जोड़ जोड़ भर लिए खजाने फिर भी तृष्णा बनी रही भजन लिरिक्स | jod jod kar bhar liye khajane bhajan lyrics

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जोड़ जोड़ भर लिए खजाने फिर भी तृष्णा बनी रही भजन लिरिक्स

जोड़ जोड़ भर लिए खजाने फिर भी तृष्णा बनी रही jod jod kar bhar liye khajane kanchan kaya padi rahi

 ।। दोहा ।।
कबीरा खड़ा बाजार में , सब की मांगे खेर।
ना किसी से दोस्ती ,और ना किसी से बेर।


।। जोड़ जोड़ भर लिए खजाने ।।

जोड़ जोड़ भर लिए खजाने ,
फिर भी तृष्णा अड़ी रही।
रहे गये तेरे महल दू मेहले ,
कंचन काया पड़ी रही।


एक ब्राह्मण की सुनो कहानी ,
पूजा करने जमाया था।
नहाय धोय कर नदी किनारे ,
आसान सुब जमाया था।

आ गया यम का परवाना ,
हाथ में माला पड़ी रही।
रहे गये तेरे महल दू मेहले ,
कंचन काया पड़ी रही।
जोड़ जोड़ ….


पहन पोशाक बांधकर पगड़ी ,
हट्टी पर एक सेठ गया।
जाते ही एक चक्कर आया ,
पाँव फैलाकर लेट गया।

कूच कर गया लिखने वाला ,
कलम कान में खड़ी रही।
रहे गये तेरे महल दू मेहले ,
कंचन काया पड़ी रही।
जोड़ जोड़ ….


एक स्त्री कोठे पर चढ़ गई ,
सब श्रृंगार सजाने को।
भरी सलाई सुर में बाली ,
सुरमा आँख लगाने को।

काल बलि का लगा तमाचा ,
सुरमेदानी पड़ी रही।
रहे गये तेरे महल दू मेहले ,
कंचन काया पड़ी रही।
जोड़ जोड़ ….


सेर करण को एक बाबूजी ,
गाड़ी पर असवार हुए।
गाड़ी अभी न चलने पाई ,
बाबूजी दंड सार हुए।

लगा तमाचा एक अंचल का ,
सड़क पे टम टम खड़ी रही।
रहे गये तेरे महल दू मेहले ,
कंचन काया पड़ी रही।
जोड़ जोड़ ….


गोरी शंकर चेतो प्राणी ,
झगड़े और फिसाद तजो।
छोड़ो भी सारी बातो को ,
अब तुम सीता राम भजो।

लिख लिख मर गये लिखने वाले ,
सदा जली फूलजड़ी यही।
रहे गये तेरे महल दू मेहले ,
कंचन काया पड़ी रही।
जोड़ जोड़ ….


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jod jod kar bhar liye khajane bhajan English lyrics

!! kanchan kaya padi rahi  !!

jod jod bhar lie khajaane ,
phir bhee trshna adee rahee.
rahe gaye tere mahal doo mehale ,
kanchan kaaya padee rahee.


ek braahman kee suno kahaanee ,
pooja karane jamaaya tha.
nahaay dhoy kar nadee kinaare ,
aasaan sub jamaaya tha.
aa gaya yam ka paravaana ,
haath mein maala padee rahee.
rahe gaye tere mahal doo mehale ,
kanchan kaaya padee rahee.
jod jod ….


pahan poshaak baandhakar pagadee ,
hattee par ek seth gaya.
jaate hee ek chakkar aaya ,
paanv phailaakar let gaya.
kooch kar gaya likhane vaala ,
kalam kaan mein khadee rahee.
rahe gaye tere mahal doo mehale ,
kanchan kaaya padee rahee.
jod jod ….


ek stree kothe par chadh gaee ,
sab shrrngaar sajaane ko.
bharee salaee sur mein baalee ,
surama aankh lagaane ko.
kaal bali ka laga tamaacha ,
suramedaanee padee rahee.
rahe gaye tere mahal doo mehale ,
kanchan kaaya padee rahee.
jod jod ….


ser karan ko ek baaboojee ,
gaadee par asavaar hue.
gaadee abhee na chalane paee ,
baaboojee dand saar hue.
laga tamaacha ek anchal ka ,
sadak pe tam tam khadee rahee.
rahe gaye tere mahal doo mehale ,
kanchan kaaya padee rahee.
jod jod ….


goree shankar cheto praanee ,
jhagade aur phisaad tajo.
chhodo bhee saaree baato ko ,
ab tum seeta raam bhajo.
likh likh mar gaye likhane vaale ,
sada jalee phoolajadee yahee.
rahe gaye tere mahal doo mehale ,
kanchan kaaya padee rahee.
jod jod ….


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कंचन काया पडी रही भजन hindi lyrics

!! जोड़ जोड़ भर लिए खजाने !!

जोड़ जोड़ भर लिए खजाने ,फिर भी तृष्णा अड़ी रही।
रहे गये तेरे महल दू मेहले ,कंचन काया पड़ी रही।

एक ब्राह्मण की सुनो कहानी ,पूजा करने जमाया था।
नहाय धोय कर नदी किनारे ,आसान सुब जमाया था।
आ गया यम का परवाना ,हाथ में माला पड़ी रही।
रहे गये तेरे महल दू मेहले ,कंचन काया पड़ी रही।
जोड़ जोड़ ….

पहन पोशाक बांधकर पगड़ी ,हट्टी पर एक सेठ गया।
जाते ही एक चक्कर आया ,पाँव फैलाकर लेट गया।
कूच कर गया लिखने वाला ,कलम कान में खड़ी रही।
रहे गये तेरे महल दू मेहले ,कंचन काया पड़ी रही।
जोड़ जोड़ ….

एक स्त्री कोठे पर चढ़ गई ,सब श्रृंगार सजाने को।
भरी सलाई सुर में बाली ,सुरमा आँख लगाने को।
काल बलि का लगा तमाचा ,सुरमेदानी पड़ी रही।
रहे गये तेरे महल दू मेहले ,कंचन काया पड़ी रही।
जोड़ जोड़ ….

सेर करण को एक बाबूजी ,गाड़ी पर असवार हुए।
गाड़ी अभी न चलने पाई ,बाबूजी दंड सार हुए।
लगा तमाचा एक अंचल का ,सड़क पे टम टम खड़ी रही।
रहे गये तेरे महल दू मेहले ,कंचन काया पड़ी रही।
जोड़ जोड़ ….

गोरी शंकर चेतो प्राणी ,झगड़े और फिसाद तजो।
छोड़ो भी सारी बातो को ,अब तुम सीता राम भजो।
लिख लिख मर गये लिखने वाले सदा जली फूलजड़ी यही।
रहे गये तेरे महल दू मेहले ,कंचन काया पड़ी रही।
जोड़ जोड़ ….

kabir bhajan lyrics video

भजन :- जोड़ जोड़ भर लिए खजाने
गायक :- संजय वैष्णव
लेबल :- राजस्थानी भजन

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