उठ जाग मुसाफिर भोर भई भजन लिरिक्स | uth jaag musafir bhor bhai song lyrics

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उठ जाग मुसाफिर भोर भई भजन लिरिक्स

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 ।। उठ जाग मुसाफिर भोर भई ।।

उठ जाग मुसाफिर भोर भई ,
अब रैन कहाँ जो सोवत है।
जो सोवत है सो खोवत है ,
जो जागत है सो पावत है।


उठ नींद से अंखियाँ खोल जरा ,
और अपने प्रभु से ध्यान लगा ।
यह प्रीत करन की रीत नहीं ,
प्रभु जागत है तू सोवत है ।
उठ जाग ….


जो कल करना सो आज करले ,
जो आज करना सो अब कर ले ।
जब चिड़ियों ने चुग खेत लिया ,
फिर पछताये क्या होवत है ।
उठ जाग ….


नादान भुगत करनी अपनी ,
ऐ पापी पाप में चैन कहाँ ।
जब पाप की गठरी शीश धरी ,
फिर शीश पकड़ क्यों रोवत है ।
उठ जाग ….


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bhajan hindi lyrics in English

!! uth jaag musafir bhor bhai !!

uth jag musaphir bhor bhee ,
ab rain kahaan jo sovat hai.
jo sovat hai so khovat hai ,
jo jaagat hai so paavat hai.


uth nend se ankhiya khol jara ,
aur apane prabhu se dhyan laga .
yah preet karan kee reet nahin ,
prabhu jaagat hai too sovat hai .
uth jaag ….


jo kal karana so aaj karale ,
jo aaj karana so ab kar le .
jab chidiyon ne chug khet liya ,
phir pachhataye kya hovat hai .
uth jaag ….


naadaan bhugat karanee apanee ,
ai paapee paap mein chain kahaan .
jab pap ki gatharee sheesh dhari ,
phir sheesh pakad kyon rovat hai .
uth jaag ….


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चेतावनी भजन हिंदी में

!! उठ जाग मुसाफिर भोर भई !!

उठ जाग मुसाफिर भोर भई ,अब रैन कहाँ जो सोवत है।
जो सोवत है सो खोवत है ,जो जागत है सो पावत है।

उठ नींद से अंखियाँ खोल जरा ,और अपने प्रभु से ध्यान लगा ।
यह प्रीत करन की रीत नहीं ,प्रभु जागत है तू सोवत है ।
उठ जाग ….

जो कल करना सो आज करले ,जो आज करना सो अब कर ले ।
जब चिड़ियों ने चुग खेत लिया ,फिर पछताये क्या होवत है ।
उठ जाग ….

नादान भुगत करनी अपनी ,ऐ पापी पाप में चैन कहाँ ।
जब पाप की गठरी शीश धरी ,फिर शीश पकड़ क्यों रोवत है ।
उठ जाग ….

hindi bhajan with lyrics video

भजन :- उठ जाग मुसाफिर भोर भई
गायक :- राकेश काला
लेबल :- राजस्थानी भजन

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