फकीरी चालणो खाण्डा री धार भजन लिरिक्स | Fakiri Chalno Khanda Ri Dhaar Bhajan Lyrics

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फकीरी चालणो खाण्डा री धार भजन लिरिक्स

फकीरी चालणो खाण्डा री धार भजन लिरिक्स, Fakiri Chalno Khanda Ri Dhaar Bhajan Lyrics

।। दोहा ।।
कबीर खड़ा बाजार में, सबकी मांगे खेर।
ना कहु से दोस्ती , और ना कहु से बेर।


~ फकीरी चालणो खाण्डा री धार ~

कायर से चलियो नहीं जावे ,
शूरा चले एक सार।
फकीरी चालणो खाण्डा री धार।


प्रथम पांच बसे माहि जोधा ,
मरे नहीं लेवे मार।
शबद स्पर्श रूप रस गंधा ,
होवण नहीं दे पार।
फकीरी चालणो खाण्डा री धार। टेर। …


शब्द तजु तो स्पर्श नहीं छूटे ,
स्पर्श तजिया रूप प्यार।
रूप तजू तो रस नहीं छूटे ,
रस तजियो गंध लार।
फकीरी चालणो खाण्डा री धार। टेर। …


इण पांचो ने कोई विरला छोड़े ,
कर कर ज्ञान विचार।
बिना विचार त्याग्या नहीं जावे ,
इण पांचो रा व्यवहार।
फकीरी चालणो खाण्डा री धार। टेर। …


इतरा त्यागिया सब सुख होई ,
दुःख नहीं रहत लिगार।
गुरु प्रताप कहे मोजीदासा ,
अनुभव भयो प्रकाश।
फकीरी चालणो खाण्डा री धार। टेर। …


जरूर देखे :- फकीरी कायर सु नहीं होय

जरूर देखे :-  फकीरी मन मारे सो ही शुर

Fakiri bhajan lyrics in hindi

~ Fakiri Chalno Khanda Ri Dhaar ~

kayar se chaliyo nhi jave,
shura chale ek saar.
fakiri chalano khanda ri dhar.


pratham panch base mahi jodha,
mare nhi leve mar.
shabad sparsh rup ras gandha,
hovan nhi de paar.
fakiri chalano khanda ri dhar.


shabad taju to sparsh nhi chhute,
sparsh tajiya rup pyar.
rup taju to rash nhi chhute,
ras tajiyo gandh laar.
fakiri chalano khanda ri dhar.


in pancho ne koi virala chhode,
kar kar gyan vichar.
bina vichar tyagya nhi jave,
in pancho ra vyavhar.
fakiri chalano khanda ri dhar.


etara tyagiya sab sukh hoi,
dukh nhi rahat ligar.
guru pratap kahe mojidasa,
anubhav bhayo prakash.
fakiri chalano khanda ri dhar.


जरूर देखे :- फकीरी लागा नहीं शब्दों रा तीर

जरूर देखे :- लोक लाज दीन्ही खोय फकीरी

जोग फकीरी भजन लिरिक्स

~ फकीरी चालणो खाण्डा री धार ~

कायर से चलियो नहीं जावे ,शूरा चले एक सार।
फकीरी चालणो खाण्डा री धार।

प्रथम पांच बसे माहि जोधा ,मरे नहीं लेवे मार।
शबद स्पर्श रूप रस गंधा ,होवण नहीं दे पार।
फकीरी चालणो खाण्डा री धार। टेर। …

शब्द तजु तो स्पर्श नहीं छूटे ,स्पर्श तजिया रूप प्यार।
रूप तजू तो रस नहीं छूटे ,रस तजियो गंध लार।
फकीरी चालणो खाण्डा री धार। टेर। …

इण पांचो ने कोई विरला छोड़े ,कर कर ज्ञान विचार।
बिना विचार त्याग्या नहीं जावे ,इण पांचो रा व्यवहार।
फकीरी चालणो खाण्डा री धार। टेर। …

इतरा त्यागिया सब सुख होई ,दुःख नहीं रहत लिगार।
गुरु प्रताप कहे मोजीदासा ,अनुभव भयो प्रकाश।
फकीरी चालणो खाण्डा री धार। टेर। …

om vaishnav ke bhajan

भजन :- फकीरी चालणो खाण्डा री धार
गायक :- ओम वैष्णव
लेबल :- राजस्थानी भजन

जरूर देखे :- संत पधारे पांवणा म्हारी हेली

जरूर देखे :- सुकरत फूल गुलाब रो मारी हेली

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