ऐसो नहीं है जन्म बारंबार भजन लिरिक्स | aiso nhi hai janam barambar bhajan lyrics

1055

ऐसो नहीं है जन्म बारंबार भजन लिरिक्स

ऐसो नहीं है जन्म बारंबार aiso nhi hai janam barambar sunita swami chetavni bhajan

 ।। दोहा ।।
दरिया सतगुरु भेटिया , जहा दिन जनम सनात।
स्वर्णा सबद सुनाय के , तुम सत किन नहात।


।। ऐसो नहीं है जनम बारम्बार ।।

पूरबले पुण्य पायो रे प्राणी ,
मानुष जनम अवतार।
ऐसो नहीं है जनम बारम्बार।


गरब में तुम कौल कियो रे,
भूल्यो फिरे गँवार।
उत्तर काई देवसी रे,
साहिब के घर बार।
ऐसो नहीं है जनम बारम्बार।
पूरब ले ….


घटते पल पल बढ़ते छिन छिन,
जाता नहीं लागे वार।
तरुवर से पण गिर पड्यो रे ,
भँवरी ना लागे उन भार।
ऐसो नहीं है जनम बारम्बार।
पूरब ले ….


भवसागर अति उंडो भरियो रे,
बाह रह्यो मँझधार।
राम नाम की बैठ नैयाँ में,
उतरो भव जल पार।
ऐसो नहीं है जनम बारम्बार।
पूरब ले ….


काम क्रोध मद लोभ में रे,
मोह बंध्यो संसार।
दास मीरा लाल गिरधर,
केवल नाम अधार।
ऐसो नहीं है जनम बारम्बार।


पूरब ले पुण्य पायो रे प्राणी ,
मानुष जनम अवतार।
ऐसो नहीं है जनम बारम्बार।


जरूर पढ़ें :- पांडवा कलयुग आसी भारी

जरूर पढ़ें :- समझ मन मायला रे 

sunita swami chetavni bhajan in hindi

!! aiso nhi hai janam barambar !!

poorabale puny paayo re praanee ,
maanush janam avataar.
aiso nahin hai janam baarambaar.


garab mein tum kaul kiyo re,
bhoolyo phire ganvaar.
uttar kaee devasee re,
saahib ke ghar baar.
aiso nahin hai janam baarambaar.
poorab le ….


ghatate pal pal badhate chhin chhin,
jaata nahin laage vaar.
taruvar se pan gir padyo re ,
bhanvaree na laage un bhaar.
aiso nahin hai janam baarambaar.
poorab le ….


bhavasaagar ati undo bhariyo re,
baah rahyo manjhadhaar.
raam naam kee baith naiyaan mein,
utaro bhav jal paar.
aiso nahin hai janam baarambaar.
poorab le ….


kaam krodh mad lobh mein re,
moh bandhyo sansaar.
daas meera laal giradhar,
keval naam adhaar.
aiso nahin hai janam baarambaar.


poorab le puny paayo re praanee ,
maanush janam avataar.
aiso nahin hai janam baarambaar.


जरूर पढ़ें :- बिणज करण व्यापारी आया

जरूर पढ़ें :- भक्ति रा मार्ग झीना रे संतो

राजस्थानी चेतावनी भजन लिरिक्स

!! ऐसो नहीं है जन्म बारंबार !!

पूरबले पुण्य पायो रे प्राणी , मानुष जनम अवतार।
ऐसो नहीं है जनम बारम्बार।

गरब में तुम कौल कियो रे,भूल्यो फिरे गँवार।
उत्तर काई देवसी रे,साहिब के घर बार।
ऐसो नहीं है जनम बारम्बार। पूरब ले ….

घटते पल पल बढ़ते छिन छिन,जाता नहीं लागे वार।
तरुवर से पण गिर पड्यो रे ,भँवरी ना लागे उन भार।
ऐसो नहीं है जनम बारम्बार। पूरब ले ….

भवसागर अति उंडो भरियो रे,बाह रह्यो मँझधार।
राम नाम की बैठ नैयाँ में,उतरो भव जल पार।
ऐसो नहीं है जनम बारम्बार। पूरब ले ….

काम क्रोध मद लोभ में रे,मोह बंध्यो संसार।
दास मीरा लाल गिरधर,केवल नाम अधार।
ऐसो नहीं है जनम बारम्बार।

पूरब ले पुण्य पायो रे प्राणी , मानुष जनम अवतार।
ऐसो नहीं है जनम बारम्बार।

सुनीता स्वामी के भजन video

भजन :- ऐसो नहीं है जनम बारंबार
गायिका :- सुनीता स्वामी
लेबल :- राजस्थानी भजन

जरूर पढ़ें :- सतगुरु शरण जाई राम भज लेना

जरूर पढ़ें :- जग में नींद नी लेवे नौ जना

पिछला लेखपांडवा कलयुग आसी भारी भजन लिरिक्स | pandava kalyug aasi bhari bhajan lyrics
अगला लेखथारो मनक जमारो बार बार नहीं आवणो रे भजन लिरिक्स | tharo manak jamaro bar bar nhi avano re bhajan lyrics

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

two × 1 =