भाग ज्यांरे संत पावणा आवे भजन लिरिक्स | Bhag Jyore Sant Pawna Aave Bhajan Lyrics

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भाग ज्यांरे संत पावणा आवे भजन लिरिक्स

भाग ज्यांरे संत पावणा आवे भजन लिरिक्स, Bhag Jyore Sant Pawna Aave satguru nirguni bhajan lyrics

।। दोहा ।।
गुरु आज्ञा मानै नहीं, चलै अटपटी चाल।
लोक वेद दोनों गए, आए सिर पर काल॥


~ संत पावणा आवे ~

भाग ज्याके संत पावणा आवे।
द्वार कथा सत्संग तो करके ,
रिलमिल मंगला गावे।
भाग ज्याके संत पावणा आवे।


प्रथम लाभ चरणामृत लेकर ,
जो कोई शीश नवावे।
अड़सठ तीरथ रो फल भाई ,
घर बैठा ही पावे।
भाग ज्याके संत पावणा आवे। टेर। …


काम क्रोध मन मार कल्पना ,
दुर्मति दूर भगावे।
राग द्वेष पर निन्दा तजके ,
सत रा उपदेश बतावे।
भाग ज्याके संत पावणा आवे। टेर। …


खीर खाण्ड पकवान मिठाई ,
देखत वे शरमावे।
लूखा सूखा साग रे अलूणा ,
प्रेम से भोग लगावे।
भाग ज्याके संत पावणा आवे। टेर। …


महाप्रसाद तो देवो ने दुर्लभ ,
संत सहज ही पावे।
दुष्ट जिव तो दुर्मति का घर ,
वीरथा जनम गवावे।
भाग ज्याके संत पावणा आवे। टेर। …


गुरु रामानंद पुरबला सुकरित ,
भाग उदय पावे।
कहे कबीर संत जनम धरके ,
साहब दर्शन करावे।
भाग ज्याके संत पावणा आवे। टेर। …


जरूर देखे :- साधु भाई गुरु मिल्या उपकारी

जरूर देखे :- आज मारो भाग जागो दिया दर्शन आय

satguru nirguni bhajan lyrics

~ Bhag Jyore Sant Pawna Aave ~

bhag jyake sant pavna aave.
dwar katha satsang to karke,
rilmil mangla gave.
bhag jyake sant pavna aave.


pratham labh charnamrit lekar,
jo koi shish navave.
adsath tirath ro fal bhai,
ghar baitha hi pave.
bhag jyake sant pavna aave.


kam krodh man mar kalpna,
durmati dur bhagave.
rag dwesh par ninda tajke,
sat ra updesh batave.
bhag jyake sant pavna aave.


khir khand pakvan mithai,
dekhat ve sharmave.
lukha sukha sag re aluna,
prem se bhog lagave.
bhag jyake sant pavna aave.


mahaprasad to devo ne durlabh,
sant sahaj hi pave.
dusht jiv to durmati ka ghar,
viratha janam gavave.
bhag jyake sant pavna aave.


guru ramanand purabala sukrit,
bhag uday pave.
kahe kabir sant janam dharke,
sahab darshan karave.
bhag jyake sant pavna aave.


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~ भाग ज्यांरे संत पावणा आवे ~

भाग ज्याके संत पावणा आवे।
द्वार कथा सत्संग तो करके ,रिलमिल मंगला गावे।
भाग ज्याके संत पावणा आवे।

प्रथम लाभ चरणामृत लेकर ,जो कोई शीश नवावे।
अड़सठ तीरथ रो फल भाई ,घर बैठा ही पावे।
भाग ज्याके संत पावणा आवे। टेर। …

काम क्रोध मन मार कल्पना ,दुर्मति दूर भगावे।
राग द्वेष पर निन्दा तजके ,सत रा उपदेश बतावे।
भाग ज्याके संत पावणा आवे। टेर। …

खीर खाण्ड पकवान मिठाई ,देखत वे शरमावे।
लूखा सूखा साग रे अलूणा ,प्रेम से भोग लगावे।
भाग ज्याके संत पावणा आवे। टेर। …

महाप्रसाद तो देवो ने दुर्लभ ,संत सहज ही पावे।
दुष्ट जिव तो दुर्मति का घर ,वीरथा जनम गवावे।
भाग ज्याके संत पावणा आवे। टेर। …

गुरु रामानंद पुरबला सुकरित ,भाग उदय पावे।
कहे कबीर संत जनम धरके ,साहब दर्शन करावे।
भाग ज्याके संत पावणा आवे। टेर। …

jairam giri ji maharaj ka bhajan

भजन :- भाग ज्याके संत पावणा आवे
गायक :- जयराम गिरी जी महाराज
लेबल :- राजस्थानी भजन

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