सतगुरु आवो मारे आंगणिये भजन लिरिक्स | Satguru Aavo Mare Aanganiye Bhajan Lyrics

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सतगुरु आवो मारे आंगणिये भजन लिरिक्स

सतगुरु आवो मारे आंगणिये भजन लिरिक्स, Satguru Aavo Mare Aanganiye Satguru Mahima Bhajan Lyrics

।। दोहा ।।
सतगुरु आवत देखिया, कांधे टांग बन्दुक।
गोली दागी हरी नाम री, भाग गया यम दूत।


~ सतगुरु आवो मारे आंगणिये ~

प्रेम भाव सु बदावा ,
धिनगुरु आवो मारे आंगणे।
सतगुरु आवो म्हारे आंगणिये।


कुंकु केशर री गार गलाऊ ,
घर आँगन निपवाऊ।
चन्दन रो चौक ढुलाय ,
गुरु ने घणा हर्ख मनाऊ।
सतगुरु आवो म्हारे आंगणिये। टेर। …


मोह माया को छोड़कर ,
चरणों में शीश नवाऊ।
ऊँचा आसन घर गुरा का ,
दूध से पांव धोराऊ।
सतगुरु आवो म्हारे आंगणिये। टेर। …


भाई बंधू कुटुम्ब सब शामिल ,
गुरु से हेत कराऊ।
पाव पखार लेवा चरणामृत ,
ह्रदय सुद्ध कराऊ।
सतगुरु आवो म्हारे आंगणिये। टेर। …


प्रेम प्रीत रा थाल मंगाऊ ,
भाव रो भोजन बनाऊ।
सत्य रो बाजोट ढलाय ,
गुरु ने अपने हाथ जिमाऊ।
सतगुरु आवो म्हारे आंगणिये। टेर। …


सत्संग कराऊ हेत सु भारी ,
प्रेम सु प्रसाद मंगाऊ।
गुरु जी रा वचन घणा श्रद्धा से ,
घने हर्ख सु गाऊ।
सतगुरु आवो म्हारे आंगणिये। टेर। …


हिंगलू पागा रो ढोलिया ढलाऊ ,
सिरख पतरना बिछाऊ।
तन मन धन निछावर करके ,
पंखे भाव ढूलाऊ।
सतगुरु आवो म्हारे आंगणिये। टेर। …


सतगुरु आया मेरे मन भाया ,
शीश रो नारेल चड़ाऊ।
गुरु खींवजी से माली लिखमो ,
घणे हेत सु गाऊ।
सतगुरु आवो म्हारे आंगणिये। टेर। …


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Satguru Mahima Bhajan Lyrics

~ Satguru Aavo Mare Aanganiye ~

prem bhav su badava,
dhinguru aavo mare aangne.
satguru aavo mhare aanganiye.


kunku keshar ri gar galau,
ghar aangan nipvau.
chandan ro chok dhulay,
guru ne ghana harkh manau.
satguru aavo mhare aanganiye.


moh maya ko chodkar,
charno me shish navau.
uncha aasan ghar gura ka,
dudh se panv dhorau.
satguru aavo mhare aanganiye.


bhai bandhu kutumb sab shamil,
guru se het karau.
pav pakahr leva charnamrit,
harday sudhdh karau.
satguru aavo mhare aanganiye.


prem preet ra thal mangau,
bhav ro bhojan banau.
saty ro bajot dhalay,
guru ne apne hath jimau.
satguru aavo mhare aanganiye.


satsang karau het su bhari,
prem su prasad mangau.
guru ji ra vachan ghana shrdhdha se,
ghane harkh su gau.
satguru aavo mhare aanganiye.


hingalu paga ro dholiya dhalau,
sirakh patrna bichau.
tan man dhan nichavar karke,
pankhe bhav dulau.
satguru aavo mhare aanganiye.


satguru aaya mere man bhaya,
shish ro narel chadau.
guru khivji se mali likhmo,
ghane het su gau.
satguru aavo mhare aanganiye.


सत्संग महिमा भजन लिरिक्स

~ सतगुरु आवो मारे आंगणिये ~

प्रेम भाव सु बदावा ,धिनगुरु आवो मारे आंगणे।
सतगुरु आवो म्हारे आंगणिये।

कुंकु केशर री गार गलाऊ ,घर आँगन निपवाऊ।
चन्दन रो चौक ढुलाय ,गुरु ने घणा हर्ख मनाऊ।
सतगुरु आवो म्हारे आंगणिये। टेर। …

मोह माया को छोड़कर ,चरणों में शीश नवाऊ।
ऊँचा आसन घर गुरा का ,दूध से पांव धोराऊ।
सतगुरु आवो म्हारे आंगणिये। टेर। …

भाई बंधू कुटुम्ब सब शामिल ,गुरु से हेत कराऊ।
पाव पखार लेवा चरणामृत ,ह्रदय सुद्ध कराऊ।
सतगुरु आवो म्हारे आंगणिये। टेर। …

प्रेम प्रीत रा थाल मंगाऊ ,भाव रो भोजन बनाऊ।
सत्य रो बाजोट ढलाय ,गुरु ने अपने हाथ जिमाऊ।
सतगुरु आवो म्हारे आंगणिये। टेर। …

सत्संग कराऊ हेत सु भारी ,प्रेम सु प्रसाद मंगाऊ।
गुरु जी रा वचन घणा श्रद्धा से ,घने हर्ख सु गाऊ।
सतगुरु आवो म्हारे आंगणिये। टेर। …

हिंगलू पागा रो ढोलिया ढलाऊ ,सिरख पतरना बिछाऊ।
तन मन धन निछावर करके ,पंखे भाव ढूलाऊ।
सतगुरु आवो म्हारे आंगणिये। टेर। …

सतगुरु आया मेरे मन भाया ,शीश रो नारेल चड़ाऊ।
गुरु खींवजी से माली लिखमो ,घणे हेत सु गाऊ।
सतगुरु आवो म्हारे आंगणिये। टेर। …

भजन :- सतगुरु आवो मारे आंगणिये
लेबल :- राजस्थानी भजन

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