साधु भाई सत्संग बाग लगाया भजन लिरिक्स | Sadhu Bhai Satsang Baag Lagaya Bhajan Lyrics

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साधु भाई सत्संग बाग लगाया भजन लिरिक्स

साधु भाई सत्संग बाग लगाया भजन लिरिक्स, Sadhu Bhai Satsang Baag Lagaya nirguni bhajan lyrics

।। दोहा ।।
गुरु समान दाता नहीं, याचक सीष समान।
तीन लोक की सम्पदा, सो गुरु दिन्ही दान॥


~ सतसंग बाग़ लगाया ~

सत शब्द रा फूल खिले है ,
सोहम सुगंध समाया।
साधु भाई सतसंग बाग़ लगाया।


ह्रदय रूपी खेत बनाया ,
ज्ञान रा बीज बो आया।
श्रद्धा प्रेम रा नीर पिलाया ,
दिन दिन बढ़त सवाया।
साधु भाई सतसंग बाग़ लगाया। टेर। …


मन माली को राखिया रूखाळी ,
सुरता शब्द पिरोया।
काम क्रोध रा शत्रु मेटिया ,
निर्भय रा फल खाया।
साधु भाई सतसंग बाग़ लगाया। टेर। …


निश दिन आनंद होवे बाग़ में ,
गुरु गम झूला झुलाया।
सोऽहं सब्द रा लागे झकोला ,
हिर्दय आनंद पाया।
साधु भाई सतसंग बाग़ लगाया। टेर। …


गणपतरामजी तो सतगुरु मिलिया ,
साँचा बाग लगाया।
भीखाराम तो हुआ दीवाना ,
बागा में मौज मनाया।
साधु भाई सतसंग बाग़ लगाया। टेर। …


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nirguni bhajan lyrics in hindi

~ Sadhu Bhai Satsang Baag Lagaya ~

sat shabd ra ful khile hai,
soham sugandh samaya.
sadhu bhai satsang bag lagaya.


harday rupi khet banaya,
gyan ra bij bo aaya.
shrdhdha prem ra neer pilaya,
din din badhat savaya.
sadhu bhai satsang bag lagaya.


man mali ko rakhiya rukhali,
surta shabad piroya.
kam krodh ra shatru metiya,
nirbhay ra fal khaya.
sadhu bhai satsang bag lagaya.


nish din aanand hove bag me,
guru gam jhula jhulaya.
soham shabad ra lage jhakola,
hirday aanand paya.
sadhu bhai satsang bag lagaya.


ganpatramji to satguru miliya,
sancha bag lagaya.
bhikharam to hua diwana,
baga me moj manaya.
sadhu bhai satsang bag lagaya.


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निर्गुणी भजन लिरिक्स इन हिंदी

~ साधु भाई सत्संग बाग लगाया ~

सत शब्द रा फूल खिले है ,सोहम सुगंध समाया।
साधु भाई सतसंग बाग़ लगाया।

ह्रदय रूपी खेत बनाया ,ज्ञान रा बीज बो आया।
श्रद्धा प्रेम रा नीर पिलाया ,दिन दिन बढ़त सवाया।
साधु भाई सतसंग बाग़ लगाया। टेर। …

मन माली को राखिया रूखाळी ,सुरता शब्द पिरोया।
काम क्रोध रा शत्रु मेटिया ,निर्भय रा फल खाया।
साधु भाई सतसंग बाग़ लगाया। टेर। …

निश दिन आनंद होवे बाग़ में ,गुरु गम झूला झुलाया।
सोऽहं सब्द रा लागे झकोला ,हिर्दय आनंद पाया।
साधु भाई सतसंग बाग़ लगाया। टेर। …

गणपतरामजी तो सतगुरु मिलिया ,साँचा बाग लगाया।
भीखाराम तो हुआ दीवाना ,बागा में मौज मनाया।
साधु भाई सतसंग बाग़ लगाया। टेर। …

dhanraj joshi ke bhajan

भजन :- साधु भाई सतसंग बाग़ लगाया
गायक :- धनराज जोशी
लेबल :- राजस्थानी भजन

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