण्यो काया सगं चलेगी ,इण तो काया ने मलमल धोई रे।
तज दिना प्राण ,काया कैसे रोई। टेर। …

तज दिना मन्दिर महल मालिया ,गाय भैंस घर घोङी रे।
घर कि नार बिलखती छोडी ,छोड चल्या वे सारस कि जोड़ी रे।
तज दिना प्राण ,काया कैसे रोई। टेर। …

चार जणा मिल गजी बणाई ,चढ्या काठ की घोड़ी रे।
जाय जंगल में डेरा दिना ,फूंक दिया ज्यों फागुन कि होली रे।
तज दिना प्राण ,काया कैसे रोई। टेर। …

घर कि त्रीया यूँ उठ बोली ,बिछड गई मारी जोड़ी रे।
भवानी नाथ बैरागी बोल्या ,जिन जोड़ी दाता पल माही तोड़ी रे।
तज दिना प्राण ,काया कैसे रोई। टेर। …

तज दिना प्राण ,काया कैसे रोई।
काया है निर्मोई ।।

vishnu kachhawa bhajan lyrics

भजन :- काया कैसे रोई
गायक :- विष्णु कच्छावा
लेबल :- राजस्थानी भजन

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