जाति रो कारण है नहीं संतो भजन लिरिक्स | jati ro karan hai nahi santo bhajan lyrics

713

जाति रो कारण है नहीं संतो भजन लिरिक्स

जाति रो कारण है नहीं संतो भजन लिरिक्स, jati ro karan hai nahi santo kabir das ji ke chetawani bhajan lyrics

।। दोहा ।।
नीच नीच सब तर गये, संत चरण लवलीन।
जाति के अभिमान में, डूबे कई कुलीन।


~ जाति रो कारण है नही संतो ~

जाति रो कारण है नही संतो ,
सिंवरे ज्या रो साईं।
सिंवर सिंवर निर्भय हुआ ,
देव दर्शया घट माहि।


अठ्ठासी हजार ऋषि तापता ,
एके वन रे माहि।
भेली तापती शबरी भीलनी ,
उण में अंतर नाहि।
जाति रो कारण है नही संतो ,
सिंवरे ज्या रो साईं। टेर। ….


यज्ञ रचायो पांचु पांडवा ,
हस्तिनापुर माहि।
वाल्मीक सरगरों शंख बजायो ,
जाति कारण नाहि।
जाति रो कारण है नही संतो ,
सिंवरे ज्या रो साईं। टेर। ….


नीची जाति चमार री ,
गुरु किया मीरा बाई।
राणोजी परचो माँगियो ,
कुण्ड में गंग दिखाई।
जाति रो कारण है नही संतो ,
सिंवरे ज्या रो साईं। टेर। ….


रामदास सिंवरे राम ने ,
खेडापे माहि।
राजा प्रजा बादशाह ,
सब ही शीश निवाई।
जाति रो कारण है नही संतो ,
सिंवरे ज्या रो साईं। टेर। ….


जरूर पढ़ें :- मैं तो उन रे संता रो हूँ दास 

जरूर पढ़ें :- दौड़ा जाए रे समय का घोड़ा

kabir das ji ke chetawani bhajan lyrics

~ jati ro karan hai nahi santo ~

jati ro karan hai nhi santo,
sinvre jya ro sai.
sivar sivar nirbhay hua,
dev darshya ghat mahi.


athathsi hajar rishi tapta,
eke van re mahi.
bheli tapti shabari bhilani,
un me antar nahi.
jati ro karan hai nhi santo,
sinvre jya ro sai.


yagye rachayo pachu pandava,
hastinapur mahi.
valmik sargaro ankh bajayo,
jati karan nahi.
jati ro karan hai nhi santo
jati ro karan hai nhi santo,
sinvre jya ro sai.


nichi jati chamar ri,
guru kiya meera bai.
rano ji parcho mangiyo,
kund me gang dikhai.
jati ro karan hai nhi santo,
sinvre jya ro sai.


ram das sinvre ram ne,
khedape mahi.
raja praja badshah,
sab hi shish nivai.
jati ro karan hai nhi santo,
sinvre jya ro sai.


जरूर पढ़ें :- प्रेम का मार्ग बांका रे

जरूर पढ़ें :-  हरि का नाम सुमिर सुखधाम

मारवाड़ी देसी चेतावनी भजन लिरिक्स

~ जाति रो कारण है नहीं संतो ~

जाति रो कारण है नही संतो ,सिंवरे ज्या रो साईं।
सिंवर सिंवर निर्भय हुआ ,देव दर्शया घट माहि।

अठ्ठासी हजार ऋषि तापता ,एके वन रे माहि।
भेली तापती शाबरी भीलनी ,उण में अंतर नाहि।
जाति रो कारण है नही संतो ,सिंवरे ज्या रो साईं। टेर। ….

यज्ञ रचायो पांचु पांडवा ,हस्तिनापुर माहि।
वाल्मीक सरगरों शंख बजायो ,जाति कारण नाहि।
जाति रो कारण है नही संतो ,सिंवरे ज्या रो साईं। टेर। ….

नीची जाति चमार री ,गुरु किया मीरा बाई।
राणोजी परचो माँगियो ,कुण्ड में गंग दिखाई।
जाति रो कारण है नही संतो ,सिंवरे ज्या रो साईं। टेर। ….

रामदास सिंवरे राम ने ,खेडापे माहि।
राजा प्रजा बादशाह ,सब ही शीश निवाई।
जाति रो कारण है नही संतो ,सिंवरे ज्या रो साईं। टेर। ….

anil nagori ke bhajan lyrics

भजन :- जाति रो कारण है नही संतो
गायक :- अनिल नागोरी
लेबल :- राजस्थानी भजन

जरूर पढ़ें :- तूने हीरा सो जन्म गवायो रे

जरूर पढ़ें :- मालिक ने भजो रे गिंवारा

पिछला लेखमैं तो उन रे संता रो हूँ दास जिन्होंने मन मार लिया भजन लिरिक्स | Me To Un Re Santan Ka Hu Das bhajan lyrics
अगला लेखमें तो हीरो गमादियो कचरा में भजन लिरिक्स | hiro gama diyo kachra mein bhajan lyrics

4 टिप्पणी

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

14 + nine =