आनंद उण देश रो जोगिया भजन लिरिक्स | Anand Un Desh Ro Jogiya Bhajan Lyrics

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आनंद उण देश रो जोगिया भजन लिरिक्स

आनंद उण देश रो जोगिया भजन लिरिक्स, Anand Un Desh Ro Jogiya Bhajan Lyrics, jogiya bhajan lyrics

।। दोहा ।।
होठ कण्ठ हाले नहीं, से देह सुमिरण होई।
बलिहारी उस पलक ने, कलप ने पुगे कोई।


~ आनंद उण देश रो जोगिया ~

आनन्द उण देश रो रे जोगिया ,
नर शूरा ने होय।


शूरा नर जीवत मरे रे जोगिया ,
जीवण री आस मिटाय।
शीश काट ने मेल दे रे जोगिया ,
माथे पग दे जाय।
आनन्द उण देश रो रे जोगिया ,
नर शूरा ने होय। टेर। …..


सारा कुटुम्ब ने काटिया रे जोगिया ,
रयो शेर ज्यू गाज।
धाक सुणी उण संत की रे जोगिया ,
काल बलि गयो भाज।
आनन्द उण देश रो रे जोगिया ,
नर शूरा ने होय। टेर। …..


चौदह लोक पग तल दिया रे जोगिया ,
ठाडा हंस करोड़।
दफ्तर बालियों धर्मराज रो रे जोगिया ,
जग फंदा दिया तोड़।
आनन्द उण देश रो रे जोगिया ,
नर शूरा ने होय। टेर। …..


सुन्न इक्कीस छेक ने रे जोगिया ,
अखे सुन्न में वास।
कहे कबीर उण देश में रे जोगिया ,
नहीं देव नहीं दास।
आनन्द उण देश रो रे जोगिया ,
नर शूरा ने होय। टेर। …..


जरूर देखे :- चालो रे उण देश में रे जोगिया

जरूर देखे :- सजन म्हारा घर आवो मेहमान

jogiya bhajan lyrics in hindi

~ Anand Un Desh Ro Jogiya ~

anand un desh ro re jogiya,
nar shura ne hoy.


shura nar jivat mare re jogiya,
jivat ri aas mitay.
shish kat le mel de re jogiya,
mathe pag de jay.
anand un desh ro re jogiya,
nar shura ne hoy.


sara kutumb ne katiya re jogiya,
rayo sher jyu gaj.
dhak suni un snat ki re jogiya,
kal bali gayo bhaj.
anand un desh ro re jogiya,
nar shura ne hoy.


chodah lok pag tal diya re jogiya,
thada hans karod.
dafatar baliyo dharmraj ro re jogiya,
jag fanda diya tod.
anand un desh ro re jogiya,
nar shura ne hoy.


sunn ikkis chek ne re jogiya,
akhe sunn me vas.
kahe kabir un desh me re jogiya,
nhi dev nhi das.
anand un desh ro re jogiya,
nar shura ne hoy.


जरूर देखे :- पियाजी रही रात दिन रोय

जरूर देखे :-  पियाजी लागा हे शब्दो रा बाण

जोगिया भजन लिरिक्स

~ आनंद उण देश रो जोगिया ~

आनन्द उण देश रो रे जोगिया ,नर शूरा ने होय।

शूरा नर जीवत मरे रे जोगिया ,जीवण री आस मिटाय।
शीश काट ने मेल दे रे जोगिया ,माथे पग दे जाय।
आनन्द उण देश रो रे जोगिया ,नर शूरा ने होय। टेर। …..

सारा कुटुम्ब ने काटिया रे जोगिया ,रयो शेर ज्यू गाज।
धाक सुणी उण संत की रे जोगिया ,काल बलि गयो भाज।
आनन्द उण देश रो रे जोगिया ,नर शूरा ने होय। टेर। …..

चौदह लोक पग तल दिया रे जोगिया ,ठाडा हंस करोड़।
दफ्तर बालियों धर्मराज रो रे जोगिया ,जग फंदा दिया तोड़।
आनन्द उण देश रो रे जोगिया ,नर शूरा ने होय। टेर। …..

सुन्न इक्कीस छेक ने रे जोगिया ,अखे सुन्न में वास।
कहे कबीर उण देश में रे जोगिया ,नहीं देव नहीं दास।
आनन्द उण देश रो रे जोगिया ,नर शूरा ने होय। टेर। …..

hari narayan shastri ke bhajan

भजन :- आनन्द उण देश रो रे जोगिया
गायक :- हरी नारायण शास्त्री
लेबल :- राजस्थानी भजन

जरूर देखे :- फकीरी चालणो खाण्डा री धार

जरूर देखे :- फकीरी कायर सु नहीं होय

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