दो दिन का जग में मेला सब चला चली का खेला भजन लिरिक्स | do din ka jag me mela bhajan lyrics

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दो दिन का जग में मेला सब चला चली का खेला भजन लिरिक्स

दो दिन का जग में मेला सब चला चली का खेला भजन लिरिक्स, do din ka jag me mela chetawani bhajan lyrics

।। दोहा ।।
एक शब्द सुख खानी है, एक शब्द दुःख रासी।
एक शब्द बंधन कटे, एक शब्द गल फांसी।


~ दो दिन का जग में मेला ~

दो दिन का जग में मेला ,
सब चला चली का खेला रे।


कोई चला गया कोई जावे ,
कोई गठड़ी बांध सिधावे।
कोई खड़ा तैयार अकेला ,
सब चला चली का खेला रे।
दो दिन का जग में मेला ,
सब चला चली का खेला रे। टेर। ..


कर पाप कपट छल माया ,
धन लाख करोड़ कमाया।
संग चले ना एक अधेला ,
सब चला चली का खेला रे।
दो दिन का जग में मेला ,
सब चला चली का खेला रे। टेर। ..


नारी मात पिता सूत भाई ,
कोई अंत सहायक नाहि।
क्यों भरे पाप का ठेला रे ,
सब चला चली का खेला रे।
दो दिन का जग में मेला ,
सब चला चली का खेला रे। टेर। ..


यह नाशवान संसारा ,
कर भजन हरि का प्यारा।
ब्रह्मानंद कहे सुन चेला ,
सब चला चली का खेला रे।
दो दिन का जग में मेला ,
सब चला चली का खेला रे। टेर। ..


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chetawani bhajan lyrics in hindi

~ do din ka jag me mela ~

do din ka jag me mela,
sab chala chali ka khela re.


koi chala gaya koi jave,
koi gathadi bandh sidhave.
koi khada taiyar akela,
sab chala chali ka khela re.
do din ka jag me mela,
sab chala chali ka khela re.


kar pap kapat chal maya,
dhan lakh karod kamaya.
sang chale na ek adhela,
sab chala chali ka khela re.
do din ka jag me mela,
sab chala chali ka khela re.


nari mat pita sut bhai,
koi ant sahayak nahi.
kyu bhare pap ka thela re,
sab chala chali ka khela re.
do din ka jag me mela,
sab chala chali ka khela re.


yah nashwan sansara,
kar bhajan hari ka pyara.
brahmanand kahe sun chela,
sab chala chali ka khela re.
do din ka jag me mela,
sab chala chali ka khela re.


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चेतावनी भजन लिरिक्स इन हिंदी

~ दो दिन का जग में मेला ~

दो दिन का जग में मेला ,सब चला चली का खेला रे।

कोई चला गया कोई जावे ,कोई गठड़ी बांध सिधावे।
कोई खड़ा तैयार अकेला ,सब चला चली का खेला रे।
दो दिन का जग में मेला ,सब चला चली का खेला रे। टेर। ..

कर पाप कपट छल माया ,धन लाख करोड़ कमाया।
संग चले ना एक अधेला ,सब चला चली का खेला रे।
दो दिन का जग में मेला ,सब चला चली का खेला रे। टेर। ..

नारी मात पिता सूत भाई ,कोई अंत सहायक नाहि।
क्यों भरे पाप का ठेला रे ,सब चला चली का खेला रे।
दो दिन का जग में मेला ,सब चला चली का खेला रे। टेर। ..

यह नाशवान संसारा ,कर भजन हरि का प्यारा।
ब्रह्मानंद कहे सुन चेला ,सब चला चली का खेला रे।
दो दिन का जग में मेला ,सब चला चली का खेला रे। टेर। ..

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भजन :- दो दिन का जग में मेला
गायक :- विष्णु महाराज
लेबल :- राजस्थानी भजन

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