मोर मुकुट मुरली वाले ने भजन लिरिक्स | mor mukut murli wale ne bhajan lyrics

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मोर मुकुट मुरली वाले ने भजन लिरिक्स | mor mukut murli wale ne bhajan lyrics

मोर मुकुट मुरली वाले ने mor mukut murli wale ne sanwarmal saini ke bhajan, rajasthani bhajan mp3, bhajan in rajasthani

।। मोर मुकुट मुरली वाले ने ।।

मोर मुकुट मुरली वाले ने ,
जगत रचा दिया सारा।
मात पिता है जनम देणीया ,
करम भाग सब न्यारा।


हिरणी के एक बच्चा जनमे ,
हाथ पकङ थण देव हे।
अजगर पड़ी उजाङ बिच में ,
कीङी ने कण देवे हे।
बीना रे पंख गज आठ खावे ,
हाथी ने मण देव हे।
हंसो को मोती देता प्रभु ,
शेरा ने बण देवे हे।
देने वाला देता है सब ,
लीख्या रे करम का पाया।
मात पिता है जनम देणीया ,
करम भाग सब न्यारा।
मोर मुकुट …..


कीसी के महल गाड़ी है ,
नीचे तो बीसत्र लगारया।
कीसी के नारी दो दो है ,
कोई हाथ रसोई पका रीया ।
कीसी के जोटी दस दुजे ,
कोई छाछ मागणे जार्या ।
कीसी के बकरी एक ब्यावे ,
उसका भरे रे कटोरा ।
दुजे का कोई कसूर नही है ,
बंधा करम का पार्या ।
मात पिता है जनम देणीया ,
करम भाग सब न्यारा।
मोर मुकुट …..


चांद के चाल चकोर चाले है ,
वो चुग चुग बतंगा खावे है।
मंमीरन को मीसरी भी वो ,
टेम टेम पे खावे है।
शाम चिड़ी जंगल मे रहती ,
नीत करे सेरत खावे है।
सुथा रे शेर के मुख के अंदर ,
मास फाङ कर ल्यावे है।
साथ द्वीप नवखंड बीच मे ,
ईतना रे जगत फसार्या है।
मात पिता है जनम देणीया ,
करम भाग सब न्यारा।
मोर मुकुट …..


एक पीता के चार पुत्र,
चारा री किस्मत न्यारी ।
ऐक बण्या है हाकम जिसका ,
हुकम चले सरकारी ।
ऐक बण्या है बाबाजी ,
ऐक बण्या है भीखारी।
तरह – तरह के फूल खिले है ,
खुशबु न्यारी न्यारी ।
मोजी राम कहे इस दुनिया में ,
बंध्या रे करम का पार्या ।
मात पिता है जनम देणीया ,
करम भाग सब न्यारा।
मोर मुकुट …..


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bhajan in rajasthani english lyrics

!! mor mukut murli wale ne !!

mor mukut muralee vaale ne ,
jagat racha diya saara.
maat pita hai janam deneeya ,
karam bhaag sab nyaara.


hiranee ke ek bachcha janame ,
haath pakan than dev he.
ajagar padee ujaan bich mein ,
keenee ne kan deve he.
beena re pankh gaj aath khaave ,
haathee ne man dev he.
hanso ko motee deta prabhu ,
shera ne ban deve he.
dene vaala deta hai sab ,
leekhya re karam ka paaya.
maat pita hai janam deneeya ,
karam bhaag sab nyaara.
mor mukut …..


keesee ke mahal gaadee hai ,
neeche to beesatr lagaaraya.
keesee ke naaree do do hai ,
koee haath rasoee paka reeya .
keesee ke jotee das duje ,
koee chhaachh maagane jaarya .
keesee ke bakaree ek byaave ,
usaka bhare re katora .
duje ka koee kasoor nahee hai ,
bandha karam ka paarya .
maat pita hai janam deneeya ,
karam bhaag sab nyaara.
mor mukut …..


chaand ke chaal chakor chaale hai ,
vo chug chug batanga khaave hai.
mammeeran ko meesaree bhee vo ,
tem tem pe khaave hai.
shaam chidee jangal me rahatee ,
neet kare serat khaave hai.
sutha re sher ke mukh ke andar ,
maas phaan kar lyaave hai.
saath dveep navakhand beech me ,
eetana re jagat phasaarya hai.
maat pita hai janam deneeya ,
karam bhaag sab nyaara.
mor mukut …..


ek peeta ke chaar putr,
chaaraaree kismat nyaaree .
aik banya hai haakam jisaka ,
hukam chale sarakaaree .
aik banya hai baabaajee ,
aik banya hai bheekhaaree.
tarah – tarah ke phool khile hai ,
khushabu nyaaree nyaaree .
mojee raam kahe is duniya mein ,
bandhya re karam ka paarya .
maat pita hai janam deneeya ,
karam bhaag sab nyaara.
mor mukut …..


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राजस्थानी भजन मारवाड़ी in Hindi lyrics

!! मोर मुकुट मुरली वाले ने !!

मोर मुकुट मुरली वाले ने ,जगत रचा दिया सारा।
मात पिता है जनम देणीया ,करम भाग सब न्यारा।

हिरणी के एक बच्चा जनमे ,हाथ पकङ थण देव हे।
अजगर पड़ी उजाङ बिच में ,कीङी ने कण देवे हे।
बीना रे पंख गज आठ खावे ,हाथी ने मण देव हे।
हंसो को मोती देता प्रभु ,शेरा ने बण देवे हे।
देने वाला देता है सब ,लीख्या रे करम का पाया।
मात पिता है जनम देणीया ,करम भाग सब न्यारा।
मोर मुकुट …..

kisi के महल गाड़ी है ,नीचे तो बीसत्र लगारया।
कीसी के नारी दो दो है ,कोई हाथ रसोई पका रीया ।
कीसी के जोटी दस दुजे ,कोई छाछ मागणे जार्या ।
कीसी के बकरी एक ब्यावे ,उसका भरे रे कटोरा ।
दुजे का कोई कसूर नही है ,बंधा करम का पार्या ।
मात पिता है जनम देणीया ,करम भाग सब न्यारा।
मोर मुकुट …..

चांद के चाल चकोर चाले है ,वो चुग चुग बतंगा खावे है।
मंमीरन को मीसरी भी वो ,टेम टेम पे खावे है।
शाम चिड़ी जंगल मे रहती ,नीत करे सेरत खावे है।
सुथा रे शेर के मुख के अंदर ,मास फाङ कर ल्यावे है।
साथ द्वीप नवखंड बीच मे ,ईतना रे जगत फसार्या है।
मात पिता है जनम देणीया ,करम भाग सब न्यारा।
मोर मुकुट …..

एक पीता के चार पुत्र,चारारी किस्मत न्यारी ।
ऐक बण्या है हाकम जिसका ,हुकम चले सरकारी ।
ऐक बण्या है बाबाजी ,ऐक बण्या है भीखारी।
तरह – तरह के फूल खिले है ,खुशबु न्यारी न्यारी ।
मोजी राम कहे इस दुनिया में ,बंध्या रे करम का पार्या ।
मात पिता है जनम देणीया ,करम भाग सब न्यारा।
मोर मुकुट …..

सांवरमल सैनी के भजन | sanwarmal saini ke bhajan

भजन :- मोर मुकुट मुरली वाले ने
गायक :- सांवरमल सैनी
लेबल :- राजस्थानी भजन

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