थारे घट में विराजे भगवान बहार काई ढूंढती फिरे भजन लिरिक्स
थारे घट में विराजे भगवान भजन thare ghat me biraje bhagwan anil nagori ka bhajan अनिल नागौरी
।। दोहा ।।
दादू दुनिया बावरी , पूजे भोमिया भुत।
वे तो मरिया मोत सु ,भाई वासु मांगे पूत।
।। थारे घट में बिराजे भगवान ।।
थारे घट में बिराजे भगवान ,
बहार काई ढूंढती फिरे।
ढूंढती फिरे बहार ढूंढती फिरे ,
थारे घट में बिराजे भगवान।
बहार काई ढूंढती फिरे
नो नायी रे नोरता ,
दस वे नाई काती।
राम नाम की सार नी जाणे ,
फिरे गलियों रे माई नाटी।
पीपल रे डोरा बाँधती फिरे।
थारे घट ….
मूरत कोर मंदिर में मेली ,
वा काई मुंडे बोले।
माई बैठो मस्त पुजारी ,
बिना हुकम नहीं खोले।
चन्दन का टिका काढ़ती फिरे।
थारे घट। ….
जीवत बाप री सार नी जाणे ,
मरिया गंगा ले जावे।
आसोजा में करे रे सरादा ,
कागा ने बाप बनावे।
आका रा पत्ता तोड़ती फिरे।
थारे घट ….
उत्तर खंडा सु चाली नदिया ,
पांचो कपडा धोले।
राम नाम की साबुन लगाले ,
हरी भजना रे माई ओले।
नखराली सुरता नावती फिरे।
थारे घट ….
रामानंद मिल्या गुरु पूरा ,
भरम जीव रा खोले।
कहत कबीर सुणो भाई साधो ,
पर्वत राई रे ओले।
पर्वत री छाया ढूंढती फिरे।
थारे घट में बिराजे भगवान ,
बहार काई ढूंढती फिरे।
ढूंढती फिरे बहार ढूंढती फिरे ,
थारे घट में बिराजे भगवान।
बहार काई ढूंढती फिरे
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anil nagori ka bhajan lyrics in English
!! thare ghat me biraje bhagwan !!
thaare ghat mein biraaje bhagavaan ,
bahaar kaee dhoondhatee phire.
dhundhati phire bahar dhundhati phire ,
thaare ghat mein biraaje bhagavaan.
bahaar kaee dhoondhatee phire
no naayee re norata ,
das ve naee kaatee.
raam naam kee saar nee jaane ,
phire galiyon re maee naatee.
papeel re dora baandhatee phire.
thaare ghat ….
moorat kor mandir mein melee ,
va kaee munde bole.
maee baitho mast pujaaree ,
bina hukam nahin khole.
chandan ka tika kaadhatee phire.
thaare ghat. ….
jeevat baap ree saar nee jaane ,
mariya ganga le jaave.
aasoja mein kare re saraada ,
kaaga ne baap banaave.
aaka ra patta todatee phire.
thaare ghat ….
uttar khanda su chaalee nadiya ,
paancho kapada dhole.
raam naam kee saabun lagaale ,
haree bhajana re maee ole.
nakharaalee surata naavatee phire.
thaare ghat ….
raamaanand milya guru poora ,
bharam jeev ra khole.
kahat kabeer suno bhaee saadho ,
parvat raee re ole.
parvat ree chhaaya dhoondhatee phire.
thaare ghat mein biraaje bhagavaan ,
bahaar kaee dhoondhatee phire.
dhundhati phire bahar dhundhati phire ,
thaare ghat mein biraaje bhagavaan.
bahaar kaee dhoondhatee phire
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!! थारे घट में विराजे भगवान !!
थारे घट में बिराजे भगवान ,बहार काई ढूंढती फिरे।
ढूंढती फिरे बहार ढूंढती फिरे ,
थारे घट में बिराजे भगवान। बहार काई ढूंढती फिरे।
नो नायी रे नोरता ,दस वे नाई काती।
राम नाम की सार नी जाणे ,फिरे गलियों रे माई नाटी।
पपील रे डोरा बाँधती फिरे। थारे घट ….
मूरत कोर मंदिर में मेली ,वा काई मुंडे बोले।
माई बैठो मस्त पुजारी ,बिना हुकम नहीं खोले।
चन्दन का टिका काढ़ती फिरे। थारे घट। ….
जीवत बाप री सार नी जाणे ,मरिया गंगा ले जावे।
आसोजा में करे रे सरादा ,कागा ने बाप बनावे।
आका रा पत्ता तोड़ती फिरे। थारे घट ….
उत्तर खंडा सु चाली नदिया ,पांचो कपडा धोले।
राम नाम की साबुन लगाले ,हरी भजना रे माई ओले।
नखराली सुरता नावती फिरे। थारे घट ….
रामानंद मिल्या गुरु पूरा ,भरम जीव रा खोले।
कहत कबीर सुणो भाई साधो ,पर्वत राई रे ओले।
पर्वत री छाया ढूंढती फिरे।
थारे घट में बिराजे भगवान ,बहार काई ढूंढती फिरे।
ढूंढती फिरे बहार ढूंढती फिरे ,
थारे घट में बिराजे भगवान। बहार काई ढूंढती फिरे
अनिल नागौरी भजन video
भजन :- थारे घट में विराजे भगवान |
गायक :- अनिल नागौरी |
लेबल :- राजस्थानी भजन |
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