थारी चुनड़ली रा चटका है दिन चार पुराणी पड़सी चुनडली भजन लिरिक्स | thari chunadli ra chatka hai din char bhajan lyrics

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थारी चुनड़ली रा चटका है दिन चार पुराणी पड़सी चुनडली भजन लिरिक्स

थारी चुनड़ली रा चटका है दिन चार पुराणी पड़सी चुनडली भजन लिरिक्स, thari chunadli ra chatka hai din char bhajan lyrics

।। दोहा ।।
आतम तत्व परख लो, जल पर खड़ी है जहाज।
मन अपने को वश करो, सरे जुगत रा काज।


~ थारी चुनडली रो चटको ~

थारी चुनडली रो चटको दिन चार ,
पुराणी पड़सी चुनडली।


आख्या सु सूझे नहीं रे ,
सुणे नहीं दोनु कान।
दांत बतीसी बाहर आ गई ,
बिगड़ी चुनडली री शान।
थारी चुनडली रो चटको दिन चार ,
पुराणी पड़सी चुनडली। टेर। …


सळ पड़िया शरीर में रे ,
अब तो भज भगवान।
रंग गुलाबी उड़ गयो रे ,
बिगड़ी चुनडली री शान।
थारी चुनडली रो चटको दिन चार ,
पुराणी पड़सी चुनडली। टेर। …


सुध बुध भूल्यो शरीर री रे ,
थोड़ो भावे धान।
डगमग डगमग नाड चाले ,
क्यों तू भूल्यो भगवान।
थारी चुनडली रो चटको दिन चार ,
पुराणी पड़सी चुनडली। टेर। …


खाले पीले और खर्च ले ,
कर चुनड़ी रो मान।
प्रतापगिरि यु कहे बंदा ,
लागे गुरूजी रो ज्ञान।
थारी चुनडली रो चटको दिन चार ,
पुराणी पड़सी चुनडली। टेर। …


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~ thari chunadli ra chatka hai din char ~

Thari chundali ro chatko din char,
Purani padsi chunadali.


Aakhya su sujhe nhi re,
Sune nhi donu kaan.
Dat batisi bahar aa gai,
Bigadi chunadli ri shan.
Thari chundali ro chatko din char,
Purani padsi chunadali.


Sal padiya sharir me re,
Ab to bhaj bhagwan.
Rang gulabi ud gayo re,
Bigadi chunadali ri shan.
Thari chundali ro chatko din char,
Purani padsi chunadali.


Sudh budh bulyo sharir ri re,
Thodo bhave dhan.
Dagmag dagmag nad chale ,
Kyu tu bhulyo bhagwan.
Thari chundali ro chatko din char,
Purani padsi chunadali.


Khale pile or kharch le,
Kar chunadi ro maan.
Pratapgiri yu kahe bandha,
Lage guruji ro gyan.
Thari chundali ro chatko din char,
Purani padsi chunadali.


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~ थारी चुनड़ली रा चटका है दिन चार ~

थारी चुनडली रो चटको दिन चार ,पुराणी पड़सी चुनडली।

आख्या सु सूझे नहीं रे ,सुणे नहीं दोनु कान।
दांत बतीसी बाहर आ गई ,बिगड़ी चुनडली री शान।
थारी चुनडली रो चटको दिन चार ,पुराणी पड़सी चुनडली। टेर। …

सळ पड़िया शरीर में रे ,अब तो भज भगवान।
रंग गुलाबी उड़ गयो रे ,बिगड़ी चुनडली री शान।
थारी चुनडली रो चटको दिन चार ,पुराणी पड़सी चुनडली। टेर। …

सुध बुध भूल्यो शरीर री रे ,थोड़ो भावे धान।
डगमग डगमग नाड चाले ,क्यों तू भूल्यो भगवान।
थारी चुनडली रो चटको दिन चार ,पुराणी पड़सी चुनडली। टेर। …

खाले पीले और खर्च ले ,कर चुनड़ी रो मान।
प्रतापगिरि यु कहे बंदा ,लागे गुरूजी रो ज्ञान।
थारी चुनडली रो चटको दिन चार ,पुराणी पड़सी चुनडली। टेर। …

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भजन :- थारी चुनडली रो चटको दिन चार
गायिका :- सुनीता स्वामी
लेबल :- राजस्थानी भजन

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