रे संतो जोगी जुग से न्यारा भजन लिरिक्स | Jogi Jug Se Nyara Bhajan Lyrics

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रे संतो जोगी जुग से न्यारा भजन लिरिक्स

रे संतो जोगी जुग से न्यारा भजन लिरिक्स, Jogi Jug Se Nyara Bhajan Lyrics chetawani bhajan lyrics

।। दोहा ।।
पर नारी छोनी छुरी, पांच ठोड से खाय।
धन बिसरे जोबन हरे, पथ पंचो में जाय।


~ जोगी जुग से न्यारा ~

तीरथ जावे जल में नहावे ,
मंदिर जोवे कीरतारा।
साधु तीरथ घट में नहावे ,
दर्शन करे दीदारा।
रे संतो ! जोगी जुग से न्यारा। टेर। ….


जगत जंजाळ भरमना में भुला ,
जोगी रेवे निराधारा।
रे संतो ! जोगी जुग से न्यारा। टेर। ….


गीता पढ़े भागवत वाचे ,
मूरत पूजे पुजारा।
जोगी जुगत मुगत रा दाता ,
परसे हरि जन प्यारा।
रे संतो ! जोगी जुग से न्यारा। टेर। ….


करम भरम शरम में बांधा ,
किस विध उतरे पारा।
काटे करम भरम की फांसी ,
जोगी करे निसतारा।
रे संतो ! जोगी जुग से न्यारा। टेर। ….


जोगी जुगत रे आद ओतरो ,
समझे संत इशारा।
केवे हेमनाथ सुणो भाई साधु ,
ऐसा ब्रह्मा विचारा।
रे संतो ! जोगी जुग से न्यारा। टेर। ….


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chetawani bhajan lyrics in hindi

 ~Jogi Jug Se Nyara ~ 

tirath jave jal me nahave,
mandir jove kirtara.
sadhu tirath ghat me nahave,
darshan kare didara.
re santo ! jogi jug se nyara.


jagat janjal bharmana me bhula,
jogi reve niradhara.
re santo ! jogi jug se nyara.


geeta padhe bhagwat vache,
murat puje pujara.
jogi jugat mugat ra data.
parse hari jan pyara.
re santo ! jogi jug se nyara.


karam bharam sharam me bandha,
kis vidh utre para.
kate karam bharam ki fansi,
jogi kare nistara.
re santo ! jogi jug se nyara.


jogi jugat re aad otro,
samjhe sant ishara.
keve hemnath suno bhai sadhu,
aisa brahman vichara.
re santo ! jogi jug se nyara.


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~ जोगी जुग से न्यारा ~

तीरथ जावे जल में नहावे ,मंदिर जोवे कीरतारा।
साधु तीरथ घट में नहावे ,दर्शन करे दीदारा।
रे संतो ! जोगी जुग से न्यारा। टेर। ….

जगत जंजाळ भरमना में भुला ,जोगी रेवे निराधार।
रे संतो ! जोगी जुग से न्यारा। टेर। ….

गीता पढ़े भागवत वाचे ,मूरत पूजे पुजारा।
जोगी जुगत मुगत रा दाता ,परसे हरि जन प्यारा।
रे संतो ! जोगी जुग से न्यारा। टेर। ….

करम भरम शरम में बांधा ,किस विध उतरे पारा।
काटे करम भरम की फांसी ,जोगी करे निसतारा।
रे संतो ! जोगी जुग से न्यारा। टेर। ….

जोगी जुगत रे आद ओतरो ,समझे संत इशारा।
केवे हेमनाथ सुणो भाई साधु ,ऐसा ब्रह्मा विचारा।
रे संतो ! जोगी जुग से न्यारा। टेर। ….

shambhu bharti ke bhajan

भजन :- जोगी जुग से न्यारा
गायक :- शम्भू भारती जी
लेबल :- राजस्थानी भजन

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