साधु भाई गुरु मिल्या उपकारी भजन लिरिक्स | Sadhu bhai Guru Milya Upkari Bhajan Lyrics

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साधु भाई गुरु मिल्या उपकारी भजन लिरिक्स

साधु भाई गुरु मिल्या उपकारी भजन लिरिक्स, Sadhu bhai Guru Milya Upkari satguru nirguni bhajan lyrics

।। दोहा ।।
चलती चक्की देख के, दिया कबीरा रोय।
दो पठान के बिच में, साबुत बचा ना कोय।


~ गुरु मिल्या उपकारी ~

ज्ञान सुण भया मतवारा ,
दुविधा मिटगी सारी।
साधु भाई गुरु मिल्या उपकारी।


सत असत का भेद समझाया ,
सोह शब्द उचारी।
प्रेम मगन भया मन मेरा ,
मेहर करी हद भारी।
साधु भाई गुरु मिल्या उपकारी। टेर। ….


रज विरज की देह बतायी ,
जो है सदा विकारी।
तत्व ज्ञान का बोध कराया ,
दिया भ्रम निवारी।
साधु भाई गुरु मिल्या उपकारी। टेर। ….


आप स्वयं और नहीं दूजा ,
द्वैत नहीं विचारी।
आद पुरुष की ओलख करता ,
लख चौरासी टारी।
साधु भाई गुरु मिल्या उपकारी। टेर। ….


गणपतराम गुरु मिल्या पूरा ,
शंका मेटी मारी।
भलाराम तो निश्चय किना ,
फिर देह नहीं धारी।
साधु भाई गुरु मिल्या उपकारी। टेर। ….


जरूर देखे :- आज मारो भाग जागो दिया दर्शन आय

जरूर देखे :-  सतगुरु आवो मारे आंगणिये

satguru nirguni bhajan lyrics in hindi

~ Sadhu bhai Guru Milya Upkari ~

gyan sun bhaya matwara,
duvidha mitagi sari.
sadhu bhai guru milya upkari.


sat asat ka bhed samjhaya,
soh shabad uchari.
prem magan bhaya man mera,
mehar kari had bhari.
sadhu bhai guru milya upkari.


raj viraj ki deh batayi,
jo hai sada vikari.
tatv gyan ka bodh karaya,
diya bharam nivari.
sadhu bhai guru milya upkari.


aap swaym or nhi duja,
dwet nhi vichari.
aad purush ki olakh karta,
lakh chourasi tari.
sadhu bhai guru milya upkari.


ganpatram guru milya pura,
shanka meti mari.
bhalaram to nishchay kina,
fir deh nhi dhari.
sadhu bhai guru milya upkari.


गुरु महिमा भजन लिरिक्स

~ साधु भाई गुरु मिल्या उपकारी ~

ज्ञान सुण भया मतवारा ,दुविधा मिटगी सारी।
साधु भाई गुरु मिल्या उपकारी।

सत असत का भेद समझाया ,सोह शब्द उचारी।
प्रेम मगन भया मन मेरा ,मेहर करी हद भारी।
साधु भाई गुरु मिल्या उपकारी। टेर। ….

रज विरज की देह बतायी ,जो है सदा विकारी।
तत्व ज्ञान का बोध कराया ,दिया भ्रम निवारी।
साधु भाई गुरु मिल्या उपकारी। टेर। ….

आप स्वयं और नहीं दूजा ,द्वैत नहीं विचारी।
आद पुरुष की ओलख करता ,लख चौरासी टारी।
साधु भाई गुरु मिल्या उपकारी। टेर। ….

गणपतराम गुरु मिल्या पूरा ,शंका मेटी मारी।
भलाराम तो निश्चय किना ,फिर देह नहीं धारी।
साधु भाई गुरु मिल्या उपकारी। टेर। ….

भजन :- गुरु मिल्या उपकारी
लेबल :- राजस्थानी भजन

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