मै हूं पूर्ण ब्रह्म अनादि भजन लिरिक्स | Me Hu Purn Brahma Anadi Bhajan Lyrics

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मै हूं पूर्ण ब्रह्म अनादि भजन लिरिक्स

मै हूं पूर्ण ब्रह्म अनादि भजन लिरिक्स Me Hu Purn Brahma Anadi new marwadi chetawani bhajan

।। दोहा ।।
कबीरा खड़ा बाजार में, सब की मांगे खेर।
ना कहु से दोस्ती और ना कहु से बेर।


~ में हु पूर्ण ब्रह्मा अनादी ~

आदि अंत होवे नहीं मेरा ,
सतगुरु सेन बतादि।
में हु पूर्ण ब्रह्मा अनादि। टेर। …


जन्मे मरे सो धर्म देह का ,
यह स्थूल उपाधि।
भूख प्यास प्राणो का धर्म है ,
यह मुझमे नहीं लादी।
में हु पूर्ण ब्रह्मा अनादि। टेर। …


हर्ष शोक मन ही का धर्म है ,
में तो दूर भगादी।
कर्ता भोक्ता चिदाभास ये ,
आफ़द उसको लगादी।
में हु पूर्ण ब्रह्मा अनादि। टेर। …


इस जीव के लगी उपाधि ,
माया अविद्या आदि।
शेष रहा सो में शुद्ध चेतन ,
मुझ में कुछ नहीं व्यादि।
में हु पूर्ण ब्रह्मा अनादि। टेर। …


कल्याण भारतीजी समर्थ मिलिया ,
असल सार समझादी।
परमानन्द निजरूप निरख के ,
सारी तर्क हटादि।
में हु पूर्ण ब्रह्मा अनादि। टेर। …


जरुरु पढ़े :- साधु भाई आनंद रूप में सवाया

जरुरु पढ़े :- साधु भाई ऐसा देश हमारा 

new marwadi chetawani bhajan lyrics

~ Me Hu Purn Brahma Anadi ~

aadi ant hove nhi mera,
satguru sain batadi.
me hu purn brahma anadi…..


janme mare so dharm deh ka,
yah sthul upadhi.
bhukh pyas prano ka dharm hai,
yah mujhme nhi ladi.
me hu purn brahma anadi…..


harsh shok man hi ka dharm hai,
me to dur bhagadi.
karta bhokta chidabhas ye,
aafad usko lagadi.
me hu purn brahma anadi…..


is jeev ke lagi upadhi ,
maya avidhya aadi.
shish raha so me shudhdh chetan,
mujh me kuch nhi vyadi.
me hu puran brahma anadi…..


kalyan bhartiji samrtha miliya,
asal saar samjhadi.
parmanand nijrup nirakh ke,
sari tark hatadi.
mai hu purn brahma anadi…..


जरुरु पढ़े :- मैय्या तूने जुलम कर डाला

जरुरु पढ़े :- साधु भाई परम ब्रह्मा गुरुदेवा 

निर्गुणी भजन लिरिक्स इन हिंदी

~ में हु पूर्ण ब्रह्मा अनादी ~

आदि अंत होवे नहीं मेरा ,सतगुरु सेन बतादि।
में हु पूर्ण ब्रह्मा अनादि। टेर। …

जन्मे मरे सो धर्म देह का ,यह स्थूल उपाधि।
भूख प्यास प्राणो का धर्म है ,यह मुझमे नहीं लादी।
में हु पूर्ण ब्रह्मा अनादि। टेर। …

हर्ष शोक मन ही का धर्म है ,में तो दूर भगादी।
कर्ता भोक्ता चिदाभास ये ,आफ़द उसको लगादी।
में हु पूर्ण ब्रह्मा अनादि। टेर। …

इस जीव के लगी उपाधि ,माया अविद्या आदि।
शेष रहा सो में शुद्ध चेतन ,मुझ में कुछ नहीं व्यादि।
में हु पूर्ण ब्रह्मा अनादि। टेर। …

कल्याण भारतीजी समर्थ मिलिया ,असल सार समझादी।
परमानन्द निजरूप निरख के ,सारी तर्क हटादि।
में हु पूर्ण ब्रह्मा अनादि। टेर। …

महावीर सिंह के भजन

भजन :- में हु पूर्ण ब्रह्मा अनादि
गायक :- महावीर सिंह
लेबल :- राजस्थानी भजन

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