आज मायरो भरदे नानी बाई को भजन लिरिक्स | he banwari aaj mayro bhar de bhajan lyrics

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आज मायरो भरदे नानी बाई को भजन लिरिक्स

आज मायरो भरदे नानी बाई को भजन लिरिक्स he banwari aaj mayro bhar de nani bai ko mayro bhajan lyrics

।। दोहा ।।
कृष्णा थे मत जाणजो, था बिछड्या मोहे चैन।
जैसे जल बिन माछली, प्रभु तड़प रही दिन रैन।


~ और आसरो छोड़ आसरो ~

और आसरो छोड़ आसरो ,
ले लियो कुँवर कन्हाई को।
है बनवारी आज मायरो ,
भर दे नैनी बाई को।


असुर संहारण भक्त उबारण ,
चार वेद महिमा गाई।
जब जब भीड़ पड़ी भक्तन पर ,
तब तब आप करी सहाई।
पृथ्वी लाकर सृष्टि रचाई ,
बरहा होय सतयुग माहि।
असुर मार प्रहलाद उबारयो ,
प्रकट भये खम्भा माहि।
बावन होय बली छल लियो ,
कीन्हो काम ठगाई को।
है बनवारी आज मायरो ,
भर दे नैनी बाई को। टेर।


मच्छ कच्छ अवतार धारकर ,
सुर नर की मनसा पूरी।
अर्ध रेन गजराज पुकारयो ,
गरुड़ छोड़ पहुंचे दुरी।
भस्मासुर को भस्म करायो ,
सुन्दर रूप बने हरी।
नारद की नारी ठग लिनी ,
जाकर आप चढ़े चंवरी।
असुरन से अमृत ले लीनो ,
बनकर भेष लुगाई को।
है बनवारी आज मायरो ,
भर दे नैनी बाई को। टेर।


परशुराम भी रामचंद्र भये ,
गौतम की नारी तारी।
भीलणी के फल झूठे खाये ,
शंका त्याग देई सारी।
करमा के घर खीचड़ खायो ,
तारी अधम गणिका नारी।
छलकर तर गई नारी पूतना ,
कुबजा भई आज्ञाकारी।
सेन भगत का सांसा मेट्या ,
रूप बनाकर नाई को।
है बनवारी आज मायरो ,
भर दे नैनी बाई को। टेर।


नामदेव रैदास कबीरो ,
धन्ना भगत को खेत भरयो।
दुर्योधन का मेवा त्याग ,
साग विदुर घर पान करयो।
प्रीत लगाकर गोपी तर गई ,
दुशासन को मान हरयो।
कहे नरसिलो सुन ले सांवरिया ,
कर ले काम भलाई को।
है बनवारी आज मायरो ,
भर दे नैनी बाई को। टेर।


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nani bai ko mayro bhajan lyrics in hindi

~ he banwari aaj mayro bhar de ~

or asaro chod asaro,
le liyo kunvar kanhaie ko .
hai banvari aaj mayaro,
bhar de naini bai ko.


asur sanharan bhakt ubaran,
char ved mahima gai.
jab jab bhid padi bhaktan par,
tab tab aap kari sahai.
prithvi lakar srishthi rachai,
barha hoy satyug mahi.
asur mar prahlad ubaryo,
prakat bhaye khambha mahi.
bavan hoy bali chhal liyo,
kinho kaam thagai ko.
hai banvari aaj mayaro,
bhar de naini bai ko.


machcha kachcha avtar dharkar,
sur nar ki mansa puri.
ardh ren gajraj pukaryo,
garud chod pahuche duri.
bhasmasur ko bhasm karayo,
sundar rup bane hari.
narad ki nari thag lini,
jakar aap chade chanvari.
asuran se amrit le lino,
bankar bhesh lugai ko.
hai banvari aaj mayaro,
bhar de naini bai ko.


parshuram bhi ramchandra bhaye,
gotam ki nari tari.
bhilani ke fal jhuthe kahye,
shanka tyag dei sari.
karma ke ghar khichad khayo,
tari adham ganika nari.
chalkar tar gai nari putna,
kubja bhai aagyakari.
sen bhagat ka sansa metya,
rup banakar nai ko.
hai banvari aaj mayaro,
bhar de naini bai ko.


namdev redas kabiro,
dhanna bhagat ko khet bharyo.
duryodhan ka meva tyag,
saag vidur ghar pan karyo.
preet lagakar gopi tar gai,
dushasan ko man haryo.
kahe narsilo sun le sanwariya,
kar le kaam bhalai ko.
hai banvari aaj mayaro,
bhar de naini bai ko.


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नानी बाई रो मायरो राजस्थानी लोक भजन

~ आज मायरो भरदे नानी बाई को ~

और आसरो छोड़ आसरो ,ले लियो कुँवर कन्हाई को।
है बनवारी आज मायरो ,भर दे नैनी बाई को।

असुर संहारण भक्त उबारण ,चार वेद महिमा गाई।
जब जब भीड़ पड़ी भक्तन पर ,तब तब आप करी सहाई।
पृथ्वी लाकर सृष्टि रचाई ,बरहा होय सतयुग माहि।
असुर मार प्रहलाद उबारयो ,प्रकट भये खम्भा माहि।
बावन होय बली छल लियो ,कीन्हो काम ठगाई को।
है बनवारी आज मायरो ,भर दे नैनी बाई को। टेर।

मच्छ कच्छ अवतार धारकर ,सुर नर की मनसा पूरी।
अर्ध रेन गजराज पुकारयो ,गरुड़ छोड़ पहुंचे दुरी।
भस्मासुर को भस्म करायो ,सुन्दर रूप बने हरी।
नारद की नारी ठग लिनी ,जाकर आप चढ़े चंवरी।
असुरन से अमृत ले लीनो ,बनकर भेष लुगाई को।
है बनवारी आज मायरो ,भर दे नैनी बाई को। टेर।

परशुराम भी रामचंद्र भये ,गौतम की नारी तारी।
भीलणी के फल झूठे खाये ,शंका त्याग देई सारी।
करमा के घर खीचड़ खायो ,तारी अधम गणिका नारी।
छलकर तर गई नारी पूतना ,कुबजा भई आज्ञाकारी।
सेन भगत का सांसा मेट्या ,रूप बनाकर नाई को।
है बनवारी आज मायरो ,भर दे नैनी बाई को। टेर।

नामदेव रैदास कबीरो ,धन्ना भगत को खेत भरयो।
दुर्योधन का मेवा त्याग ,साग विदुर घर पान करयो।
प्रीत लगाकर गोपी तर गई ,दुशासन को मान हरयो।
कहे नरसिलो सुन ले सांवरिया ,कर ले काम भलाई को।
है बनवारी आज मायरो ,भर दे नैनी बाई को। टेर।

om vaishnav ke bhajan

भजन :- और आसरो छोड़ आसरो
गायक :- ओम वैष्णव
लेबल :- राजस्थानी भजन

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