औलाद की खातिर इंसा फिरता है मारा मारा भजन लिरिक्स | Aulad Ke Khatir Insan Bhajan Lyrics

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औलाद की खातिर इंसा फिरता है मारा मारा भजन लिरिक्स

औलाद की खातिर इंसा फिरता है मारा मारा भजन लिरिक्स, Aulad Ke Khatir Insan mata pita bhajan lyrics

~ औलाद के खातिर इंसान ~

औलाद के खातिर इंसान ,
फिरता है मारा मारा।
उसे वक्त क्या मारे ,
जिसको औलाद ने मारा।


जिसकी खुशियों की खातिर ,
रातो की नींद गवाई।
उसने उसकी खुशियों की ,
जीते जी चिता जलाई।
जिसको चाहा था उन्होंने ,
इस जान से ज्यादा प्यारा।
उसे वक्त क्या मारे ,
जिसको औलाद ने मारा। टेर। ….


खुद सोती माँ गीले में ,
सूखे में तुझे सुलाया।
खाती थी बाद में पहले ,
हाथो से तुझे खिलाया।
अब बोझ समझकर उससे ,
पाना चाहे छुटकारा।
उसे वक्त क्या मारे ,
जिसको औलाद ने मारा। टेर। ….


तेरे ही लिए हर चौखट पर ,
जिसने शीश झुकाया।
तेरी एक हंसी पर जिसने ,
आ ढेरो प्यार लुटाया।
तेरे जीवन को सींचा ,
तेरे जीवन को संवारा।
उसे वक्त क्या मारे ,
जिसको औलाद ने मारा। टेर। ….


तू बात पूछता जब भी ,
वो बार बार बतलाते।
जीवन की अच्छी बुरी सब ,
बाते कह के समझाते।
न एक सुनी उनकी जब ,
उन्होंने तुझे पुकारा।
उसे वक्त क्या मारे ,
जिसको औलाद ने मारा। टेर। ….


माँ बात की इस ममता का ,
तूने कैसा कर्ज चुकाया।
जिसने तुझे जनम दिया ,
उनको तूने ठुकराया।
तूने बिच भंवर में छोड़ा ,
दिखे न कोई किनारा।
उसे वक्त क्या मारे ,
जिसको औलाद ने मारा। टेर। ….


दुःख दे के मात पिता को ,
कोई भी सुख ना पाया।
उनके चरणों में जग का ,
सुख सारा देख कमाया।
उनको सेवा कर जीवन ,
बन जायेगा उजियारा।
उसे वक्त क्या मारे ,
जिसको औलाद ने मारा। टेर। ….


तेरी औलाद तेरे संग ,
जब ये बर्ताव करेगी।
माँ बाप पे क्या गुजरेगी ,
तुझको मालूम पड़ेगी।
उस दिन तू पछतायेगा ,
भटकेगा मारा मारा।
उसे वक्त क्या मारे ,
जिसको औलाद ने मारा। टेर। ….


जरूर देखे :- इतनी शक्ति हमें देना दाता

जरूर देखे :- भला किसी का कर ना सको

mata pita bhajan lyrics in hindi

~ Aulad Ke Khatir Insan ~

olad ke khatir insan,
firta hai mara mara.
use vant kya mare,
jisko olad ne mara.


jiski khushiyo ki khatir,
rato ki nind gavai.
usne uski khushiyo ki,
jeete ji chita jalai.
jisko chaha tha unhone,
is jaan se jyada pyara.
use vant kya mare,
jisko olad ne mara.


khud soti ma geele me,
skhe me tujhe sulaya.
khati thi bad me pahle,
hatho se tujhe khilaya.
ab bojh samajhkar usse,
pana chahe chutkara.
use vant kya mare,
jisko olad ne mara.


tere hi liy har chokhat par,
jisne shish jhukaya.
teri ek hansi par jisne,
aa dhero pyar lutaya.
tere jivan ko sincha,
tere jivan ko sanwara.
use vant kya mare,
jisko olad ne mara.


tu baat puchta jab bhi,
wo bar bar batlate.
jivan ki achchi buri sab,
bate kah ke samjhate.
n ek suni unki jab,
unhone tujhe pukara.
use vant kya mare,
jisko olad ne mara.


ma bat ki is mamta ka,
tune kaisa karj chukaya.
jisne tujhe janam diya,
unko tune thukraya.
tune bich bhanvar me choda,
dikhe n koi kinara.
use vant kya mare,
jisko olad ne mara.


dukh de ke mat pita ko,
koi bhi sukh na paya.
unke charno me jag ka,
sukh sara dekh kamaya.
unko seva kar jivan,
ban jayega ujiyara.
use vant kya mare,
jisko olad ne mara.


teri olad tere sang,
jab ye bartav karegi.
ma bap pe kya gujregi,
tujhko malum padegi.
us din tu pachtayega,
bhatkega mara mara.
use vant kya mare,
jisko olad ne mara.


जरूर देखे :- गाय चरावा जाऊ म्हारी माँ

जरूर देखे :- अपने माँ बाप का दिल ना दुखा

चेतावनी भजन लिरिक्स इन हिंदी

~ औलाद की खातिर इंसा ~

औलाद के खातिर इंसान ,फिरता है मारा मारा।
उसे वक्त क्या मारे ,जिसको औलाद ने मारा।

जिसकी खुशियों की खातिर ,रातो की नींद गवाई।
उसने उसकी खुशियों की ,जीते जी चिता जलाई।
जिसको चाहा था उन्होंने ,इस जान से ज्यादा प्यारा।
उसे वक्त क्या मारे ,जिसको औलाद ने मारा। टेर। ….

खुद सोती माँ गीले में ,सूखे में तुझे सुलाया।
खाती थी बाद में पहले ,हाथो से तुझे खिलाया।
अब बोझ समझकर उससे ,पाना चाहे छुटकारा।
उसे वक्त क्या मारे ,जिसको औलाद ने मारा। टेर। ….

तेरे ही लिए हर चौखट पर ,जिसने शीश झुकाया।
तेरी एक हंसी पर जिसने ,आ ढेरो प्यार लुटाया।
तेरे जीवन को सींचा ,तेरे जीवन को संवारा।
उसे वक्त क्या मारे ,जिसको औलाद ने मारा। टेर। ….

तू बात पूछता जब भी ,वो बार बार बतलाते।
जीवन की अच्छी बुरी सब ,बाते कह के समझाते।
न एक सुनी उनकी जब ,उन्होंने तुझे पुकारा।
उसे वक्त क्या मारे ,जिसको औलाद ने मारा। टेर। ….

माँ बात की इस ममता का ,तूने कैसा कर्ज चुकाया।
जिसने तुझे जनम दिया ,उनको तूने ठुकराया।
तूने बिच भंवर में छोड़ा ,दिखे न कोई किनारा।
उसे वक्त क्या मारे ,जिसको औलाद ने मारा। टेर। ….

दुःख दे के मात पिता को ,कोई भी सुख ना पाया।
उनके चरणों में जग का ,सुख सारा देख कमाया।
उनको सेवा कर जीवन ,बन जायेगा उजियारा।
उसे वक्त क्या मारे ,जिसको औलाद ने मारा। टेर। ….

तेरी औलाद तेरे संग ,जब ये बर्ताव करेगी।
माँ बाप पे क्या गुजरेगी ,तुझको मालूम पड़ेगी।
उस दिन तू पछतायेगा ,भटकेगा मारा मारा।
उसे वक्त क्या मारे ,जिसको औलाद ने मारा। टेर। ….

राजू बावरा के भजन

भजन :- औलाद के खातिर इंसान
गायक :- राजू बाबरा
लेबल :- राजस्थानी भजन

जरूर देखे :- बेटा थारी मां समझावे रे

जरूर देखे :- भलाई कर भला होगा

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