साधु भाई मेरा देश अवचल रे भजन लिरिक्स | Sadhu Bhai Mera Desh Avachal Re Bhajan Lyrics

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साधु भाई मेरा देश अवचल रे भजन लिरिक्स

साधु भाई मेरा देश अवचल रे भजन लिरिक्स, Sadhu Bhai Mera Desh Avachal Re Desi Chetavani Nirguni Bhajan Lyrics

।। दोहा ।।
गुरु आज्ञा मानै नहीं, चलै अटपटी चाल।
लोक वेद दोनों गए, आए सिर पर काल॥


~ मेरा देश अवचल रे ~

ब्रह्मा विष्णु महेश्वर देवा ,
सब ही गावे गुण रे।
साधु भाई मेरा देश अवचल रे।


सूक्ष्म वेद अनूप अलौकिक ,
विरला लेत खबर रे।
यह पद पाय अखे घर पुगा ,
उण घर रहु निडर रे।
साधु भाई मेरा देश अवचल रे। टेर। …


अमर अकर्ता है अविनाशी ,
पूर्ण सदा अजर रे।
अगम निगम कह शाखा उनकी ,
निरालम्ब अधर रे।
साधु भाई मेरा देश अवचल रे। टेर। …


वेद पुराण शास्त्र गीता ,
बावन अक्षर पर रे।
बेगम धाम राम नहीं रहीमा ,
रहता देव जबर रे।
साधु भाई मेरा देश अवचल रे। टेर। …


लक्मणगिरी गुरु अमर अखन्डी ,
दिनी सेन सधर रे।
मंगलगिरि निज मेहरम खोजी ,
अन अक्षर परधिर रे।
साधु भाई मेरा देश अवचल रे। टेर। …


जरूर देखे :- चेतन अखण्ड अपारा

जरूर देखे :- साधु भाई सतगुरु सेन बताई 

Desi Chetavani Nirguni Bhajan Lyrics

~ Sadhu Bhai Mera Desh Avachal Re ~

Brahma vishnu maheshwar deva,
sab hi gave gun re.
sadhu bhai mera desh avachal re.


suksh ved anup alokik,
virla let khabar re.
yah pad paay akhe ghar puga,
un ghar rahu nidar re.
sadhu bhai mera desh avachal re.


amar akarta hai avinashi,
purn sada ajar re.
agam nigam kah shakha unki,
niralamb adhar re.
sadhu bhai mera desh avachal re.


ved puran shastra geeta,
bavan akashar par re.
begam dham ram nhi rahima,
rahta dev jabar re.
sadho bhai mera desh avachal re.


laxmangiri guru amar akhandi,
dini sen sadhar re.
mangalgiri nij mehram khoji,
an akashar pardhir re.
sadho bhai mera desh avachal re.


जरूर देखे :- अब हम गुरु गम आतम चिना

जरूर देखे :- साधु भाई सतगुरु भेद बताया

देसी चेतावनी निर्गुणी भजन लिरिक्स

~ साधु भाई मेरा देश अवचल रे ~

ब्रह्मा विष्णु महेश्वर देवा ,सब ही गावे गुण रे।
साधु भाई मेरा देश अवचल रे।

सूक्ष्म वेद अनूप अलौकिक ,विरला लेत खबर रे।
यह पद पाय अखे घर पुगा ,उण घर रहु निडर रे।
साधु भाई मेरा देश अवचल रे। टेर। …

अमर अकर्ता है अविनाशी ,पूर्ण सदा अजर रे।
अगम निगम कह शाखा उनकी ,निरालम्ब अधर रे।
साधु भाई मेरा देश अवचल रे। टेर। …

वेद पुराण शास्त्र गीता ,बावन अक्षर पर रे।
बेगम धाम राम नहीं रहीमा ,रहता देव जबर रे।
साधु भाई मेरा देश अवचल रे। टेर। …

लक्मणगिरी गुरु अमर अखन्डी ,दिनी सेन सधर रे।
मंगलगिरि निज मेहरम खोजी ,अन अक्षर परधिर रे।
साधु भाई मेरा देश अवचल रे। टेर। …

भजन :- मेरा देश अवचल रे
लेबल :- राजस्थानी भजन

जरूर देखे :- साधु भाई खेलो गुरु गम ऐड़ो

जरूर देखे :- साधु भाई इस विध सन्त चढ़ेलो

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