संतो अजर अमर घर पाया भजन लिरिक्स | Ajar Amar Ghar Tali Lagi bhajan Lyrics

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संतो अजर अमर घर पाया भजन लिरिक्स

संतो अजर अमर घर पाया भजन लिरिक्स, Ajar Amar Ghar Tali Lagi bhajan Lyrics, desi chetawani bhajan lyrics

।। दोहा ।।
सतगुरु आवत देखिया, कांधे लाल बन्दुक।
गोली दागी हरी नाम री, भाग गया यम दूत।


~ अजर अमर घर पाया ~

भया दीवाना हुआ मस्ताना ,
जुग री राय भुलाया।
संतो ! अजर अमर घर पाया।


अजर अमर घर ताली लागी ,
गेबी नाद घुराया।
सुण सुन मस्त भया मन मेरा ,
सत में तो रहत समाया।
संतो ! अजर अमर घर पाया। टेर। …..


चवदा लोक काळ रा सारा ,
मडे काळ को खाया।
काळ अकाळ दोनों वठे थक गया ,
उण घर अलख जगाया।
संतो ! अजर अमर घर पाया। टेर। …..


सत लोक में सात रा वासा ,
मोह ममता नहीं माया।
चाँद सूरज पवन नहीं पाणी ,
काळ पता नहीं पाया।
संतो ! अजर अमर घर पाया। टेर। …..


आपो आप और नहीं दूजा ,
नहीं धुप नहीं छाया।
हेमनाथ कहे बेहद महिमा ,
सायर लहर समाया।
संतो ! अजर अमर घर पाया। टेर। …..


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desi chetawani bhajan lyrics

~ Ajar Amar Ghar Tali Lagi ~

bhaya diwana hua mastana,
jug ri ray bhulaya.
santo ajar amar ghar paya.


ajar amar ghar tali lagi,
gebi nad ghuraya.
sun sun mast bhaya man mera,
sat me to rahat samaya.
santo ajar amar ghar paya.


chavda lok kaal ra sara,
made kal ko khaya.
kal akal dono vathe thak gaya,
un ghar alakh jagaya.
santo ajar amar ghar paya.


sat lok me sat ra vasa,
moh mamta nhi maya.
chand suraj pavan nhi pani,
kal pata nhi paya.
santo ajar amar ghar paya.


aapo aap or nhi duja,
nhi dhup nhi chhaya.
hemnath kahe behad mahima,
sayar lahar samaya.
santo ajar amar ghar paya.


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~ अजर अमर घर पाया ~

भया दीवाना हुआ मस्ताना ,जुग री राय भुलाया।
संतो ! अजर अमर घर पाया।

अजर अमर घर ताली लागी ,गेबी नाद घुराया।
सुण सुन मस्त भया मन मेरा ,सत में तो रहत समाया।
संतो ! अजर अमर घर पाया। टेर। …..

चवदा लोक काळ रा सारा ,मडे काळ को खाया।
काळ अकाळ दोनों वठे थक गया ,उण घर अलख जगाया।
संतो ! अजर अमर घर पाया। टेर। …..

सत लोक में सात रा वासा ,मोह ममता नहीं माया।
चाँद सूरज पवन नहीं पाणी ,काळ पता नहीं पाया।
संतो ! अजर अमर घर पाया। टेर। …..

आपो आप और नहीं दूजा ,नहीं धुप नहीं छाया।
हेमनाथ कहे बेहद महिमा ,सायर लहर समाया।
संतो ! अजर अमर घर पाया। टेर। …..

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भजन :- अजर अमर घर पाया
गायक :- प्रकाश माली
लेबल :- राजस्थानी भजन

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