भलाई कर भला होगा बुराई कर बुरा होगा भजन लिरिक्स | Bhalai Kar Bhala Hoga Bhajan Lyics

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भलाई कर भला होगा बुराई कर बुरा होगा भजन लिरिक्स

भलाई कर भला होगा बुराई कर बुरा होगा भजन लिरिक्स, Bhalai Kar Bhala Hoga qawwali lyrics in hindi

~ भलाई कर भला होगा ~

भलाई कर भला होगा ,
बुराई कर बुरा होगा।
कोई देखे न देखे पर ,
खुदा तो देखता होगा।


ये गठरी पाप की सर ,
लिए फिरता है क्यों नादान।
भलाई से तू मुँह को मोड़कर ,
बैठा है क्यों नादान।
ये दुनिया चार दिन की है ,
फिर इसके बाद क्या होगा।
भलाई कर भला होगा ,
बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..


अभी जितना भी जी चाहे ,
लगा ले आग पानी में।
एक ऐसा वक्त भी आयेगा ,
तेरी जिंदगानी में।
न कोई होगा तेरा बस ,
उसी का आसरा होगा।
भलाई कर भला होगा ,
बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..


जरा दौलत जो हाथ आई है ,
तो मखरूर बन बैठा।
दिल ए इंसानियत के ,
वासते नासूर बन बैठा।
खबर भी है तुझे एक रोज ,
तेरा खातमा होगा।
भलाई कर भला होगा ,
बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..


यहाँ से जिंदगानी तेरी ,
खाली हाथ जाएगी।
फकत करनी तेरी दुनिया ,
से तेरे साथ जाएगी।
वहाँ के वासते भी कुछ न कुछ ,
तो सोचना होगा।
भलाई कर भला होगा ,
बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..


ये अंगारे न चुन तू ,
दामन फूल से भर ले।
अभी बाकी है कुछ दिन ,
जिंदगी के नेकियाँ कर ले।
बहुत पछताएगा ये वक्त भी ,
जब जा चूका होगा।
भलाई कर भला होगा ,
बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..


n इज्जत काम आयेगी ,
न शोहरत काम आयेगी।
ne दौलत काम आयेगी ,
न ताकत काम आयेगी।
अरे नादान सोचा है तेरा ,
अन्जाम क्या होगा।
भलाई कर भला होगा ,
बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..


बुराई बोझ बनकर तेरे ,
सर पे आ खड़ी होगी।
तेरे दिल की सिहायी ,
सामने तेरे खड़ी होगी।
तेरी बेचारगी पर तेरा ,
साया हंस रहा होगा।
भलाई कर भला होगा ,
बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..


जवानी के ये दिन एक रोज ,
तुझको याद आयेंगे।
तेरे आमाल तुझको ,
खून के आंसू रुलायेंगे।
अकड़कर चलने वाले ,
तू सहारा ढूंढता होगा।
भलाई कर भला होगा ,
बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..


न हमदम और न ये ,
अपने बेगाने साथ जायेंगे।
न दुनिया और न दुनिया के ,
खजाने साथ जायेंगे।
मनो मिट्टी की निचे कब्र में ,
तू सो रहा होगा।
भलाई कर भला होगा ,
बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..


दुआओ से अगर दामन को ,
भर लेता तो अच्छा था।
कभी इस बात पर भी गौर कर ,
लेता तो अच्छा था।
तू आखिर क्या करेगा जब ,
खुदा का सामना होगा।
भलाई कर भला होगा ,
बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..


कभी ईमान से मुँह मोड़ना ,
अच्छा नहीं होता।
के इंसानो के दिल को तोडना ,
अच्छा नहीं होता।
ये दर्पण टूट जाएगा तो ,
मुश्किल जोड़ना होगा।
भलाई कर भला होगा ,
बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..


मुसल्लत गुलशने हसती पे ,
वीरानी नहीं होगी।
खुदा के नेक बन्दों को ,
परेशानी नहीं होगी।
के इनके वासते जन्नत का ,
दरवाजा खुला होग़ा।
भलाई कर भला होगा ,
बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..


जरूर देखे :- जिन्दगी एक किराये का घर है

जरूर देखे :-  अब तो दीदार दिखा दे मैं तेरा हो चुका हूं

कव्वाली लिरिक्स इन हिंदी

~ भलाई कर भला होगा ~

भलाई कर भला होगा ,बुराई कर बुरा होगा।
कोई देखे न देखे पर ,खुदा तो देखता होगा।

ये गठरी पाप की सर ,लिए फिरता है क्यों नादान।
भलाई से तू मुँह को मोड़कर ,बैठा है क्यों नादान।
ये दुनिया चार दिन की है ,फिर इसके बाद क्या होगा।
भलाई कर भला होगा ,बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..

अभी जितना भी जी चाहे ,लगा ले आग पानी में।
एक ऐसा वक्त भी आयेगा ,तेरी जिंदगानी में।
न कोई होगा तेरा बस ,उसी का आसरा होगा।
भलाई कर भला होगा ,बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..

जरा दौलत जो हाथ आई है ,तो मखरूर बन बैठा।
दिल ए इंसानियत के ,वासते नासूर बन बैठा।
खबर भी है तुझे एक रोज ,तेरा खातमा होगा।
भलाई कर भला होगा ,बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..

यहाँ से जिंदगानी तेरी ,खाली हाथ जाएगी।
फकत करनी तेरी दुनिया ,से तेरे साथ जाएगी।
वहाँ के वासते भी कुछ न कुछ ,तो सोचना होगा।
भलाई कर भला होगा ,बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..

ये अंगारे न चुन तू ,दामन फूल से भर ले।
अभी बाकी है कुछ दिन ,जिंदगी के नेकियाँ कर ले।
बहुत पछताएगा ये वक्त भी ,जब जा चूका होगा।
भलाई कर भला होगा ,बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..

न इज्जत काम आयेगी ,न शोहरत काम आयेगी।
न दौलत काम आयेगी ,न ताकत काम आयेगी।
अरे नादान सोचा है तेरा ,अन्जाम क्या होगा।
भलाई कर भला होगा ,बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..

बुराई बोझ बनकर तेरे ,सर पे आ खड़ी होगी।
तेरे दिल की सिहायी ,सामने तेरे खड़ी होगी।
तेरी बेचारगी पर तेरा ,साया हंस रहा होगा।
भलाई कर भला होगा ,बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..

जवानी के ये दिन एक रोज ,तुझको याद आयेंगे।
तेरे आमाल तुझको ,खून के आंसू रुलायेंगे।
अकड़कर चलने वाले ,तू सहारा ढूंढता होगा।
भलाई कर भला होगा ,बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..

न हमदम और न ये ,अपने बेगाने साथ जायेंगे।
न दुनिया और न दुनिया के ,खजाने साथ जायेंगे।
मनो मिट्टी की निचे कब्र में ,तू सो रहा होगा।
भलाई कर भला होगा ,बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..

दुआओ से अगर दामन को ,भर लेता तो अच्छा था।
कभी इस बात पर भी गौर कर ,लेता तो अच्छा था।
तू आखिर क्या करेगा जब ,खुदा का सामना होगा।
भलाई कर भला होगा ,बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..

कभी ईमान से मुँह मोड़ना ,अच्छा नहीं होता।
के इंसानो के दिल को तोडना ,अच्छा नहीं होता।
ये दर्पण टूट जाएगा तो ,मुश्किल जोड़ना होगा।
भलाई कर भला होगा ,बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..

मुसल्लत गुलशने हसती पे ,वीरानी नहीं होगी।
खुदा के नेक बन्दों को ,परेशानी नहीं होगी।
के इनके वासते जन्नत का ,दरवाजा खुला होग़ा।
भलाई कर भला होगा ,बुराई कर बुरा होगा। टेर। …..

rais anis sabri qawwali

कव्वाली :- भलाई कर भला होगा
गायक :- रईस अनीस साबरी
लेबल :- राजस्थानी भजन

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