सतगुरु सायब जी भजन लिरिक्स | satguru sayab ji bhajan lyrics

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सतगुरु सायब जी भजन लिरिक्स

सतगुरु सायब जी satguru sayab ji bhajan lyrics . rami bai bhajan. satguru bhajan

 ।। दोहा ।।
सतगुरु मेरी आत्मा , में संतन की देह।
रोम रोम में रम गया , ज्यो बादल में मेघ।


~ सतगुरु सायब जी ओ ~

सतगुरु सायब जी ओ ,
म्हारी वीनती सुण लो ।
वीणती सुणलो म्हारी ,
अरजी तोसुण लो ।
सतगुरु सायब जी ओ ,
म्हारी वीनती सुण लो ॥


म्हारे तो शत्रु घणा जी ,
भगती करण दे नाँय ।
काम क्रोध मद डाकण्यां ए ,
लागी म्हारे लार ॥
सतगुरु सायब। …..


तृष्णा है बल डाकिणी ,
आ लागी म्हारे लार ।
अजुहत ए धापी नहीं ,
खायो जुग संसार ।
सतगुरु सायब। …..


शब्द स्पर्श और रूप गन्ध जी ,
इणमें है वो पाँच ।
अपने अपने स्वाद को जी ,
जग में भूल्यो जाय ॥
सतगुरु सायब …..


मन मरकट माने नहीं ओ ,
कितना करूं रे उपाय ।
बहुत भाँत परमोदियो जी ,
म्हाने नचावे नाच ॥
सतगुरु सायब। …..


भवसागर का चक्कर में जी ,
आन पड़ी है नाव ।
करूणा सिन्धु कबीर सा ने ,
धरमी करे पुकार ॥
सतगुरु सायब। …..


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satguru sayab ji bhajan English lyrics

!! sataguru saayab jee o !!

sataguru saayab jee o ,
mhaaree veenatee sun lo .
veenatee sunalo mhaaree ,
arajee tosun lo .
sataguru saayab jee o ,
mhaaree veenatee sun lo .


mhaare to shatru ghana jee ,
bhagatee karan de naany .
kaam krodh mad daakanyaan e ,
laagee mhaare laar .
sataguru saayab. …..


trshna hai bal daakinee ,
aa laagee mhaare laar .
ajuhat e dhaapee nahin ,
khaayo jug sansaar .
sataguru saayab. …..


shabd sparsh aur roop gandh jee ,
inamen hai vo paanch .
apane apane svaad ko jee ,
jag mein bhoolyo jaay .
sataguru saayab …..


man marakat maane nahin o ,
kitana karoon re upaay .
bahut bhaant paramodiyo jee ,
mhaane nachaave naach .
sataguru saayab. …..


bhavasaagar ka chakkar mein jee ,
aan padee hai naav .
karoona sindhu kabeer sa ne ,
dharamee kare pukaar .
sataguru saayab. …..


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सतगुरु सायब जी Bhajan Hindi Lyrics

!! satguru सायब जी ओ !!

सतगुरु सायब जी ओ , म्हारी वीनती सुण लो ।
वीणती सुणलो म्हारी , अरजी तोसुण लो ।
सतगुरु सायब जी ओ , म्हारी वीनती सुण लो ॥

म्हारे तो शत्रु घणा जी , भगती करण दे नाँय ।
काम क्रोध मद डाकण्यां ए , लागी म्हारे लार ॥
सतगुरु सायब। …..

तृष्णा है बल डाकिणी , आ लागी म्हारे लार ।
अजुहत ए धापी नहीं , खायो जुग संसार ।
सतगुरु सायब। …..

शब्द स्पर्श और रूप गन्ध जी , इणमें है वो पाँच ।
अपने अपने स्वाद को जी , जग में भूल्यो जाय ॥
सतगुरु सायब …..

मन मरकट माने नहीं ओ , कितना करूं रे उपाय ।
बहुत भाँत परमोदियो जी , म्हाने नचावे नाच ॥
सतगुरु सायब। …..

भवसागर का चक्कर में जी , आन पड़ी है नाव ।
करूणा सिन्धु कबीर सा ने , धरमी करे पुकार ॥
सतगुरु सायब। …..

rami bai bhajan satguru bhajan

भजन :- सतगुरु सायब जी
गायिका :- रामी बाई
लेबल :- राजस्थानी भजन

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