राठौड़ा थारो भारी लागो दरबार भजन लिरिक्स | rathora tharo bhari lage darbar bhajan lyrics

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राठौड़ा थारो भारी लागो दरबार भजन लिरिक्स

राठौड़ा थारो भारी लागो दरबार भजन लिरिक्स, rathora tharo bhari lage darbar mata ji lavani lyrics in hindi

।। दोहा ।।
कीर्ति मुकुट कुण्डल किरण, चोली चमकत हीर।
घेर गुमारो घागरो, मैया ओडन दखणी रो चीर।


~ भारी लागो दरबार ~

भारी लागो दरबार।
राठोड़ा थारो ,
भारी लागो दरबार।
हो मैया जी थारो,
भारी लागो दरबार।


निम्बाहेड़ा दक्षिण दिशा में,
बैठी आसन मार।
खड़क खप्पर त्रिशूल चक्र ले,
होकर सिंह पे असवार।
राठोड़ा थारो ,
भारी लागो दरबार। टेर …..


जगतारण जगदीश्वरी जी,
कारज देवे सार।
विघ्न विनाशक शंकरी,
भरे है पुरण भण्डार।
राठोड़ा थारो ,
भारी लागो दरबार। टेर …..


भीड़ पड़ी भक्ता में,
प्रकट हुई अवतार।
पथ राखी परमेश्वरी जी,
सूंड मुंड को दे मार।
राठोड़ा थारो ,
भारी लागो दरबार। टेर …..


बद्री मोहन सांखला जी,
रटन करे हर बार।
नाना कन्हैया शम्भू को,
भवतारन भव पार।
राठोड़ा थारो ,
भारी लागो दरबार। टेर …..


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mata ji lavani lyrics in hindi

~ rathora tharo bhari lage darbar ~

bhari lago darbar,
rathoda tharo,
bhari lago darbar.
ho maiya ji tharo,
bhari lago darbar.


nimbaheda dakshin disha me,
baithi aasan maar.
kkhadak khappar trishul chakr le,
hokar singh pe aswar.
rathoda tharo,
bhari lago darbar.


jagtaran jagdishwari ji,
kaaraj deve saar.
vign vinashak shankari,
bhare hai puran bhandar.
rathoda tharo,
bhari lago darbar.


bhid padi bhakta me,
prakat hue avtar.
path rakhi parmeshwari ji,
sund mund ko de maar.
rathoda tharo,
bhari lago darbar.


badri mohan sankhla ji,
ratan kare har baar.
nana kanhaiya shambhu ko,
bhavtaran bhav paar.
rathoda tharo,
bhari lago darbar.


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~ राठौड़ा थारो भारी लागो दरबार ~

भारी लागो दरबार।
राठोड़ा थारो ,भारी लागो दरबार।
हो मैया जी थारो,भारी लागो दरबार।

निम्बाहेड़ा दक्षिण दिशा में,बैठी आसन मार।
खड़क खप्पर त्रिशूल चक्र ले,होकर सिंह पे असवार।
राठोड़ा थारो ,भारी लागो दरबार। टेर …..

जगतारण जगदीश्वरी जी,कारज देवे सार।
विघ्न विनाशक शंकरी,भरे है पुरण भण्डार।
राठोड़ा थारो ,भारी लागो दरबार। टेर …..

भीड़ पड़ी भक्ता में,प्रकट हुई अवतार।
पथ राखी परमेश्वरी जी,सूंड मुंड को दे मार।
राठोड़ा थारो ,भारी लागो दरबार। टेर …..

बद्री मोहन सांखला जी,रटन करे हर बार।
नाना कन्हैया शम्भू को,भवतारन भव पार।
राठोड़ा थारो ,भारी लागो दरबार। टेर …..

gayak nandlal bhat ke bhajan

भजन :- भारी लागो दरबार
गायक :- नंदलाल भाट
लेबल :- राजस्थानी भजन

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