भव सागर सु पार उतारो तीन लोक रा नाथ भजन लिरिक्स | bhavsagar se paar utaro bhajan lyrics

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भव सागर सु पार उतारो तीन लोक रा नाथ भजन लिरिक्स

भव सागर सु पार उतारो तीन लोक रा नाथ भजन bhavsagar se paar utaro shiv ji ke bhajan lyrics in hindi

।। दोहा ।।
शिव समान दाता नहीं, विपत्ति विदारण हार।
लज्या मोरी राखियो, शिव बेलन के असवार।


~ भवसागर सु पार उतारो ~

भवसागर सु पार उतारो ,
तीन लोक रा नाथ।
आसरो थारो है ,भरोसो थारो है।


नित रा सदाशिव में तो ,
थाने मनावा ,थाने मनावा।
आडावळ में धाम आपरो ,
मोटो जग में नाम ,
आसरो थारो है ,भरोसो थारो है।
भवसागर सु पार उतारो ,
तीन लोक रा नाथ। टेर।


आप त्रिलोकी वाला ,
नाथ कहावो ,नाथ कहावो।
सिंवरे सब संसार आपने ,
पूजे नर और नार ,
आसरो थारो है ,भरोसो थारो है।
भवसागर सु पार उतारो ,
तीन लोक रा नाथ। टेर।


भांग धतूरा थारे ,
भोग चढ़ावा ,भोग चढ़ावा।
दर्शन दो एक बार आपने ,
वंदन बारमबार ,
आसरो थारो है ,भरोसो थारो है।
भवसागर सु पार उतारो ,
तीन लोक रा नाथ। टेर।


दास अशोक भोला ,
अरजी सुनावे ,अरजी सुनावे।
सारो सब रा काज जगत में ,
म्हारी राखो लाज ,
आसरो थारो है ,भरोसो थारो है।
भवसागर सु पार उतारो ,
तीन लोक रा नाथ। टेर।


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shiv ji ke bhajan lyrics in hindi

~ bhavsagar se paar utaro ~

bhav sagar su paar utharo,
teen lok ra nath.
aasro tharo hai, bharoso tharo hai.


nit ra sadashiv me to,
thane manava, thane manava.
aadaval me dham aapro,
moto jag me naam,
aasro tharo hai, bharoso tharo hai.
bhav sagar su paar utharo,
teen lok ra nath.


aap triloki wala,
nath kahavo, nath kahavo.
sinvre sab sansar aapne,
puje nar or naar,
aasro tharo hai, bharoso tharo hai.
bhav sagar su paar utharo,
teen lok ra nath.


bhang dhatura thare,
bhog chadhava, bhog chadhava.
darshan do ek baar aapne,
vandan barambar,
aasro tharo hai, bharoso tharo hai.
bhav sagar su paar utharo,
teen lok ra nath.


daas ashok bhola,
araji sunave, araji sunave.
saro sab ra kaaj jagat me,
mhari rakho laaj,
aasro tharo hai, bharoso tharo hai.
bhav sagar su paar utharo,
teen lok ra nath.


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~ भव सागर सु पार उतारो ~

भवसागर सु पार उतारो ,तीन लोक रा नाथ।
आसरो थारो है ,भरोसो थारो है।

नित रा सदाशिव में तो ,थाने मनावा ,थाने मनावा।
आडावळ में धाम आपरो ,मोटो जग में नाम ,
आसरो थारो है ,भरोसो थारो है।
भवसागर सु पार उतारो ,तीन लोक रा नाथ। टेर।

आप त्रिलोकी वाला ,नाथ कहावो ,नाथ कहावो।
सिंवरे सब संसार आपने ,पूजे नर और नार ,
आसरो थारो है ,भरोसो थारो है।
भवसागर सु पार उतारो ,तीन लोक रा नाथ। टेर।

भांग धतूरा थारे ,भोग चढ़ावा ,भोग चढ़ावा।
दर्शन दो एक बार आपने ,वंदन बारमबार ,
आसरो थारो है ,भरोसो थारो है।
भवसागर सु पार उतारो ,तीन लोक रा नाथ। टेर।

दास अशोक भोला ,अरजी सुनावे ,अरजी सुनावे।
सारो सब रा काज जगत में ,म्हारी राखो लाज ,
आसरो थारो है ,भरोसो थारो है।
भवसागर सु पार उतारो ,तीन लोक रा नाथ। टेर।

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भजन :- भवसागर सु पार उतारो
गायक :- महेंद्र गोयल
लेबल :- राजस्थानी भजन

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