पूरण प्रेम लगा दिल में तब नेम का बंधन छूट गया भजन लिरिक्स | puran prem laga dil me tab bhajan lyrics

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पूरण प्रेम लगा दिल में तब नेम का बंधन छूट गया भजन लिरिक्स

पूरण प्रेम लगा दिल में तब नेम का बंधन छूट गया भजन लिरिक्स, puran prem laga dil me tab bhajan lyrics chetawani bhajan

।। दोहा ।।
अजगर करे ना चाकरी, पंछी करे ना काम।
दास मलूका कह गये, सबके दाता राम।


~ पूरण प्रेम लगा दिल में तब ~

पूरण प्रेम लगा दिल में तब ,
नेम का बंधन छूट गया।


कोई पण्डित लोग बतावत है ,
समझावत रीतन को।
जब प्रीतम से दृढ़ प्रीत भई ,
सब रीत का बंधन टूट गया।
पूरण प्रेम लगा दिल में तब ,
नेम का बंधन छूट गया। टेर। ….


कोई तीरथ दर्शन जावत है ,
कोई मंदिर में नित दर्शन को।
घट भीतर देव दीदार हुआ ,
तब से मन ये रूठ गया।
पूरण प्रेम लगा दिल में तब ,
नेम का बंधन छूट गया। टेर। ….


कोई जिव कहे कोई ईश कहे ,
कोई गावत ब्रह्म निरंजन को।
जब अंदर बाहर एक हुआ ,
सब द्वैत का परदा फुट गया।
पूरण प्रेम लगा दिल में तब ,
नेम का बंधन छूट गया। टेर। ….


सोई एक अनेक स्वरुप बना ,
परि पूरण है जल में थल में।
ब्रह्मानंद करी गुरदेव दया ,
भवसागर का भय उठ गया।
पूरण प्रेम लगा दिल में तब ,
नेम का बंधन छूट गया। टेर। ….


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chetawani bhajan hindi lyrics

~ puran prem laga dil me tab ~

puran prem laga dil me tab,
nem ka bandhan chhut gaya.


koi pandit log batavat hai,
samjhavat ritan ko.
jab pritam se dradh preet bhai,
sab reet ka bandhan tut gaya.
puran prem laga dil me tab,
nem ka bandhan chhut gaya.


koi tirath darshan javat hai,
koi mandir me nit darshan ko.
ghat bhitar dev didar hua,
tab se man ye ruth gaya.
puran prem laga dil me tab,
nem ka bandhan chhut gaya.


koi jiv kahe koi esh kahe,
koi gavat brahma niranjan ko.
jab andar bahar ek hua,
sab det ka parda ful gaya.
puran prem laga dil me tab,
nem ka bandhan chhut gaya.


soi ek anek swarup bana,
pari puran hai jal me thal me.
brahmanand kari gurudev daya,
bhavsagar ka bhay uth gaya.
puran prem laga dil me tab,
nem ka bandhan chhut gaya.


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~ पूरण प्रेम लगा दिल में तब ~

पूरण प्रेम लगा दिल में तब ,नेम का बंधन छूट गया।

कोई पण्डित लोग बतावत है ,समझावत रीतन को।
जब प्रीतम से दृढ़ प्रीत भई ,सब रीत का बंधन टूट गया।
पूरण प्रेम लगा दिल में तब ,नेम का बंधन छूट गया। टेर। ….

कोई तीरथ दर्शन जावत है ,कोई मंदिर में नित दर्शन को।
घट भीतर देव दीदार हुआ ,तब से मन ये रूठ गया।
पूरण प्रेम लगा दिल में तब ,नेम का बंधन छूट गया। टेर। ….

कोई जिव कहे कोई ईश कहे ,कोई गावत ब्रह्म निरंजन को।
जब अंदर बाहर एक हुआ ,सब द्वैत का परदा फुट गया।
पूरण प्रेम लगा दिल में तब ,नेम का बंधन छूट गया। टेर। ….

सोई एक अनेक स्वरुप बना ,परि पूरण है जल में थल में।
ब्रह्मानंद करी गुरदेव दया ,भवसागर का भय उठ गया।
पूरण प्रेम लगा दिल में तब ,नेम का बंधन छूट गया। टेर। ….

hindi bhajan lyrics in hindi

भजन :- पूरण प्रेम लगा दिल में तब
गायक :- unknown
लेबल :- राजस्थानी भजन

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