रे मन हरि सुमिरन कर लीजिए भजन लिरिक्स | Re Man Hari Sumiran Kar Lejiye bhajan lyrics

385

रे मन हरि सुमिरन कर लीजिए भजन लिरिक्स

रे मन हरि सुमिरन कर लीजिए Re Man Hari Sumiran Kar Lejiye hindi bhajan lyrics in hindi

 ~ हरि सुमिरन करि लीजे ~

रे मन हरि सुमिरन करि लीजे।


हरि को नाम प्रेमसों जपिये,
हरि रस रसना पीजै ।
हरि गुन गाइय, सुनिये निरंतर,
हरि-चरनन चित दीजै।
रे मन हरि सुमिरन करि लीजे।


हरि-भगतन की सरन ग्रहन करि,
हरि सँग प्रीत करीजै ।
हरि-सम हरि जन समुझि मनहिं मन ,
तिनकौ सेवन कीजै।
रे मन हरि सुमिरन करि लीजे।


हरि केहि बिधिसों हमसों रीझै,
सो ही प्रश्न करीजै ।
हरि-जन हरिमारग पहिचानै,
अनुमति देहिं सो कीजै।
रे मन हरि सुमिरन करि लीजे।


हरि हित खाइये, पहिरिये हरिहित,
हरिहित करम करीजै ।
हरि-हित हरि-सन सब जग सेइय,
हरिहित मरिये जीजै।
रे मन हरि सुमिरन करि लीजे।


जरूर पढ़ें :- बंसी बजा के श्याम ने

जरूर पढ़ें :- बनवारी रे जीने का सहारा

hindi bhajan lyrics in hindi

~ Re Man Hari Sumiran Kar Lejiye ~

re man hari sumiran kar lije .


hari ko naam prem so japiye,
hari ras rasna pije.
hari gun gaeye suniye nirantar,
hari charanan chit dije.
re man hari sumiran kari lije.


hari bhagtan ki saran grahan kari,
hari sang preet karije.
hari sam hari jan samujhi manhi man,
tinko sevan kije.
re man hari sumiran kari lije.


hari kehi bidhiso hamso rijhe,
so hi prashan karije.
hari jan hari marag pahichane,
animati dehi so kije.
re man hari sumiran kari lije.


hari hit khaeye pahiriye harihit,
hari hit karam karije.
hari hit hari san sab jag seaieye,
hari hit mariye jije.
re man hari sumiran kari lije.


जरूर पढ़ें :- मन लागो मेरो यार फकीरी में

जरूर पढ़ें :- ज्योत से ज्योत जगाते चलो

हिंदी भजन संग्रह लिरिक्स

~ रे मन हरि सुमिरन कर लीजिए ~

रे मन हरि सुमिरन करि लीजे।

हरि को नाम प्रेमसों जपिये, हरि रस रसना पीजै ।
हरि गुन गाइय, सुनिये निरंतर, हरि-चरनन चित दीजै।
रे मन हरि सुमिरन करि लीजे।

हरि-भगतन की सरन ग्रहन करि, हरि सँग प्रीत करीजै ।
हरि-सम हरि जन समुझि मनहिं मन ,तिनकौ सेवन कीजै।
रे मन हरि सुमिरन करि लीजे।

हरि केहि बिधिसों हमसों रीझै, सो ही प्रश्न करीजै ।
हरि-जन हरिमारग पहिचानै, अनुमति देहिं सो कीजै।
रे मन हरि सुमिरन करि लीजे।

हरि हित खाइये, पहिरिये हरिहित, हरिहित करम करीजै ।
हरि-हित हरि-सन सब जग सेइय, हरिहित मरिये जीजै।
रे मन हरि सुमिरन करि लीजे।

anup jalota ke bhajan lyrics video

भजन :- हरि सुमिरन करि लीजे
गायक :- अनूप जलोटा
लेबल :- राजस्थानी भजन

जरूर पढ़ें :- रघुपति राघव राजा राम

जरूर पढ़ें :- नैया पड़ी मझधार

पिछला लेखबंसी बजा के श्याम ने दीवाना बना दिया भजन लिरिक्स | bansi bajake shyam ne diwana bana diya bhajan lyrics
अगला लेखनाम जपन क्यों छोड़ दिया रे भजन लिरिक्स | naam japan kyun chhod diya bhajan lyrics

1 टिप्पणी

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

9 + 12 =