मानुष जन्म अनमोल रे मिट्टी में ना रोल रे भजन लिरिक्स | manush janam anmol re bhajan lyrics

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मानुष जन्म अनमोल रे मिट्टी में ना रोल रे भजन लिरिक्स

मानुष जन्म अनमोल रे मिट्टी में ना रोल रे भजन  manush janam anmol re sunita swami ke bhajan

 ।। दोहा ।।
सतगुरु शब्द कमान ले, बाहन लागे तीर ।
एक जु बाहा प्रीति सों, भीतर बिंधा शरीर ।


।। मनुष जनम अनमोल रे ।।

मनुष जनम अनमोल रे,
मिट्टी मे ना रोल रे।
अब जो मिला है फ़िर ना मिलेगा,
कभी नही कभी नही रे।


तु सत्संग मे आया कर,
गीत प्रभु के गाया कर।
साँझ सवेरे बेठ के बन्दे ,
हरी का ध्यान लगाया कर।
नही लगता कुछ मोल रे ,
मिट्टी मे ना रोल रे।
अब जो मिला है फ़िर ना मिलेगा,
कभी नही कभी नही रे।
मनुष जनम ….


तु बूद बूद है पानी का,
मत कर जोर जवानी का।
समझ समझ के क़दम रखो,
पता नही ज़िन्दगानी का।
सबसे मीठा बोल रे,
मिट्टी मे ना रोल रे।
अब जो मिला है फ़िर ना मिलेगा,
कभी नही कभी नही रे।
मनुष जनम ….


मतलब का संसार है,
इसका क्या ऐतबार है।
सम्भल सम्भल के क़दम रखो,
फुल नही अंगार है।
मन की आँखे खोल रे,
मिट्टी मे ना रोल रे।
अब जो मिला है फ़िर ना मिलेगा,
कभी नही कभी नही रे।
मनुष जनम ….


श्री सतगुरु सिर मोड़ है ,
ज्ञान का भंडार है।
जो कोई उनकी सरणो में आवे ,
करते बेडा पार रे।
सत्संग है अनमोल रे ,
मिट्टी मे ना रोल रे।
अब जो मिला है फ़िर ना मिलेगा,
कभी नही कभी नही रे।


मनुष जनम अनमोल रे,
मिट्टी मे ना रोल रे,
अब जो मिला है फ़िर ना मिलेगा,
कभी नही कभी नही रे।


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sunita swami ke bhajan lyrics in hindi

!! manush janam anmol re !!

manush janam anamol re,
mittee me na rol re.
ab jo mila hai fir na milega,
kabhee nahee kabhee nahee re.


tu satsang me aaya kar,
geet prabhu ke gaaya kar.
saanjh savere beth ke bande ,
haree ka dhyaan lagaaya kar.
nahee lagata kuchh mol re ,
mittee me na rol re.
ab jo mila hai fir na milega,
kabhee nahee kabhee nahee re.
manush janam ….


tu bood bood hai paanee ka,
mat kar jor javaanee ka.
samajh samajh ke qadam rakho,
pata nahee zindagaanee ka.
sabase meetha bol re,
mittee me na rol re.
ab jo mila hai fir na milega,
kabhee nahee kabhee nahee re.
manush janam ….


matalab ka sansaar hai,
isaka kya aitabaar hai.
sambhal sambhal ke qadam rakho,
phul nahee angaar hai.
man kee aankhe khol re,
mittee me na rol re.
ab jo mila hai fir na milega,
kabhee nahee kabhee nahee re.
manush janam ….


shree sataguru sir mod hai ,
gyaan ka bhandaar hai.
jo koee unakee sarano mein aave ,
karate beda paar re.
satsang hai anamol re ,
mittee me na rol re.
ab jo mila hai fir na milega,
kabhee nahee kabhee nahee re.


manush janam anamol re,
mittee me na rol re,
ab jo mila hai fir na milega,
kabhee nahee kabhee nahee re.


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मानुष जन्म अनमोल रे मिट्टी में ना रोल रे भजन लिरिक्स इन हिंदी

!! चेतावनी भजन लिरिक्स !!

मनुष जनम अनमोल रे,मिट्टी मे ना रोल रे।
अब जो मिला है फ़िर ना मिलेगा,कभी नही कभी नही रे।

तु सत्संग मे आया कर,गीत प्रभु के गाया कर।
साँझ सवेरे बेठ के बन्दे ,हरी का ध्यान लगाया कर।
नही लगता कुछ मोल रे ,मिट्टी मे ना रोल रे।
अब जो मिला है फ़िर ना मिलेगा,कभी नही कभी नही रे।
मनुष जनम ….

तु बूद बूद है पानी का,मत कर जोर जवानी का।
समझ समझ के क़दम रखो,पता नही ज़िन्दगानी का।
सबसे मीठा बोल रे,मिट्टी मे ना रोल रे।
अब जो मिला है फ़िर ना मिलेगा,कभी नही कभी नही रे।
मनुष जनम ….

मतलब का संसार है,इसका क्या ऐतबार है।
सम्भल सम्भल के क़दम रखो,फुल नही अंगार है।
मन की आँखे खोल रे,मिट्टी मे ना रोल रे।
अब जो मिला है फ़िर ना मिलेगा,कभी नही कभी नही रे।
मनुष जनम ….

श्री सतगुरु सिर मोड़ है ,ज्ञान का भंडार है।
जो कोई उनकी सरणो में आवे ,करते बेडा पार रे।
सत्संग है अनमोल रे ,मिट्टी मे ना रोल रे।
अब जो मिला है फ़िर ना मिलेगा,कभी नही कभी नही रे।

मनुष जनम अनमोल रे,मिट्टी मे ना रोल रे 
अब जो मिला है फ़िर ना मिलेगा,कभी नही कभी नही रे।

sunita swami ke bhajan video

भजन :- मनुष जनम अनमोल रे
गायिका :- सुनीता स्वामी
लेबल :- राजस्थानी भजन

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