साधो भाई सत्संग भाव समाई भजन लिरिक्स | Sadhu Bhai Satsang Bhav Samai Bhajan Lyrics

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साधो भाई सत्संग भाव समाई भजन लिरिक्स

साधो भाई सत्संग भाव समाई भजन लिरिक्स, Sadhu Bhai Satsang Bhav Samai satguru mahima bhajan lyrics

।। दोहा ।।
यह तन विष की बेलरी, गुरु अमृत की खान।
सीस दिये जो गुरु मिलै, तो भी सस्ता जान॥


~ सतसंग भाव समाई ~

करम भरम का खटका मिट्या ,
ज्ञान री जोत जगाई।
साधो भाई सतसंग भाव समाई।


मेहर करी सतगुरु दाता ,
सतसंग लगन लगाई।
विषय वासना मन की मेटि ,
काम क्रोध अब नाई।
साधो भाई सतसंग भाव समाई। टेर। …


सत वचन रा श्रवण करता ,
करमा रो बोझ हटाई।
हुआ विचार भया प्रकाशा ,
अपनों रूप दिखाई।
साधो भाई सतसंग भाव समाई। टेर। …


सत चित आनंद रूप है मेरा ,
द्वैत नजर नहीं आई।
कर्त्ता करम से में हु न्यारा ,
ब्रह्मा रूप सदाई।
साधो भाई सतसंग भाव समाई। टेर। …


गणपतराम सतगुरु देवा ,
साँची सेन लखाई।
मिसराराम कहे भाई साधो ,
अब कुछ धोखा नाई।
साधो भाई सतसंग भाव समाई। टेर। …


जरूर देखे :- साधु भाई सतसंग सत जाणी

जरूर देखे :- मन रे सत्संग आनंद पाई

satguru mahima bhajan lyrics

~ Sadhu Bhai Satsang Bhav Samai ~

karam bharam ka khatka mitya,
gyan ri jot jagai.
sadhu bhai satsang bhav samai.


mehar kari satguru data,
satsang lagan lagai.
vishay vasna man ki meti,
kam krodh ab nai.
sadhu bhai satsang bhav samai.


sat vachan ra shravan karta,
karma ro bojh hatai.
hua vichar bhaya prakasha,
apno rup dikhai.
sadhu bhai satsang bhav samai.


sat chit aanand rup hai mera,
dwet najar nhi aai.
karta karam se me hu nyara,
brahma rup sadai.
sadhO bhai satsang bhav samai.


ganpatram satguru deva,
sanchi sen lakhai.
misraram kahe bhai sadho,
ab kuch dhokha naai.
sadhO bhai satsang bhav samai.


जरूर देखे :- हरिजी म्हारी सुण लीजो अभिलाषा

जरूर देखे :- मन रे गुरु वचना में रहणा

गुरु महिमा सत्संग भजन लिरिक्स

~ साधो भाई सत्संग भाव समाई ~

करम भरम का खटका मिट्या ,ज्ञान री जोत जगाई।
साधो भाई सतसंग भाव समाई।

मेहर करी सतगुरु दाता ,सतसंग लगन लगाई।
विषय वासना मन की मेटि ,काम क्रोध अब नाई।
साधो भाई सतसंग भाव समाई। टेर। …

सत वचन रा श्रवण करता ,करमा रो बोझ हटाई।
हुआ विचार भया प्रकाशा ,अपनों रूप दिखाई।
साधो भाई सतसंग भाव समाई। टेर। …

सत चित आनंद रूप है मेरा ,द्वैत नजर नहीं आई।
कर्त्ता करम से में हु न्यारा ,ब्रह्मा रूप सदाई।
साधो भाई सतसंग भाव समाई। टेर। …

गणपतराम सतगुरु देवा ,साँची सेन लखाई।
मिसराराम कहे भाई साधो ,अब कुछ धोखा नाई।
साधो भाई सतसंग भाव समाई। टेर। …

भजन :- सतसंग भाव समाई
लेबल :- राजस्थानी भजन

जरूर देखे :- मन रे राम अपने माई 

जरूर देखे :- मन तू राम सिमर लो भाई

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