सतगुरु अविगत भेद बताया भजन लिरिक्स | Satguru Avigat Bhed Bataya Bhajan Lyrics

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सतगुरु अविगत भेद बताया भजन लिरिक्स

सतगुरु अविगत भेद बताया भजन लिरिक्स, Satguru Avigat Bhed Bataya Satguru Nirguni Bhajan Lyrics

।। दोहा ।।
संत बड़े परमारथी, शीतल ज्यारा अंग।
तपत बुझावे और की, दे दे भक्ति रंग।


~ अविगत भेद बताया ~

तार न टूटे कबहुँ न छूटे ,
मेहर करी जब पाया।
सतगुरु अविगत भेद बताया।


तन मन तार लगी त्रिवेणी ,
ईडा पिंगला धाया।
पांच उलट मिली आतमसु ,
प्रेम पियाला पाया।
सतगुरु अविगत भेद बताया। टेर। ..


सुरता नारी सन्मुख प्यारी ,
ज्ञान घटा झुक आया।
प्रसस्था पीव प्रेम सुन वासी ,
अनहद राग सुनाया।
सतगुरु अविगत भेद बताया। टेर। ..


अनभे वाणी राग अगम री ,
जाणी आदि अनादि पाया।
पूरण भाग मिल्यो रे अविनाशी ,
भरम करम नहीं काया।
सतगुरु अविगत भेद बताया। टेर। ..


जियाराम मिल्या गुरु पूरा ,
जम जालम समझाया।
कहे बनानाथ सुणो भाई साधु ,
अमर पट्टा ले आया।
गुरासा अविगत भेद बताया। टेर। ..


जरूर देखे :- ऐसा मेरा सतगुरु खेल रचाया

जरूर देखे :- मनवा चेतन रहो मेरा भाई

Satguru Nirguni Bhajan Lyrics Hindi

~ Satguru Avigat Bhed Bataya ~

tar ne tute kabhu ne chute,
mehar kari jab paya.
dhinguru avigat bhed bataya.


tan man tar lagi triveni,
ida pingla dhaya.
panch ulat mili aatamsu,
prem piyala paya.
gurasa avigat bhed bataya.


surta nari sanmukh pyari,
gyan ghat jhuk aaya.
prasastha piv prem sun vasi,
anhad rag sunaya.
gurasa avigat bhed bataya.


anbhe vani rag agam ri,
jani aadi anadi paya.
puran bhag milyo re avinashi,
bharam karam nhi kaya.
gurasa avigat bhed bataya.


jiyaram milya guru pura,
jam jalam samjhaya .
kahe bannanath suno bhai sadhu,
amar patta le aaya.
gurasa avigat bhed bataya.


जरूर देखे :- हंसला चेत चलो मेरा भाई

जरूर देखे :- साधु भाई ऐवी होली मनाई

सतगुरु महिमा निर्गुणी भजन लिरिक्स

~ सतगुरु अविगत भेद बताया ~

तार न टूटे कबहुँ न छूटे ,मेहर करी जब पाया।
सतगुरु अविगत भेद बताया।

तन मन तार लगी त्रिवेणी ,ईडा पिंगला धाया।
पांच उलट मिली आतमसु ,प्रेम पियाला पाया।
सतगुरु अविगत भेद बताया। टेर। ..

सुरता नारी सन्मुख प्यारी ,ज्ञान घटा झुक आया।
प्रसस्था पीव प्रेम सुन वासी ,अनहद राग सुनाया।
सतगुरु अविगत भेद बताया। टेर। ..

अनभे वाणी राग अगम री ,जाणी आदि अनादि पाया।
पूरण भाग मिल्यो रे अविनाशी ,भरम करम नहीं काया।
सतगुरु अविगत भेद बताया। टेर। ..

जियाराम मिल्या गुरु पूरा ,जम जालम समझाया।
कहे बनानाथ सुणो भाई साधु ,अमर पट्टा ले आया।
गुरासा अविगत भेद बताया। टेर। ..

lalit prajapat ke bhajan

भजन :- धिनगुरु अविगत भेद बताया
गायक :- ललित प्रजापत
लेबल :- राजस्थानी भजन

जरूर देखे :- संता केवु भजन वालो खाको

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