सुता शेर जंगल का राजा उसे जगाना ना चाहिए भजन लिरिक्स | suta ser jangal ka raja bhajan lyrics

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सुता शेर जंगल का राजा उसे जगाना ना चाहिए भजन लिरिक्स

सुता शेर जंगल का राजा उसे जगाना ना चाहिए भजन लिरिक्स, suta ser jangal ka raja bhajan lyrics, chetawani bhajan lyrics in hindi

।। दोहा ।।
राजा जोगी अग्नि जल, ज्यारी उल्टी रीत।
डरता रहो परसराम जी, ये थोड़ी बाळे प्रीत।


~ सुता शेर जंगल का राजा ~

सुता शेर जंगल का राजा ,
उसे जगाना ना चाहिए।
राजा जोगी अग्नि जल से,
प्रीत लगाना नहीं चाहिए।


देकर के विश्वास किसको ,
घात लगाना नहीं चाहिए।
पर नारी के सपने में भी,
हाथ लगाना नहीं चाहिए।

अग्नि ब्रामण गौ माता के,
लात लगाना नहीं चाहिए।
सत्संगत में जाकर के,
थोती बात बनाना ना चाहिए।

कहना चाहिए मुख के उपर,
चुगली खाना ना चाहिए।
राजा जोगी अग्नि जल से,
प्रीत लगाना नहीं चाहिए। टेर। …


दया धर्म और सुभ कर्मो में ,
देर लगाना ना चाहिए।
कुआँ बावड़ी रास्ता उपर,
केर लगाना ना चाहिए।

हीरा वरगी श्याणी कन्या,
लार लगाना ना चाहिए।
वक्त पड़ा अपनी छाती पे ,
पैर लगाना ना चाहिए।

रहना चाहिए सब से मिलकर,
वैर बढाना ना चाहिए।
राजा जोगी अग्नि जल से,
प्रीत लगाना नहीं चाहिए। टेर। …


कडवा बोल किसी के दिल पर,
चोट लगाना ना चाहिए।
नीर अपराध जान बुछ्कर ,
खोट लगाना ना चाहिए।

दूध छोड़कर मद प्याले के,
होठ लगाना ना चाहिए।
चोरी, चुआरी वेश्या के घर,
लोट लगाना ना चाहिए।

सुनना चाहिए सब लोगो की,
छोर मचाना ना चाहिए।
राजा जोगी अग्नि जल से,
प्रीत लगाना नहीं चाहिए। टेर। …


बिना बुलाये पर घर अन्दर,
भूल के जाना ना चाहिए।
दुश्मन के घर जाकर रोटी ,
भूल के खाना ना चाहिए।

बहती जल की मजधार में,
भूल के नहाना ना चाहिए।
हरी नारायण गन्दा गाना ,
भूल के गाना ना चाहिए।

गाना चाहिए ताल मिलाके,
बेताल यु गाना ना चाहिए।
राजा जोगी अग्नि जल से,
प्रीत लगाना नहीं चाहिए। टेर। …


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chetawani bhajan lyrics in hindi

~ suta ser jangal ka raja ~

suta ser jangal ka raja,
use jagana na chahiye.
raja jogi agni jal se,
preet lagana nhi chahiye.


dekar ke vishvas kisko,
ghat lagana nhi chahiye.
par nari ke sapne me bhi,
hath lagana nhi chahiye.

agni braham go mata ke,
lat lagana nhi chahiye.
satsangat me jakar ke,
thoti bat banana na chahiye.

kahna chahiye mukh ke upar,
chugli khana na chahiye.
raja jogi agni jal se,
preet lagana nhi chahiye.


daya dharm or subh karmo me,
der lagana na chahiye.
kua bavadi rasta upar,
ker lagana na chahiye.

heera vargi shyani kanya
lar lagana na chahiye.
vakt pada apne chhati pe,
per lagana na chahiye.

rahna chahiye sab se milkar,
ver bathana na chahiye.
raja jogi agni jal se,
preet lagana nhi chahiye.


kadva bol kisi ke dil par,
chot lagan na chahiye,
neer apradh jan buchkar,
khot lagana na chahiye.

dudh chod kar mad pyale ke,
hoth lagana na chahiye.
chor chuari veshya ke ghar,
lot lagana na chahiye.

sunna chahiye sab logo ki,
chor machana na chahiye.
raja jogi agni jal se,
preet lagana nhi chahiye.


bina bulaye par ghar andar,
bhul ke jana na chahiye.
dushman ke ghar jakar roti,
bhul ke khana na chahiye.

bahti jal ki majdhar me,
bhul ke nahana na chahiye.
hari narayan ganda gana,
bhul ke gana na chahiye.

gana chahiye tal milake,
betal yu gana na chahiye.
raja jogi agni jal se,
preet lagana nhi chahiye.


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चेतावनी भजन लिरिक्स इन हिंदी

~ सुता शेर जंगल का राजा ~

सुता शेर जंगल का राजा ,उसे जगाना ना चाहिए।
राजा जोगी अग्नि जल से, प्रीत लगाना नहीं चाहिए।

देकर के विश्वास किसको , घात लगाना नहीं चाहिए।
पर नारी के सपने में भी, हाथ लगाना नहीं चाहिए।

अग्नि ब्रामण गौ माता के, लात लगाना नहीं चाहिए।
सत्संगत में जाकर के, थोती बात बनाना ना चाहिए।

कहना चाहिए मुख के उपर, चुगली खाना ना चाहिए।
राजा जोगी अग्नि जल से, प्रीत लगाना नहीं चाहिए। टेर। …

दया धर्म और सुभ कर्मो में ,देर लगाना ना चाहिए।
कुआँ बावड़ी रास्ता उपर, केर लगाना ना चाहिए।

हीरा वरगी श्याणी कन्या, लार लगाना ना चाहिए।
वक्त पड़ा अपनी छाती पे ,पैर लगाना ना चाहिए।

रहना चाहिए सब से मिलकर, वैर बढाना ना चाहिए।
राजा जोगी अग्नि जल से, प्रीत लगाना नहीं चाहिए। टेर। …

कडवा बोल किसी के दिल पर, चोट लगाना ना चाहिए।
नीर अपराध जान बुछ्कर , खोट लगाना ना चाहिए।

दूध छोड़ कर, मद प्याले के,होठ लगाना ना चाहिए।
चोरी, चुआरी वेश्या के घर, लोट लगाना ना चाहिए।

सुनना चाहिए सब लोगो की, छोर मचाना ना चाहिए।
राजा जोगी अग्नि जल से, प्रीत लगाना नहीं चाहिए। टेर। …

बिना बुलाये पर घर अन्दर, भूल के जाना ना चाहिए।
दुश्मन के घर जाकर रोटी ,भूल के खाना ना चाहिए।

बहती जल की मजधार में, भूल के नहाना ना चाहिए।
हरी नारायण गन्दा गाना ,भूल के गाना ना चाहिए।

गाना चाहिए ताल मिलाके, बेताल यु गाना ना चाहिए।
राजा जोगी अग्नि जल से, प्रीत लगाना नहीं चाहिए। टेर। …

sunita swami ke chetavni bhajan

भजन :- सुता शेर जंगल का राजा
गायिका :- सुनीता स्वामी
लेबल :- राजस्थानी भजन

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