साधु भाई में मेरो मन समझायो भजन लिरिक्स | Sadhu Bhai Me Maro Man Samjhayo Bhajan Lyrics

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साधु भाई में मेरो मन समझायो भजन लिरिक्स

साधु भाई में मेरो मन समझायो भजन लिरिक्स, Sadhu Bhai Me Maro Man Samjhayo marwadi desi nirguni bhajan lyrics

।। दोहा ।।
कबीर माया मोहिनी, जैसी मीठी खांड।
सतगुरु की किरपा भई, नहीं तौ करती भांड॥


~ में मेरो मन समझायो ~

वाद विवाद देख दुनिया में ,
सिमट एक घर आयो।
साधु भाई में मेरो मन समझायो।


मुख्य सिद्धांत लखे नहीं कोई ,
जगत करे मन चायो।
देहि में देव देवरा ढूंढे ,
भटकत जनम गमायो।
साधु भाई में मेरो मन समझायो। टेर। …


जैसे स्वान देख दर्पण में ,
भुस भुस कर दुःख पायो।
ऐसे ही भर्म भयो जग सारो ,
निज स्वरुप भुलायो।
साधु भाई में मेरो मन समझायो। टेर। …


जैसे भूप स्वप्न के माहि ,
महा भिखारी थायो।
जागत रूप लख्यो जब अपनों ,
पुनि वह भूप कहायो।
साधु भाई में मेरो मन समझायो। टेर। …


यो संसार स्वप्न मिथ्या ,
मनो मात्र बतलायो।
मन अभाव फिर जगत कहा है ,
अपनों आप रहायो।
साधु भाई में मेरो मन समझायो। टेर। …


रामभारती जी समर्थ मिलिया ,
तत्वमूल दर्शायो।
कल्याण भारती मगन भया है ,
गुरुगम से घर पायो।
साधु भाई में मेरो मन समझायो। टेर। …


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marwadi desi nirguni bhajan lyrics

~ Me Maro Man Samjhayo ~

vad vivad dekh duniya me,
simat ek ghar aayo.
sadhu bhai me mero man samjhayo.


mukhy sidhdhant lakhe nhi koi,
jagat kare man chayo.
dehi me dev devra dhundhe,
bhatakat janam gamayo.
sadhu bhai me mero man samjhayo.


jaise swan dekh darpan me,
bhus bhus kar dukh payo.
aise hi bharm jag saro,
nij swarup bhulayo.
sadhu bhai me mero man samjhayo.


jaise bhup swapan ke mahi,
maha bhikhari thayo.
jagat rup lakhyo jab apno,
puni vah bhup kahayo.
sadhu bhai me mero man samjhayo.


you sansar swapan mithya,
mano matra batlayo.
man abhav fir jagat kaha hai,
apno aap rahayo.
sadhu bhai me mero man samjhayo.


ram bharati ji samarth miliya,
tatav mul darshaya.
kalyan bharati magan bhaya hai ,
gurugam se ghar payo.
sadhu bhai me mero man samjhayo.


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~ में मेरो मन समझायो ~

वाद विवाद देख दुनिया में ,सिमट एक घर आयो।
साधु भाई में मेरो मन समझायो।

मुख्य सिद्धांत लखे नहीं कोई ,जगत करे मन चायो।
देहि में देव देवरा ढूंढे ,भटकत जनम गमायो।
साधु भाई में मेरो मन समझायो। टेर। …

जैसे स्वान देख दर्पण में ,भुस भुस कर दुःख पायो।
ऐसे ही भर्म भयो जग सारो ,निज स्वरुप भुलायो।
साधु भाई में मेरो मन समझायो। टेर। …

जैसे भूप स्वप्न के माहि ,महा भिखारी थायो।
जागत रूप लख्यो जब अपनों ,पुनि वह भूप कहायो।
साधु भाई में मेरो मन समझायो। टेर। …

यो संसार स्वप्न मिथ्या ,मनो मात्र बतलायो।
मन अभाव फिर जगत कहा है ,अपनों आप रहायो।
साधु भाई में मेरो मन समझायो। टेर। …

रामभारती जी समर्थ मिलिया ,तत्वमूल दर्शायो।
कल्याण भारती मगन भया है ,गुरुगम से घर पायो।
साधु भाई में मेरो मन समझायो। टेर। …

भजन :- में मेरो मन समझायो
लेबल :- राजस्थानी भजन

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