अवधू भजन भेद है न्यारा भजन लिरिक्स | Avadhu Bhajan Bhed Hai Nyara bhajan lyrics

647

अवधू भजन भेद है न्यारा भजन लिरिक्स

अवधू भजन भेद है न्यारा Avadhu Bhajan Bhed Hai Nyara संत कबीर भजन हिंदी

 ।। दोहा ।।
मात पिता मिल जायेंगे ,लख चौरासी माय।
गुरु सेवा और बंदगी ,फेर मिलन की नाय।


।। अवधू भजन भेद है न्यारा ।।

अवधू भजन भेद है न्यारा।


क्या गावे क्या लिख बतलाये ,
क्या भरम संसारा।
क्या संध्या तर्पण कीन्हे ,
जो नहीं तत्त विचारा।
अवधू ….


मूढ़ मुढ़ाये सिर जटा रखाये ,
क्या तन लाये छारा।
क्या पूजा पावन की कीन्हे ,
क्या फल किये अहारा।
अवधू ….


बिन परिचे साहेब होई बैठे ,
विषय करे व्यापारा।
ज्ञान ध्यान का मर्म न जाने ,
बात करे अहंकारा।
अवधू ….


अगम अयाह माया अति गहरा ,
बीज न खेत निवारा।
माया सो ध्यान मगन हो बैठे ,
काट करम की छारा।
अवधू ….


जिनके सदा अहार अंतर में ,
केवल तत्त विचारा।
कहे कबीर सुनो हो गोरख ,
तारा सहित परिवारा।
अवधू ….


जरूर पढ़ें :- कबीरा कबसे भयो बैरागी

जरूर पढ़ें :- जगत में जीवन है दिन चार

Avadhu Bhajan Bhed Hai Nyara bhajan English lyrics

!! desi marwadi bhajan !!

avadhoo bhajan bhed hai nyaara.


kya gaave kya likh batalaaye ,
kya bharam sansaara.
kya sandhya tarpan keenhe ,
jo nahin tatt vichaara.
avadhoo ….


moodh mudhaaye sir jata rakhaaye ,
kya tan laaye chhaara.
kya pooja paavan kee keenhe ,
kya phal kiye ahaara.
avadhoo ….


bin pariche saaheb hoee baithe ,
vishay kare vyaapaara.
gyaan dhyaan ka marm na jaane ,
baat kare ahankaara.
avadhoo ….


agam ayaah maaya ati gahara ,
beej na khet nivaara.
maaya so dhyaan magan ho baithe ,
kaat karam kee chhaara.
avadhoo ….


jinake sada ahaar antar mein ,
keval tatt vichaara.
kahe kabeer suno ho gorakh ,
taara sahit parivaara.
avadhoo ….


जरूर पढ़ें :- चल हंसा सतलोक हमारे

जरूर पढ़ें :- जोड़ जोड़ भर लिए खजाने

hindi bhajan lyrics अवधू भजन भेद है न्यारा

!! संत कबीर भजन हिंदी !!

अवधू भजन भेद है न्यारा।

क्या गावे क्या लिख बतलाये ,क्या भरम संसारा।
क्या संध्या तर्पण कीन्हे ,जो नहीं तत्त विचारा।
अवधू ….

मूढ़ मुढ़ाये सिर जटा रखाये ,क्या तन लाये छारा।
क्या पूजा पावन की कीन्हे ,क्या फल किये अहारा।
अवधू ….

बिन परिचे साहेब होई बैठे ,विषय करे व्यापारा।
ज्ञान ध्यान का मर्म न जाने ,बात करे अहंकारा।
अवधू ….

अगम अयाह माया अति गहरा ,बीज न खेत निवारा।
माया सो ध्यान मगन हो बैठे ,काट करम की छारा।
अवधू ….

जिनके सदा अहार अंतर में ,केवल तत्त विचारा।
कहे कबीर सुनो हो गोरख ,तारा सहित परिवारा।
अवधू ….

kabir bhajan video hindi

भजन :- अवधू भजन भेद है न्यारा
गायक :- राजीव मेहरा
लेबल :- राजस्थानी भजन

जरूर पढ़ें :- मैं अपने राम को रिझाऊं

जरूर पढ़ें :-सकल हंस में राम विराजे

पिछला लेखकबीरा कबसे भयो बैरागी भजन लिरिक्स | kabira kab se bhaiya bairagi bhajan lyrics
अगला लेखमाधव गति तुम्हारी ना जानी भजन लिरिक्स | Madhav gati tumhari na jani bhajan lyrics

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

twelve + 17 =