इन रे आंगणिये सखी कई नर खेलन आया भजन लिरिक्स | In Re Aanganiye Sakhi bhajan lyrics

1289

इन रे आंगणिये सखी कई नर खेलन आया भजन लिरिक्स

इन रे आंगणिये सखी कई नर खेलन आया भजन लिरिक्स, In Re Aanganiye Sakhi bhajan lyrics, chetawani desi bhajan lyrics

।। दोहा ।।
कबीरा सोया क्या करे, उठ ने भज भगवान।
जम जब घर ले जायेंगे, पड़ी रहेगी म्यान।


~ इण रे आंगनिये ए सखी ~

इण रे आंगणिये ए सखी ,
कई नर खेलन आया।
कई खेल्या ने कई नर खेलसी ,
कई नर खेल सिधाया।
इण रे आंगणिये ए सखी।


तीन गुणा री झुपड़ी ,
आ निशदिन झूठी रे।
नैन हमारा यु झरे ,
ज्यू गागर फूटी रे।
इण रे आंगणिये ए सखी ,
कई नर खेलन आया। टेर। …


आवो रे पांच सहेलिया ,
सीव दो नी मेरा चोला ओ।
में हु ज्ञान गरीबणी ,
सायब मेरा भोळा ओ।
इण रे आंगणिये ए सखी ,
कई नर खेलन आया। टेर। …


जाय उतारया पर धरा ,
संगी पछताया ओ।
थे तो साथीड़ा थारे घर जाओ ,
में तो भया रे पराया ओ।
इण रे आंगणिये ए सखी ,
कई नर खेलन आया। टेर। …


आया परवाना अमरलोक रा ,
अठे रेवण नहीं देला ओ।
काजी मोहम्मद शाह यु भणे ,
संतो सही कर लेणा ओ।
इण रे आंगणिये ए सखी ,
कई नर खेलन आया। टेर। …


जरूर पढ़ें :- गुरु कितना दे उपदेश

जरूर पढ़ें :- जिणरो परमारथ म्हारो जूनो जोगी जाणे

chetawani desi bhajan lyrics in hindi

~ In Re Aanganiye Sakhi ~

en re aanganiye a sakhi,
kai nar khelan aaya.
kai khelya ne kai nar khelasi,
kai nar khel sidhaya.
en re aanganiye a sakhi.


teen guna ri jhupadi,
aa nishdin jhuthi re.
nain hamara yu jhare,
jyu gagar futi re.
en re aanganiye a sakhi,
kai nar khelan aaya.


aavo re panch saheliya,
seev do ni mera chola o.
me hu gyan garibani,
sayab mera bhola o.
en re aanganiye a sakhi,
kai nar khelan aaya.


jay utarya par dhara,
sangi pachtaya o.
the to sathida thare ghar jao.
me to bhaya re paraya o.
en re aanganiye a sakhi,
kai nar khelan aaya.


aaya parvana amarlok ra,
athe revan nhi dela o.
kaji mohammad sah yu bhane,
santo sahi kar lena o.
en re aanganiye a sakhi,
kai nar khelan aaya.


जरूर पढ़ें :- मनवा राखे नी विश्वास

जरूर पढ़ें :- थारी चुनड़ली रा चटका

चेतावनी भजन लिरिक्स मारवाड़ी

~ इन रे आंगणिये सखी ~

इण रे आंगणिये ए सखी ,कई नर खेलन आया।
कई खेल्या ने कई नर खेलसी ,कई नर खेल सिधाया।
इण रे आंगणिये ए सखी।

तीन गुणा री झुपड़ी ,आ निशदिन झूठी रे।
नैन हमारा यु झरे ,ज्यू गागर फूटी रे।
इण रे आंगणिये ए सखी ,कई नर खेलन आया। टेर। …

आवो रे पांच सहेलिया ,सीव दो नी मेरा चोला ओ।
में हु ज्ञान गरीबणी ,सायब मेरा भोळा ओ।
इण रे आंगणिये ए सखी ,कई नर खेलन आया। टेर। …

जाय उतारया पर धरा ,संगी पछताया ओ।
थे तो साथीड़ा थारे घर जाओ ,में तो भया रे पराया ओ।
इण रे आंगणिये ए सखी ,कई नर खेलन आया। टेर। …

आया परवाना अमरलोक रा ,अठे रेवण नहीं देला ओ।
काजी मोहम्मद शाह यु भणे ,संतो सही कर लेणा ओ।
इण रे आंगणिये ए सखी ,कई नर खेलन आया। टेर। …

shankar ji thawla ke bhajan

भजन :- इण रे आंगनिये ए सखी
गायक :- शंकर जी थांवला
लेबल :- राजस्थानी भजन

जरूर पढ़ें :- हालो दीवाना यहाँ क्यों बैठा

जरूर पढ़ें :- जो थारो मनवो कियो नही माने 

पिछला लेखगुरु कितना दे उपदेश मूरख थारे एक नहीं लागे भजन लिरिक्स | guru kitna de updesh bhajan lyrics
अगला लेखसाधु भाई नगे करो वा घर की भजन लिरिक्स | sadhu bhai nage karo wa ghar ki bhajan lyrics

4 टिप्पणी

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

five + 2 =