हिरणी हरी ने अरज करे भजन लिरिक्स | Hirani Har Ne Araj Kare Bhajan Lyrics

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हिरणी हरी ने अरज करे भजन लिरिक्स

हिरणी हरी ने अरज करे भजन लिरिक्स, Hirani Har Ne Araj Kare Desi Chetawani Bhajan Lyrics

।। दोहा ।।
संत हमारी आत्मा, और में सतगुरु री देह।
रोम रोम में रम रया , ज्यू बादळ बिच मेह।


~ हिरणी हरी ने अरज करे ~

ओ म्हारे पियाजी रा प्राण बचाय ,
हिरणी हरी ने अरज करे।
ओ म्हारी समदर में डूबी जहाज ,
हिरणी ऊबी अरज करे।


बावरिया ने बावर बाँधी ,
चौसठ बंद लगाय।
हिरण्या कूद जंगल में ठाड़ी ,
मिरगी रो फस गयो पांव।
हिरणी हरी ने अरज करे। टेर। …..


कहे मिरगलो सुण ए मिरगली ,
तू गाफल मत होय।
तू तो कूद जंगल में रळ जा ,
हरी करे सोई होय।
हिरणी हरी ने अरज करे। टेर। …..


तीन पांव पर खड़ी मिरगली ,
हरी सु हेत लगाय।
हरी रो तो सिंहासन डोल्यो ,
बावरिया ने विष खाय।
हिरणी हरी ने अरज करे। टेर। …..


टूटी डोर बंद हुआ ढीला ,
मिरगा रो खुलियो पांव।
कहे कबीर सुणो भाई साधो ,
जोड़ी मिलाई भगवान।
हिरणी हरी ने अरज करे। टेर। …..


जरूर देखे :- सतजुगो रा बेटा श्रवण ऐडा तो हुआ

जरूर देखे :- गाड़ी गुरूजी रा नाम री

Desi Chetawani Bhajan Lyrics In Hindi

~ Hirani Har Ne Araj Kare ~

o mhare piyaji ra pran bachay,
Hirani Har Ne Araj Kare.
o mhari samdar me dubi jahaj,
hirani ubhi araj kare.


banvariya ne bavar bandhi,
chosath band lagay.
hirnya kud jangal me thadi,
miragi ro fas gayo panv.
Hirani Har Ne Araj Kare. ter……..


kahe miragalo su a miragali,
tu gafal mat hoy.
tu to kud jangal me ral ja,
hari kare soi hoy.
hirani hari ne araj kare. ter……..


teen panv par khadi miragali,
hari su het lagay.
hari ro to sinhasan dolyo,
bavariya ne vish khay.
hirani hari ne araj kare. ter……..


tuti dor band hua dhila,
miraga ro khuliyo panv.
kahe kabir suno bhai sadho,
jodi milai bhagwan.
hirani hari ne araj kare. ter……..


जरूर देखे :- गुरूजी म्हारा ! हंसला नजर नहीं आया

जरूर देखे :- संतो ! एडा मूरख जग माहि

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~ हिरणी हरी ने अरज करे ~

ओ म्हारे पियाजी रा प्राण बचाय ,हिरणी हरी ने अरज करे।
ओ म्हारी समदर में डूबी जहाज ,हिरणी ऊबी अरज करे।

बावरिया ने बावर बाँधी ,चौसठ बंद लगाय।
हिरण्या कूद जंगल में ठाड़ी ,मिरगी रो फस गयो पांव।
हिरणी हरी ने अरज करे। टेर। …..

कहे मिरगलो सुण ए मिरगली ,तू गाफल मत होय।
तू तो कूद जंगल में रळ जा ,हरी करे सोई होय।
हिरणी हरी ने अरज करे। टेर। …..

तीन पांव पर खड़ी मिरगली ,हरी सु हेत लगाय।
हरी रो तो सिंहासन डोल्यो ,बावरिया ने विष खाय।
हिरणी हरी ने अरज करे। टेर। …..

टूटी डोर बंद हुआ ढीला ,मिरगा रो खुलियो पांव।
कहे कबीर सुणो भाई साधो ,जोड़ी मिलाई भगवान।
हिरणी हरी ने अरज करे। टेर। …..

sanwarmal saini ke bhajan

भजन :- हिरणी हरी ने अरज करे
गायक :- सांवरमल सैनी
लेबल :- राजस्थानी भजन

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जरूर देखे :- रे संतो ! रावळ जोगी मस्ताना

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