सजन म्हारा घर आवो मेहमान भजन लिरिक्स | Sajan Mhara Ghar Aavo Mehman Bhajan Lyrics

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सजन म्हारा घर आवो मेहमान भजन लिरिक्स

सजन म्हारा घर आवो मेहमान भजन लिरिक्स, Sajan Mhara Ghar Aavo Mehman Brehani bhajan lyrics

।। दोहा ।।
के ब्रेहणी ने मोत दे, के आपो दिखलाय।
रेण दिवस रो दाझणो, म्हा सु सह्यो न जाय।


~ सजन म्हारा घर आवो मेहमान ~

दीजो मोहे आदर दान ,
पियाजी घर आवो मेहमान।
सजन म्हारा घर आवो मेहमान।


में जाण्यो सुख होवसी रे ,
प्रीत करी में जाण।
अब मुझको मालूम पड़ी रे ,
निकली दुःख री खाण।
सजन म्हारा घर आवो मेहमान। टेर। …


पंख बिना पंखेरू पड़िया धरण पर ,
किस विधि उड़े असमान।
सजन मेहर लहर कर देवो ,
आण मिलु आसान।
सजन म्हारा घर आवो मेहमान। टेर। …


मछली जिव पपीहा प्यासा ,
जल बिन तज दे प्राण।
पतिव्रता राजी उर अंदर ,
जद मिलसी पीव निदान।
सजन म्हारा घर आवो मेहमान। टेर। …


आप समुन्द्र में तरंग तुम्हारी ,
में गोपी तू कान्ह।
आप ब्रहा में इच्छा तुम्हारी ,
अब लीजो मोहि जाण।
सजन म्हारा घर आवो मेहमान। टेर। …


विरह सुणो थे बेगा आईजो ,
कर मुझ पर अहसान।
सिमरथ कंठ लगाय के रे ,
कीजो आप समान।
सजन म्हारा घर आवो मेहमान। टेर। …


जरूर देखे :- पियाजी रही रात दिन रोय

जरूर देखे :- पियाजी लागा हे शब्दो रा बाण

Brehani bhajan lyrics in hindi

~ Sajan Mhara Ghar Aavo Mehman ~

dijo mohe aadar dan,
piyaji ghar aavo mehman.
sajan mhara ghar aavo mehaman.


me janyo sukh hovasi re,
preet kari me jaan.
ab mujhko malum padi re,
nikali dukh ri khan.
sajan mhara ghar aavo mehaman.


pankh bina pankheru padiya dharan par,
kis vidhi ude asman.
sajan mehar lahar kar devo,
aan milu aasan.
sajan mhara ghar aavo mehaman.


machali jiv papiha pyasa,
jal bin taj de pran.
pativrata raji ur andar,
jad milsi piv nidan.
sajan mhara ghar aavo mehaman.


aap samundr me tarang tumhari,
me gopi tu kanha.
aap brahma me ichcha tumhari,
ab lijo mohi jan.
sajan mhara ghar aavo mehaman.


virah suno the bega aaijo,
kar mujh par ahasan.
simarath kanth lagay ke re,
kijo aap saman.
sajan mhara ghar aavo mehaman.


जरूर देखे :- फकीरी चालणो खाण्डा री धार

जरूर देखे :- फकीरी कायर सु नहीं होय

ब्रेहणी भजन लिरिक्स

~ सजन म्हारा घर आवो मेहमान ~

दीजो मोहे आदर दान ,पियाजी घर आवो मेहमान।
सजन म्हारा घर आवो मेहमान।

में जाण्यो सुख होवसी रे ,प्रीत करी में जाण।
अब मुझको मालूम पड़ी रे ,निकली दुःख री खाण।
सजन म्हारा घर आवो मेहमान। टेर। …

पंख बिना पंखेरू पड़िया धरण पर ,किस विधि उड़े असमान।
सजन मेहर लहर कर देवो ,आण मिलु आसान।
सजन म्हारा घर आवो मेहमान। टेर। …

मछली जिव पपीहा प्यासा ,जल बिन तज दे प्राण।
पतिव्रता राजी उर अंदर ,जद मिलसी पीव निदान।
सजन म्हारा घर आवो मेहमान। टेर। …

आप समुन्द्र में तरंग तुम्हारी ,में गोपी तू कान्ह।
आप ब्रहा में इच्छा तुम्हारी ,अब लीजो मोहि जाण।
सजन म्हारा घर आवो मेहमान। टेर। …

विरह सुणो थे बेगा आईजो ,कर मुझ पर अहसान।
सिमरथ कंठ लगाय के रे ,कीजो आप समान।
सजन म्हारा घर आवो मेहमान। टेर। …

shyam vaishnav ke bhajan

भजन :- सजन म्हारा घर आवो मेहमान
गायक :- श्याम वैष्णव
लेबल :- राजस्थानी भजन

जरूर देखे :- फकीरी मन मारे सो ही शुर

जरूर देखे :- फकीरी लागा नहीं शब्दों रा तीर

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