साधु भाई ज्ञान घटा झुक आया भजन लिरिक्स | Sadhu Bhai Gyan Ghata Jhuk Aaya Bhajan Lyrics

1809

साधु भाई ज्ञान घटा झुक आया भजन लिरिक्स

साधु भाई ज्ञान घटा झुक आया भजन लिरिक्स, Sadhu Bhai Gyan Ghata Jhuk Aaya marwadi desi nirguni bhajan lyrics

।। दोहा ।।
माया मरी न मन मरा, मर मर गया शरीर।
आशा तृष्णा ना मरी, कह गये दास कबीर॥


~ ज्ञान घटा झुक आया ~

भरम करम व्यापे नहीं कबहुँ ,
गुरु से गुरु गम पाया।
साधु भाई ज्ञान घटा झुक आया।


बादल बीज बिना नित बरसे ,
स्वाति बून्द झड़ लाया।
धरण गगण बिच अमृत भरिया ,
सो रस गूंगे पाया।
साधु भाई ज्ञान घटा झुक आया। टेर। ..


पीवत प्राण परम सुख पाया ,
जरा मरण नहीं आया।
अमर देश में आसण किया ,
अटल वृक्ष की छाया।
साधु भाई ज्ञान घटा झुक आया। टेर। ..


अटल अभंगी सबका संगी ,
नहीं सरबंगकु जाया।
अविगत अलख खलक माहि दरसे ,
गुरुमुख ज्ञानी पाया।
साधु भाई ज्ञान घटा झुक आया। टेर। ..


झिगमिग डीप जुगत में दरसे ,
सतगुरु मोह समझाया।
कहे बनानाथ ब्रह्मा की बाता ,
भेद बिन भय खाया।
साधु भाई ज्ञान घटा झुक आया। टेर। ..


जरूर देखे :- साधु भाई में मेरो मन समझायो

जरूर देखे :- मारा भेरू खजुरिया वाला वो

marwadi desi nirguni bhajan lyrics

~ Sadhu Bhai Gyan Ghata Jhuk Aaya ~

bharam karam vyape nhi kabahu,
guru se guru gam paya.
sadhu bhai gyan ghata jhuk aaya.


badal bij bina nit barse,
swati bund jhad laya.
dharan gagan bich amrit bhariya,
so ras gunge paya.
sadhu bhai gyan ghata jhuk aaya.


pivat pran param sukh paya,
jara maran nhi aaya.
amar desh me aasan kiya,
atal vriksh ki chaya.
sadhu bhai gyan ghata jhuk aaya.


atal abhangi sabka sangi,
nhi sarbangku jaya.
avigat alakh khalak mahi darse,
gurumukh gyani paya.
sadho bhai gyan ghata jhuk aaya.


jhigmig deep jugat me darse,
satguru moh samjhaya.
kahe bannanath brahma ki bata,
bhed bin bhay khaya.
sadho bhai gyan ghata jhuk aaya.


जरूर देखे :- साधु भाई यु भुला जग सारा

जरूर देखे :- साधु भाई मेरा देश अवचल रे

पुराने देसी निर्गुणी भजन लिरिक्स

~ साधु भाई ज्ञान घटा झुक आया ~

भरम करम व्यापे नहीं कबहुँ ,गुरु से गुरु गम पाया।
साधु भाई ज्ञान घटा झुक आया।

बादल बीज बिना नित बरसे ,स्वाति बून्द झड़ लाया।
धरण गगण बिच अमृत भरिया ,सो रस गूंगे पाया।
साधु भाई ज्ञान घटा झुक आया। टेर। ..

पीवत प्राण परम सुख पाया ,जरा मरण नहीं आया।
अमर देश में आसण किया ,अटल वृक्ष की छाया।
साधु भाई ज्ञान घटा झुक आया। टेर। ..

अटल अभंगी सबका संगी ,नहीं सरबंगकु जाया।
अविगत अलख खलक माहि दरसे ,गुरुमुख ज्ञानी पाया।
साधु भाई ज्ञान घटा झुक आया। टेर। ..

झिगमिग डीप जुगत में दरसे ,सतगुरु मोह समझाया।
कहे बनानाथ ब्रह्मा की बाता ,भेद बिन भय खाया।
साधु भाई ज्ञान घटा झुक आया। टेर। ..

mohan ji malkhat bhajan

भजन :- ज्ञान घटा झुक आया
गायक :- मोहन जी मलखट
लेबल :- राजस्थानी भजन

जरूर देखे :- चेतन अखण्ड अपारा

जरूर देखे :- साधु भाई सतगुरु सेन बताई 

पिछला लेखसाधु भाई में मेरो मन समझायो भजन लिरिक्स | Sadhu Bhai Me Maro Man Samjhayo Bhajan Lyrics
अगला लेखसाधु भाई परम ब्रह्मा गुरुदेवा भजन लिरिक्स | Sadhu Bhai Param Brahma Gurudeva Bhajan Lyrics

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

4 × three =