कालो गणों रुपालो रे गढ़बोरिया वालो रे भजन लिरिक्स | Kalo Gano Rupalo Gadboriya Walo Re Bhajan Lyrics

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कालो गणों रुपालो रे गढ़बोरिया वालो रे भजन लिरिक्स

कालो गणों रुपालो रे गढ़बोरिया वालो रे भजन लिरिक्स Kalo Gano Rupalo Gadboriya Walo Re charbhuja ji bhajan lyrics

।। दोहा ।।
घडी चार फिर रात को, पोढन समय दयाल।
जो थाको दर्शन करे, छीन छीन होत निहाल।


~ चतुर्भुज भाला वालो रे ~

कालो गणों रुपालो रे ,
गढ़बोरिया वालो रे।
श्री चारभुजा रो नाथ ,
चतुर्भुज भाला वालो रे।


शीश पे सोहे मुकुट मनोहर ,
कुण्डल की छवि न्यारी रे।
पिलो पीताम्बर बादामी ओह ,
बागा री हद भारी रे।
झलमल झलमल तुर्रा भलके ,
मने लागे प्यारो रे।
श्री चारभुजा रो नाथ ,
चतुर्भुज भाला वालो रे। टेर। …..


चढ़ी चड़ाऊ आको ही सबही ,
सोना को यो गेणो है।
मन मोहन लाला मुस्काए ,
मन मोहे मीठा नैना रे।
अधर धरी मुख मुरली राजे ,
छैल छोगाला रे।
श्री चारभुजा रो नाथ ,
चतुर्भुज भाला वालो रे। टेर। …..


कड़ा नेवरी कमर कंदोरा ,
पग पायल झाझरिया रे।
ढाल ढलकती हिये कड़कती ,
सोहत है सांवरिया रे।
छड़ी चंवर सर छत्र विराजे ,
लागे वालों रे।
श्री चारभुजा रो नाथ ,
चतुर्भुज भाला वालो रे। टेर। …..


सेज पालकी राम रेवाड़ी ,
चांदी को यो रथड़ो रे।
ग्यारस झूले छैल छोगाला ,
दुनिया दर्शन पावे रे।
थाली मांदल रा बाजा बाजे ,
घणो नखरालो रे।
श्री चारभुजा रो नाथ ,
चतुर्भुज भाला वालो रे। टेर। …..


गणा बिराज्या मंदिर माळिया ,
साला और झरोखा रे।
रंग रंगीला कांच जड़ाया ,
और चित्र अनोखा रे।
सभा भवन सुन्दर दरवाजा ,
बण्यो रूपालो रे।
श्री चारभुजा रो नाथ ,
चतुर्भुज भाला वालो रे। टेर। …..


छैल छोगाला कलयुग माही ,
दिखो थोड़ो झेलो रे।
कहे भैरव सुण भंडार वाला ,
सुणजो म्हारो हेलो रे।
भगता रो भिड़ु भोला को ,
थू राम रूपालो रे।
श्री चारभुजा रो नाथ ,
चतुर्भुज भाला वालो रे। टेर। …..


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charbhuja ji bhajan lyrics

~ Kalo Gano Rupalo Gadboriya Walo ~

kalo gano rupalo re,
gadboriya walo re.
shri charbhuja ro nath,
chaturbhuj bhala walo re.


shish pe sohe mukut manohar,
kundal ki chhavi nyari re.
pilo pitalbar badami oh,
baga ri had bhari re.
jhalmal jhalamal turra bhalake,
mane lage pyaro re.
shri charbhuja ro nath,
chaturbhuj bhala walo re.


chadhi chadau aaoko hi sabahi,
sona ko yo geno hai.
man mohan lala musakay,
man mohe mitha naina re.
adhar dhari mukh murali raje,
chail chogala re.
shri charbhuja ro nath,
chaturbhuj bhala walo re.


kada nevari kamar kandora,
pag payal jhajhariya re.
dhal dhalakati hiye kadakati,
sohat hai sanwariya re.
chadi chanvar sar chatra viraje,
lage walo re.
shri charbhuja ro nath,
chaturbhuj bhala walo re.


sej palaki ram rewadi ,
chandi ko yo rathdo re.
gyaras jhule chaill chogala ,
duniya darsahan pave re.
thali mandal ra baja baje,
ghano nakharalo re.
shri charbhuja ro nath,
chaturbhuj bhala walo re.


gano birajya mandir maliya,
sala or jharokha re.
rang rangila kanch jadaya,
or chitra anokha re.
sabha bhavan sundar darvaja,
banyo rupalo re.
shri charbhuja ro nath,
chaturbhuj bhala walo re.


chail chogala kalyug mahi,
dikho thodo jhelo re.
kahe bhairav sun bhandar wala,
sunjo mharo helo re.
bhagata ro bhidu bhola ko,
thu ram rupalo re.
shri charbhuja ro nath,
chaturbhuj bhala walo re.


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गढ़बोर चारभुजा जी के भजन लिरिक्स

~ कालो गणों रुपालो गढ़बोरिया वालो ~

कालो गणों रुपालो रे ,गढ़बोरिया वालो रे।
श्री चारभुजा रो नाथ ,चतुर्भुज भाला वालो रे।

शीश पे सोहे मुकुट मनोहर ,कुण्डल की छवि न्यारी रे।
पिलो पीताम्बर बादामी ओह ,बागा री हद भारी रे।
झलमल झलमल तुर्रा भलके , मने लागे प्यारो रे।
श्री चारभुजा रो नाथ ,चतुर्भुज भाला वालो रे। टेर। …..

चढ़ी चड़ाऊ आको ही सबही ,सोना को यो गेणो है।
मन मोहन लाला मुस्काए ,मन मोहे मीठा नैना रे।
अधर धरी मुख मुरली राजे ,छैल छोगाला रे।
श्री चारभुजा रो नाथ ,चतुर्भुज भाला वालो रे। टेर। …..

कड़ा नेवरी कमर कंदोरा ,पग पायल झाझरिया रे।
ढाल ढलकती हिये कड़कती ,सोहत है सांवरिया रे।
छड़ी चंवर सर छत्र विराजे ,लागे वालों रे।
श्री चारभुजा रो नाथ ,चतुर्भुज भाला वालो रे। टेर। …..

सेज पालकी राम रेवाड़ी ,चांदी को यो रथड़ो रे।
ग्यारस झूले छैल छोगलो ,दुनिया दर्शन पावे रे।
थाली मांदल रा बाजा बाजे ,घणो नखरालो रे।
श्री चारभुजा रो नाथ ,चतुर्भुज भाला वालो रे। टेर। …..

गणा बिराज्या मंदिर माळिया ,साला और झरोखा रे।
रंग रंगीला कांच जड़ाया ,और चित्र अनोखा रे।
सभा भवन सुन्दर दरवाजा ,बण्यो रूपालो रे।
श्री चारभुजा रो नाथ ,चतुर्भुज भाला वालो रे। टेर। …..

छैल छोगाला कलयुग माही ,दिखो थोड़ो झेलो रे।
कहे भैरव सुण भंडार वाला ,सुणजो म्हारो हेलो रे।
भगता रो भिड़ु भोला को ,थू राम रूपालो रे।
श्री चारभुजा रो नाथ ,चतुर्भुज भाला वालो रे। टेर। …..

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भजन :- कालो गणो रूपालो
गायक :- लेहरू दास वैष्णव
लेबल :- राजस्थानी भजन

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