गुरु समान नहीं दाता जग में भजन लिरिक्स | guru saman nahi data bhajan lyrics

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गुरु समान नहीं दाता जग में भजन लिरिक्स

गुरु समान नहीं दाता जग में भजन, guru saman nahi data satguru ke bhajan in hindi lyrics

 ।। दोहा ।।
गुरु बिणजारा ज्ञान रा ,और लाया वस्तु अमोल।
सौदागर साँचा मिले , वे ले सिर साठे तोल।


~ गुरु समान नहीं दाता ~

सार सबद सतगुरु जी रा मानो ,
सुन में जाय समाता रे।
जुग माहि गुरु समान नहीं दाता।


वस्तु अमोलक दी मारा सतगुरु ,
भली सुनाई बाता।
काम क्रोध ने कैद कर राखो ,
मार लोभ ने लाता।
जुग माहि गुरु समान नहीं दाता। टेर।


काल करे सो आज करले ,
फिर दिन आवे नहीं हाथा।
चौरासी में जाय पड़ेला ,
भोगेला दिन राता।
जुग माहि गुरु समान नहीं दाता। टेर।


सबद पुकारि पुकारि केवे है ,
कर संतन का साथा।
सेवा वंदना कर सतगुरु री ,
काल नमावे माथा।
जुग माहि गुरु समान नहीं दाता। टेर।


कहत कबीर सुनो धार्मिदासा ,
मान वचन हम कहता।
परदा खोल मिलो सतगुरु से ,
चलो हमारे साथा।
जुग माहि गुरु समान नहीं दाता। टेर।


सार सबद सतगुरु जी रा मानो ,
सुन में जाय समाता रे।
जुग माहि गुरु समान नहीं दाता।


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satguru ke bhajan in hindi lyrics

~ guru saman nahi data ~

sar sabad satguru ji ra mano,
sun me jaay samata re.
jug mahi guru saman nhi data .


vastu amolak di mara satguru,
bhali sunai bata.
kam krodh ne ked kar rakho,
mar lobh ne lata.
jug mahi guru saman nhi data .


kaal kare so aaj karle,
fir din aave nhi hatha.
chourasi me jay padela,
bhogela din rata.
jug mahi guru saman nhi data .


sabad pukari pukari keve hai,
kar santan ka satha.
seva vandna kar satguru ri,
kaal namave matha.
jug mahi guru saman nhi data .


kahat kabir suno dharmidasa,
maan vachan ham kahata.
parda khol milo satguru se,
chalo hamare satha.
jug mahi guru saman nhi data .


sar sabad satguru ji ra mano,
sun me jaay samata re.
jug mahi guru saman nhi data .


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सतगुरु भजन लिरिक्स इन हिंदी

~ गुरु समान नहीं दाता ~

सार सबद सतगुरु जी रा मानो ,सुन में जाय समाता रे।
जुग माहि गुरु समान नहीं दाता।

वस्तु अमोलक दी मारा सतगुरु ,भली सुनाई बाता।
काम क्रोध ने कैद कर राखो ,मार लोभ ने लाता।
जुग माहि गुरु समान नहीं दाता। टेर।

काल करे सो आज करले ,फिर दिन आवे नहीं हाथा।
चौरासी में जाय पड़ेला ,भोगेला दिन राता।
जुग माहि गुरु समान नहीं दाता। टेर।

सबद पुकारि पुकारि केवे है ,कर संतन का साथा।
सेवा वंदना कर सतगुरु री ,काल नमावे माथा।
जुग माहि गुरु समान नहीं दाता। टेर।

कहत कबीर सुनो धार्मिदासा ,मान वचन हम कहता।
परदा खोल मिलो सतगुरु से ,चलो हमारे साथा।
जुग माहि गुरु समान नहीं दाता। टेर।

सार सबद सतगुरु जी रा मानो ,सुन में जाय समाता रे।
जुग माहि गुरु समान नहीं दाता।

suresh lohar bhajan video

भजन :- जग माहि गुरु समान नहीं दाता
गायक :- सुरेश लोहार
लेबल :- राजस्थानी भजन

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