मन रे सत्संग आनंद पाई भजन लिरिक्स | Man Re Satsang Aanand Paai Bhajan Lyrics

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मन रे सत्संग आनंद पाई भजन लिरिक्स

मन रे सत्संग आनंद पाई भजन लिरिक्स, Man Re Satsang Aanand Paai guru mahima nirguni bhajan lyrics

।। दोहा ।।
आछे दिन पाछे गए, गुरु सों किया न हेत।
अब पछतावा क्या करै, चिड़ियाँ चुग गईं खेत॥


~ मन रे सत्संग आनंद पाई ~

विषय वासना छोड़ो आपणी ,
राम नाम गुण गाई।
मन रे सत्संग आनंद पाई।


प्रेम पदारथ मिले सत्संग में ,
भाग भला सो पाई।
होई मगन प्रेम रस पीवे ,
और विषय नहीं चाई।
मन रे सत्संग आनंद पाई। टेर। ..


मिनखा तन अमोलक मिलियो ,
वीरथा मत ना खोई।
मुक्ति द्वार है इन माहि ,
बाहर भटके काई।
मन रे सत्संग आनंद पाई। टेर। ..


गुरूजी का वचन हिरदे धरले ,
निर्भय कर दे ताई।
काल जाल का खटका मिटजे ,
सत्त में जाई समाई।
मन रे सत्संग आनंद पाई। टेर। ..


आतमराम सब घट दरसे ,
मिथ्या दरसे नाई।
बागाराम करो नित सतसंग ,
नित्य मुक्त हो जाई।
मन रे सत्संग आनंद पाई। टेर। ..


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guru mahima nirguni bhajan lyrics

~ Man Re Satsang Aanand Paai ~

vishay vashana chodo aapni,
ram naam gun gaai.
man re satsang aanand paai.


prem padarath mile satsang me,
bhag bhala so paai.
hoi manan prem ras pive,
or vishay nhi chaai.
man re satsang aanand paai.


minakha tan amolak miliyo,
virtha mat na khoi.
mukti dwar hai in mahi,
bahar bhatke kaai.
man re satsang aanand paai.


guruji vachan hirde dharle,
nirbhay kar de taai.
kal jaal ka khatka mitje,
satt me jaai samai.
man re satsang aanand pai.


aatamram sab ghat darse,
mithya darse naai.
bagaram karo nit satsang,
nitye mukt ho jaai.
man re satsang aanand pai.


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~ मन रे सत्संग आनंद पाई ~

विषय वासना छोड़ो आपणी ,राम नाम गुण गाई।
मन रे सत्संग आनंद पाई।

प्रेम पदारथ मिले सत्संग में ,भाग भला सो पाई।
होई मगन प्रेम रस पीवे ,और विषय नहीं चाई।
मन रे सत्संग आनंद पाई। टेर। ..

मिनखा तन अमोलक मिलियो ,वीरथा मत ना खोई।
मुक्ति द्वार है इन माहि ,बाहर भटके काई।
मन रे सत्संग आनंद पाई। टेर। ..

गुरूजी का वचन हिरदे धरले ,निर्भय कर दे ताई।
काल जाल का खटका मिटजे ,सत्त में जाई समाई।
मन रे सत्संग आनंद पाई। टेर। ..

आतमराम सब घट दरसे ,मिथ्या दरसे नाई।
बागाराम करो नित सतसंग ,नित्य मुक्त हो जाई।
मन रे सत्संग आनंद पाई। टेर। ..

भजन :- मन रे सत्संग आनंद पाई
लेबल :- राजस्थानी भजन

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