हो घोड़े असवार भरतरी भजन लिरिक्स | Ho Ghode Aswar Bhartari bhajan lyrics

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हो घोड़े असवार भरतरी भजन लिरिक्स

हो घोड़े असवार भरतरी Ho Ghode Aswar Bhartari raja bharthari bhajan lyrics

 ।। दोहा ।।
साधु ऐसा चाहिये , जैसे सूखत भान।
सार सार पूर्ण करे ,गोता देवे टाल।


।। हो घोड़े असवार भरथरी ।।

हो घोड़े असवार भरथरी ,
बियाबान में भटक्या।
बन के अन्दर तपे महात्मा,
देख भरथरी अटक्या।


घोड़े पर से तुरंत कूद कर,
चरणां शीश नवाया।
आर्शीवाद दे साधू ने,
आसन पर बैठाया।
बडे प्रेम सँ जाय कुटी में ,
एक अमर फल लाया।
इस फल को तू खाले राजा,
अमर हो ज्यासी काया।
राजा नै ले लिया अमर फल,
तुरंत जेब में पटक्या।
बन के अन्दर तपे महात्मा,
देख भरथरी अटक्या।


राजी होकर चल्या भरथरी,
रंग महल में आया।
राणी को जा दिया अमरफल,
गुण उसका बतलाया।
निरभागण राणी ने भी वो ,
नहीं अमर फल खाया।
चाकर से था प्रेम महोबत ,
उसको जा बतलाया।
प्रेमी रे मन प्रेमी बसता,
प्रेम जिगर मँ खटक्या।
बन के अन्दर तपे महात्मा,
देख भरथरी अटक्या।


उसी शहर की गणिका सेती,
थी चाकर की यारी।
उसको जाकर दिया अमरफल ,
थी राणी से प्यारी।
अमर होयकर क्या करणा है,
गणिका बात बिचारी।
राजा को जा दिया अमरफल,
इस को खा तपधारी।
राजा ने पहचान लिया है,
होठ भूप का छिटक्या।
बन के अन्दर तपे महात्मा,
देख भरथरी अटक्या।


क्रोधित होकर राजा बोल्या,
ये फल कहा से ल्याई।
गणित सोचा जान का खतरा,
साँची बात बताई।
चाकर दीन्या भेद खोल,
जद होने लगी पिटाई।
हरिनारायण शर्मा कहता,
बात समझ में आई।
उपजा ज्ञान भरथरी को जद,
बण बैरागी भटक्या।
बन के अन्दर तपे महात्मा,
देख भरथरी अटक्या।


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raja bharthari bhajan lyrics in hindi

!! Ho Ghode Aswar Bhartari !!

ho ghode asavaar bharatharee ,
biyaabaan mein bhatakya.
ban ke andar tape mahaatma,
dekh bharatharee atakya.


ghode par se turant kood kar,
charanaan sheesh navaaya.
aarsheevaad de saadhoo ne,
aasan par baithaaya.
bade prem san jaay kutee mein ,
ek amar phal laaya.
is phal ko too khaale raaja,
amar ho jyaasee kaaya.
raaja nai le liya amar phal,
turant jeb mein patakya.
ban ke andar tape mahaatma,
dekh bharatharee atakya.


raajee hokar chalya bharatharee,
rang mahal mein aaya.
raanee ko ja diya amaraphal,
gun usaka batalaaya.
nirabhaagan raanee ne bhee vo ,
nahin amar phal khaaya.
chaakar se tha prem mahobat ,
usako ja batalaaya.
premee re man premee basata,
prem jigar man khatakya.
ban ke andar tape mahaatma,
dekh bharatharee atakya.


usee shahar kee ganika setee,
thee chaakar kee yaaree.
usako jaakar diya amaraphal ,
thee raanee se pyaaree.
amar hoyakar kya karana hai,
ganika baat bichaaree.
raaja ko ja diya amaraphal,
is ko kha tapadhaaree.
raaja ne pahachaan liya hai,
hoth bhoop ka chhitakya.
ban ke andar tape mahaatma,
dekh bharatharee atakya.


krodhit hokar raaja bolya,
ye phal kaha se lyaee.
ganit socha jaan ka khatara,
saanchee baat bataee.
chaakar deenya bhed khol,
jad hone lagee pitaee.
harinaaraayan sharma kahata,
baat samajh mein aaee.
upaja gyaan bharatharee ko jad,
ban bairaagee bhatakya.
ban ke andar tape mahaatma,
dekh bharatharee atakya.


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राजा भरतरी भजन लिरिक्स 

!! हो घोड़े असवार भरतरी !!

हो घोड़े असवार भरथरी ,बियाबान में भटक्या।
बन के अन्दर तपे महात्मा,देख भरथरी अटक्या।

घोड़े पर से तुरंत कूद कर, चरणां शीश नवाया।
आर्शीवाद दे साधू ने, आसन पर बैठाया।
बडे प्रेम सँ जाय कुटी में , एक अमर फल लाया।
इस फल को तू खाले राजा, अमर हो ज्यासी काया।
राजा नै ले लिया अमर फल, तुरंत जेब में पटक्या।
बन के अन्दर तपे महात्मा,देख भरथरी अटक्या।

राजी होकर चल्या भरथरी, रंग महल में आया।
राणी को जा दिया अमरफल, गुण उसका बतलाया।
निरभागण राणी ने भी वो ,नहीं अमर फल खाया।
चाकर से था प्रेम महोबत ,उसको जा बतलाया।
प्रेमी रे मन प्रेमी बसता, प्रेम जिगर मँ खटक्या।
बन के अन्दर तपे महात्मा,देख भरथरी अटक्या।

उसी शहर की गणिका सेती, थी चाकर की यारी।
उसको जाकर दिया अमरफल ,थी राणी से प्यारी।
अमर होयकर क्या करणा है, गणिका बात बिचारी।
राजा को जा दिया अमरफल,इस को खा तपधारी।
राजा ने पहचान लिया है, होठ भूप का छिटक्या।
बन के अन्दर तपे महात्मा,देख भरथरी अटक्या।

क्रोधित होकर राजा बोल्या, ये फल कहा से ल्याई।
गणित सोचा जान का खतरा, साँची बात बताई।
चाकर दीन्या भेद खोल, जद होने लगी पिटाई।
हरिनारायण शर्मा कहता, बात समझ में आई।
उपजा ज्ञान भरथरी को जद, बण बैरागी भटक्या।
बन के अन्दर तपे महात्मा,देख भरथरी अटक्या।

babu lal yogi bhajan video

भजन :- हो घोड़े असवार भरथरी
गायक :- बाबूलाल योगी
लेबल :- राजस्थानी भजन

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