आज गुरु आविया रे मन में उठे हिलोर भजन लिरिक्स | aaj guru aaviya re bhajan lyrics

376

आज गुरु आविया रे मन में उठे हिलोर भजन लिरिक्स

आज गुरु आविया रे मन में उठे हिलोर भजन, aaj guru aaviya re  satguru ke bhajan in hindi lyrics

 ।। दोहा ।।
गुरु देवन के देव हो , आप बड़े जगदीश।
बेड़ी भवजल बिच में ,गुरु तारो विशवाविश।


~ आज गुरु आविया जी म्हारे ~

आज गुरु आविया जी म्हारे ,
हिवड़े उठी रे हिलोर।
हिवड़े उठी रे हिलोर म्हारे ,
मनडे उठी रे हिलोर।


गुरु आवन की ऐसी लागी ,
जैसे चंद्र चकोर।
चरण कमल में सुरता लागी ,
ज्यू पतंग संग डोर।
आज गुरु आविया जी म्हारे ,
हिवड़े उठी रे हिलोर।


सबद सुण्या गुरुदेव का ,
डर गया पांचो चोर।
घोर अंधेरो दूर होयो है ,
रैण गई भई भोर।
आज गुरु आविया जी म्हारे ,
हिवड़े उठी रे हिलोर।


अब कछु धोखा ना रहा ,
नाच उठा मन मोर।
सूरत सुहागण निरखण लागी ,
अपने पिया की ओर।
आज गुरु आविया जी म्हारे ,
हिवड़े उठी रे हिलोर।


भीखदास गुरु पूरा मिलिया ,
कुकर्म दीना तोड़।
दास मलूक चरण में लोटे ,
सुख में जिव झकोर।
आज गुरु आविया जी म्हारे ,
हिवड़े उठी रे हिलोर।


जरूर पढ़ें :- वारी ओ गुरुदेव आपने बलिहारी

जरूर पढ़ें :- गुरु समान नहीं दाता जग में

satguru ke bhajan in hindi lyrics

~ aaj guru aaviya re ~

aaj guru aaviya ji mhane,
hivde uthi re hilor.
hivde uthi re hilor mhare,
mande uthi re hilor.


guru aavan ki aisi laagi,
jaise chandra chakor.
charan kamal me surta laagi,
jyu patang sang dor.
aaj guru aaviya ji mhane,
hivde uthi re hilor.


sabad sunya gurudev ka,
dar gaya pancho chor.
ghor andhero dur hoyo hai,
rain gai bhai bhor.
aaj guru aaviya ji mhane,
hivde uthi re hilor.


ab kachhu dhokha na raha,
nach utha man mor.
surat suhagan nirakhan lagi,
apne piya ki or.
aaj guru aaviya ji mhane,
hivde uthi re hilor.


bhikhdas guru pura miliya,
kukaram dina tod.
das maluk charan me lote,
sukh me jiv jhokor .
aaj guru aaviya ji mhane,
hivde uthi re hilor.


जरूर पढ़ें :- गणपति गणेश को

जरूर पढ़ें :- संतो गणपत निर्भय रहता

गुरु जी भजन लिरिक्स इन हिंदी

~ आज गुरु आविया रे मन में उठे हिलोर ~

आज गुरु आविया जी म्हारे ,हिवड़े उठी रे हिलोर।
हिवड़े उठी रे हिलोर म्हारे ,मनडे उठी रे हिलोर।

गुरु आवन की ऐसी लागी ,जैसे चंद्र चकोर।
चरण कमल में सुरता लागी ,ज्यू पतंग संग डोर।
आज गुरु आविया जी म्हारे ,हिवड़े उठी रे हिलोर।

सबद सुण्या गुरुदेव का ,डर गया पांचो चोर।
घोर अंधेरो दूर होयो है ,रैण गई भई भोर।
आज गुरु आविया जी म्हारे ,हिवड़े उठी रे हिलोर।

अब कछु धोखा ना रहा ,नाच उठा मन मोर।
सूरत सुहागण निरखण लागी ,अपने पिया की ओर।
आज गुरु आविया जी म्हारे ,हिवड़े उठी रे हिलोर।

भीखदास गुरु पूरा मिलिया ,कुकर्म दीना तोड़।
दास मलूक चरण में लोटे ,सुख में जिव झकोर।
आज गुरु आविया जी म्हारे ,हिवड़े उठी रे हिलोर।

shankar ji thawla ke bhajan

 

भजन :- आज गुरु आविया जी म्हारे
गायक :- शंकर जी थांवला
लेबल :- राजस्थानी भजन

जरूर पढ़ें :- जय गणेश गणनाथ दयानिधि

जरूर पढ़ें :- गाइए गणपति जगवंदन

पिछला लेखवारी ओ गुरुदेव आपने बलिहारी भजन लिरिक्स | vari o gurudev aapne balihari bhajan lyrics
अगला लेखआज हमारे रामजी साहिब घर आया भजन लिरिक्स | aaj hamare ramji sahib ghar aaya bhajan lyrics

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

eighteen + 3 =