जाग मुसाफिर देख जरा भजन लिरिक्स | jaag musafir dekh jara bhajan lyrics

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जाग मुसाफिर देख जरा भजन लिरिक्स | jaag musafir dekh jara bhajan lyrics

जाग मुसाफिर देख जरा jaag musafir dekh jara kabir nirgun bhajan lyrics kabir bhajan lyrics in hindi कबीर भजन कबीर भजन

 ।। दोहा ।।
कबीरा खड़ा बाज़ार में, मांगे सबकी खैर,
ना काहू से दोस्ती,न काहू से बैर।


।। जाग मुसाफिर देख जरा ।।

जाग मुसाफिर देख जरा ,
तेरे पोहोच की नोपत बाज रही।


अब सोवत सोवत बीत गई ,
सब रात तुजे परभात हुई।
तेरे संग के साथी लाद गए ,
तेरे नेनो नीन्द बीराज रही।
जाग मुसाफिर ….


कोई आज गया कोई काल गया ,
कोई जावण को तैयार खड़ा ।
नही कायम कोई मुकाम यहा ,
चीर काल रही ये रीवाज यही।
जाग मुसाफिर ….


इस देश मे चोर चकोर गणे ,
नीज माल की राख समाल सदा।
बहुत होसियार लुटाय गए ,
नई कोई की साबत लाज रही।
जाग मुसाफिर ….


अब तो तज आलस को मन से ,
कर संत समान सदा ये सखी।
वो प्रेमानंद को फेर लगा ,
तेरे सीर पर बीजली गाज रही।
जाग मुसाफिर ….


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kabir nirgun bhajan lyrics in English

!! jaag musafir dekh jara !!

jaag musaphir dekh jara ,
tere pohoch ki nopat baaj rahi.


ab sovat sovat beet gaee ,
sab raat tuje parabhaat huee.
tere sang ke saathee laad gae ,
tere neno neend beeraaj rahee.
jaag musaaphir ….


koee aaj gaya koee kaal gaya ,
koee jaavan ko taiyaar khada .
nahee kaayam koee mukaam yaha ,
cheer kaal rahee ye reevaaj yahee.
jaag musaaphir ….


is desh me chor chakor gane ,
neej maal kee raakh samaal sada.
bahut hosiyaar lutaay gae ,
naee koee kee saabat laaj rahee.
jaag musaaphir ….


ab to taj aalas ko man se ,
kar sant samaan sada ye sakhee.
vo premaanand ko pher laga ,
tere seer par beejalee gaaj rahee.
jaag musaaphir ….


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कबीर के भजन इन हिंदी lyrics

!! जाग मुसाफिर देख जरा !!

जाग मुसाफिर देख जरा ,तेरे पोहोच की नोपत बाज रही।

अब सोवत सोवत बीत गई ,सब रात तुजे परभात हुई।
तेरे संग के साथी लाद गए ,तेरे नेनो नीन्द बीराज रही।
जाग मुसाफिर ….

कोई आज गया कोई काल गया ,कोई जावण को तैयार खड़ा ।
नही कायम कोई मुकाम यहा , चीर काल रही ये रीवाज यही।
जाग मुसाफिर ….

इस देश मे चोर चकोर गणे ,नीज माल की राख समाल सदा।
बहुत होसियार लुटाय गए ,नई कोई की साबत लाज रही।
जाग मुसाफिर ….

अब तो तज आलस को मन से ,कर संत समान सदा ये सखी।
वो प्रेमानंद को फेर लगा ,तेरे सीर पर बीजली गाज रही।
जाग मुसाफिर ….

kabir bhajan lyrics in hindi video

भजन :- जाग मुसाफिर देख जरा
गायक :- चंदूलाल जी
लेबल :- राजस्थानी भजन

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