जल को भेद बताओ ब्रह्मज्ञानी भजन लिरिक्स | jal ko bhed batao brahmgyani bhajan lyrics

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जल को भेद बताओ ब्रह्मज्ञानी भजन लिरिक्स

जल को भेद बताओ ब्रह्मज्ञानी jal ko bhed batao brahmgyani, hadman gadsuriya bhajan, चेतावनी भजन लिरिक्स, marwadi bhajan desi lyrics

 ।। दोहा ।।
चलती चक्की देखकर , दिया कबीरा रोय ।
दो पाटन के बीच में , साबुत बचा न कोय ।


~ जल को भेद बतावो ब्रह्मज्ञानी ~

इस माटी रा हम तुम बणिया ,
इन माटी देई रे।
इन माटी री मटकी बनादी ,
में वहा से लाई रे।
जल को भेद बतावो ब्रह्मज्ञानी ,
छाण लाई जल पाणी रे


काशीजी से चला एक ब्राह्मण ,
चार वेद पढ़ आई ।
आय कबीर घर पाणी पीओ ,
पी पाणी पछताया रे ।
जल को भेद बतावो ब्रह्मज्ञानी ,
छाण लाई जल पाणी रे।


ऊँचा पड़िया सूत कांगणा ,
सूत पड़ी सैलाणी ।
जात जुलावो नाम कबीरो ,
हीण जात घर जाणी रे ।
जल को भेद बतावो ब्रह्मज्ञानी ,
छाण लाई जल पाणी रे।


चोको देय रसोई करो थे ,
खूब करो पण्डिताई ।
उड़ मखियाँ भाणे पर बैठे ,
डूब जावे चतुराई रे ॥
जल को भेद बतावो ब्रह्मज्ञानी ,
छाण लाई जल पाणी रे।


बड़ा बड़ा जोधावर खपिया ,
इण मटियाँ रे माँहि ।
उण माटी री मटकी बणाई ,
म्हें काँहि नई घड़ाई रे ॥
जल को भेद बतावो ब्रह्मज्ञानी ,
छाण लाई जल पाणी रे।


हाड गळे ने चाम जरे रे ,
दूध वहाँ से आई ।
थे काशीरा बाजो ब्राह्मण ,
वो माखण गटकाई रे।
जल को भेद बतावो ब्रह्मज्ञानी ,
छाण लाई जल पाणी रे ।


जळ की मछली जळ में ब्यावे ,
जल माँहि मर जावे ।
थे काशी रा बाजो ब्राह्मण ,
वो सूतक कहाँ जावे रे ॥
जल को भेद बतावो ब्रह्मज्ञानी ,
छाण लाई जल पाणी रे ।


सूत ही पहना सूत लपेटा ,
सर सूतन रा भारा ।
थारे गले में ब्रह्म जनोई ,
ये भी सूत हमारा रे ॥
जल को भेद बतावो ब्रह्मज्ञानी ,
छाण लाई जल पाणी रे ।


देश फिरियो परदेशां फिरियो ,
ब्रह्मज्ञान नहीं होई ।
धिन कमाली कबीर सारी लड़की ,
दियो ज्ञान समझाई रे ॥
जल को भेद बतावो ब्रह्मज्ञानी ,
छाण लाई जल पाणी रे ।


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marwadi bhajan desi lyrics in English

!! jal ko bhed batao brahmgyani !!

es maatee ra ham tum baniya ,
in maatee deee re.
in maatee ree matakee banaadee ,
mein vaha se laee re.
jal ko bhed bataavo brahmagyaanee ,
chhaan laee jal paanee re .


kaasheejee se chala ek braahman ,
chaar ved padh aaee .
aay kabeer ghar paanee peeo ,
pee paanee pachhataaya re .
jal ko bhed bataavo brahmagyaanee ,
chhaan laee jal paanee re ,


ooncha padiya soot kaangana ,
soot padee sailaanee .
jaat julaavo naam kabeero ,
heen jaat ghar jaanee re .
jal ko bhed bataavo brahmagyaanee ,
chhaan laee jal paanee re ,


choko dey rasoee karo the ,
khoob karo panditaee .
ud makhiyaan bhaane par baithe ,
doob jaave chaturaee re .
jal ko bhed bataavo brahmagyaanee ,
chhaan laee jal paanee re ,


bada bada jodhaavar khapiya ,
in matiyaan re maanhi .
un maatee ree matakee banaee ,
mhen kaanhi naee ghadaee re .
jal ko bhed bataavo brahmagyaanee ,
chhaan laee jal paanee re ,


haad gale ne chaam jare re ,
doodh vahaan se aaee .
the kaasheera baajo braahman ,
vo maakhan gatakaee re.
jal ko bhed bataavo brahmagyaanee ,
chhaan laee jal paanee re ,


jal kee machhalee jal mein byaave ,
jal maanhi mar jaave .
the kaashee ra baajo braahman ,
vo sootak kahaan jaave re .
jal ko bhed bataavo brahmagyaanee ,
chhaan laee jal paanee re ,


soot hee pahana soot lapeta ,
sar sootan ra bhaara .
thaare gale mein brahm janoee ,
ye bhee soot hamaara re .
jal ko bhed bataavo brahmagyaanee ,
chhaan laee jal paanee re ,


desh phiriyo paradeshaan phiriyo ,
brahmagyaan nahin hoee .
dhin kamaalee kabeer saaree ladakee ,
diyo gyaan samajhaee re .
jal ko bhed bataavo brahmagyaanee ,
chhaan laee jal paanee re ,


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चेतावनी भजन लिरिक्स In Hindi

!! जल को भेद बताओ ब्रह्मज्ञानी !!

इन माटी रा हम तुम बणिया ,इन माटी देई रे।
इन माटी री मटकी बनादी ,में वहा से लाई रे।
जल को भेद बतावो ब्रह्मज्ञानी , छाण भर्यो जल पाणी रे ।

काशीजी से चला एक ब्राह्मण , चार वेद पढ़ आई ।
आय कबीर घर पाणी पीओ , पी पाणी पछताया रे ।
जल को भेद बतावो ब्रह्मज्ञानी , छाण लाई जल पाणी रे ,

ऊँचा पड़िया सूत कांगणा , सूत पड़ी सैलाणी ।
जात जुलावो नाम कबीरो , हीण जात घर जाणी रे ।
जल को भेद बतावो ब्रह्मज्ञानी , छाण लाई जल पाणी रे ,

चोको देय रसोई करो थे , खूब करो पण्डिताई ।
उड़ मखियाँ भाणे पर बैठे , डूब जावे चतुराई रे ॥
जल को भेद बतावो ब्रह्मज्ञानी , छाण लाई जल पाणी रे ,

बड़ा बड़ा जोधावर खपिया , इण मटियाँ रे माँहि ।
उण माटी री मटकी बणाई , म्हें काँहि नई घड़ाई रे ॥
जल को भेद बतावो ब्रह्मज्ञानी , छाण लाई जल पाणी रे ,

हाड गळे ने चाम जरे रे , दूध वहाँ से आई ।
थे काशीरा बाजो ब्राह्मण , वो माखण गटकाई रे।
जल को भेद बतावो ब्रह्मज्ञानी , छाण लाई जल पाणी रे ,

जळ की मछली जळ में ब्यावे , जल माँहि मर जावे ।
थे काशी रा बाजो ब्राह्मण , वो सूतक कहाँ जावे रे ॥
जल को भेद बतावो ब्रह्मज्ञानी , छाण लाई जल पाणी रे ,

सूत ही पहना सूत लपेटा , सर सूतन रा भारा ।
थारे गले में ब्रह्म जनोई , ये भी सूत हमारा रे ॥
जल को भेद बतावो ब्रह्मज्ञानी , छाण लाई जल पाणी रे ,

देश फिरियो परदेशां फिरियो , ब्रह्मज्ञान नहीं होई ।
धिन कमाली कबीर सारी लड़की , दियो ज्ञान समझाई रे ॥
जल को भेद बतावो ब्रह्मज्ञानी , छाण लाई जल पाणी रे ,

hadman gadsuriya bhajan Video

भजन :- जल को भेद बतावो ब्रह्मज्ञानी
गायक :- हड़मान गढसुरीया
लेबल : – राजस्थानी भजन

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