सांच बराबर तप नहीं झूठ बराबर पाप भजन | saanch barabar tap nahi jhoot barabar paap bhajan

1192

सांच बराबर तप नहीं झूठ बराबर पाप भजन लिरिक्स

सांच बराबर तप नहीं झूठ बराबर पाप भजन saanch barabar tap nahi jhoot barabar paap anil nagori bhajan

 ~ राम नाम के नाम बराबर ~

झूठ बराबर पाप नहीं छे ,
साच बराबर तप कोन्या।
राम नाम के नाम बराबर ,
और दूसरा तप कोन्या।


शप्तऋषि सा ऋषि नहीं छे ,
वेदव्यास सा ज्ञानी नहीं।
हरिचंद सा पूत नहीं छे ,
सीता सी महारानी नहीं।
श्रीदादी जी हरिचंद और ,
कर्ण सारिका दानी नहीं।
रावण सा अभिमानी कोन्या ,
लंका सी राजधानी नहीं।
सकल सृस्टि का भार धरणीय ,
शेष सा सर्प कोन्या।
राम नाम के नाम बराबर ,
और दूसरा तप कोन्या।


चंद्र सरिसा सील नहीं छे ,
सूरज सा प्रकाश नहीं।
सात दीप नव खंड बिच में ,
स्वर्गपुरी सा वाश नहीं।
काम क्रोध मधलोभी जितिया ,
ऋषियों सा सन्यास नहीं।
वानर कुल में जनम ले के ,
हनुमत जैसा दास नहीं।
पृध्वी जैसा धीर नहीं है ,
आसमान सा चूप कोन्या।
राम नाम के नाम बराबर ,
और दूसरा तप कोन्या।


वेद जैसा ग्रन्थ नहीं छे,
गीता जैसा ज्ञान नहीं।
गंगा जैसा नीर नहीं छे ,
अन्नदान सा दान नहीं।
तानसेन सा गायक नहीं छे ,
काल सा बलवाननहीं ।
महाभारत सा युद्ध नहीं छे ,
बाली सा वरदान नहीं।
ध्रुव जैसा अटल नहीं छे,
कल्प जैसा वृक्ष कोन्या।
राम नाम के नाम बराबर ,
और दूसरा तप कोन्या।


आज कल का ढंग बिगड़ग्या ,
कोनी वक्त सच्चाई का।
धोका देकर गला काट दे ,
सगा भाई भाई का।
भीतर दिल में खोट भरिया छे ,
ऊपर काम सफाई का।
हरी नारायण शर्मा कहता ,
कोनी वक्त सच्चाई का।
बेरी दुश्मन फ़ैलगया जग में ,
आपस में सम्पत कोन्या।
राम नाम के नाम बराबर ,
और दूसरा तप कोन्या।


झूठ बराबर पाप नहीं छे ,
साच बराबर तप कोन्या।
राम नाम के नाम बराबर ,
और दूसरा तप कोन्या।


Read Also:- पर घर प्रीत मत कीजे

Read Also:- में थाने सिमरु गजानंद देवा

English Lyrics saanch barabar tap nahi jhoot barabar paap Bhajan

!! saanch barabar tap nahi  !! 

jhooth baraabar paap nahin chhe ,
saach baraabar tap konya.
raam naam ke naam baraabar ,
aur doosara tap konya.


shaptrshi sa rshi nahin chhe ,
vedavyaas sa gyaanee nahin.
harichand sa poot nahin chhe ,
seeta see mahaaraanee nahin.
shreedaadee jee harichand aur ,
karn saarika daanee nahin.
raavan sa abhimaanee konya ,
lanka see raajadhaanee nahin.
sakal srsti ka bhaar dharaneey ,
shesh sa sarp konya.
raam naam ke naam baraabar ,
aur doosara tap konya.


chandr sarisa seel nahin chhe ,
sooraj sa prakaash nahin.
saat deep nav khand bich mein ,
svargapuree sa vaash nahin.
kaam krodh madhalobhee jitiya ,
rshiyon sa sanyaas nahin.
vaanar kul mein janam le ke ,
hanumat jaisa daas nahin.
prdhvee jaisa dheer nahin hai ,
aasamaan sa choop konya.
raam naam ke naam baraabar ,
aur doosara tap konya.


ved jaisa granth nahin chhe,
geeta jaisa gyaan nahin.
ganga jaisa neer nahin chhe ,
annadaan sa daan nahin.
taanasen sa gaayak nahin chhe ,
kaal sa balavaananaheen .
mahaabhaarat sa yuddh nahin chhe ,
baalee sa varadaan nahin.
dhruv jaisa atal nahin chhe,
kalp jaisa vrksh konya.
raam naam ke naam baraabar ,
aur doosara tap konya.


aaj kal ka dhang bigadagya ,
konee vakt sachchaee ka.
dhoka dekar gala kaat de ,
saga bhaee bhaee ka.
bheetar dil mein khot bhariya chhe ,
oopar kaam saphaee ka.
haree naaraayan sharma kahata ,
konee vakt sachchaee ka.
beree dushman failagaya jag mein ,
aapas mein sampat konya.
raam naam ke naam baraabar ,
aur doosara tap konya.


jhooth baraabar paap nahin chhe ,
saach baraabar tap konya.
raam naam ke naam baraabar ,
aur doosara tap konya.


Read Also:- थारी पल पल याद सतावे

Read Also:- भाग बिना नहीं पावे जी भली वस्तु का जोग

सच बराबर तप नहीं झूठ बराबर पाप Bhajan Hindi Lyrics

।। राम नाम के नाम बराबर ।।

झूठ बराबर पाप नहीं छे ,साच बराबर तप कोन्या।
राम नाम के नाम बराबर ,और दूसरा तप कोन्या।

शप्तऋषि सा ऋषि नहीं छे ,वेदव्यास सा ज्ञानी नहीं।
हरिचंद सा पूत नहीं छे ,सीता सी महारानी नहीं।
श्रीदादी जी हरिचंद और ,कर्ण सारिका दानी नहीं।
रावण सा अभिमानी कोन्या ,लंका सी राजधानी नहीं।
सकल सृस्टि का भार धरणीय ,शेष सा सर्प कोन्या।
राम नाम के नाम बराबर ,और दूसरा तप कोन्या।

चंद्र सरिसा सील नहीं छे ,सूरज सा प्रकाश नहीं।
सात दीप नव खंड बिच में ,स्वर्गपुरी सा वाश नहीं।
काम क्रोध मधलोभी जितिया ,ऋषियों सा सन्यास नहीं।
वानर कुल में जनम ले के ,हनुमत जैसा दास नहीं।
पृध्वी जैसा धीर नहीं है ,आसमान सा चूप कोन्या।
राम नाम के नाम बराबर ,और दूसरा तप कोन्या।

वेद जैसा ग्रन्थ नहीं छे,गीता जैसा ज्ञान नहीं।
गंगा जैसा नीर नहीं छे ,अन्नदान सा दान नहीं।
तानसेन सा गायक नहीं छे ,काल सा बलवाननहीं ।
महाभारत सा युद्ध नहीं छे ,बाली सा वरदान नहीं।
ध्रुव जैसा अटल नहीं छे,कल्प जैसा वृक्ष कोन्या।
राम नाम के नाम बराबर ,और दूसरा तप कोन्या।

आज कल का ढंग बिगड़ग्या ,कोनी वक्त सच्चाई का।
धोका देकर गला काट दे ,सगा भाई भाई का।
भीतर दिल में खोट भरिया छे ,ऊपर काम सफाई का।
हरी नारायण शर्मा कहता ,कोनी वक्त सच्चाई का।
बेरी दुश्मन फ़ैलगया जग में ,आपस में सम्पत कोन्या।
राम नाम के नाम बराबर ,और दूसरा तप कोन्या।

झूठ बराबर पाप नहीं छे ,साच बराबर तप कोन्या।
राम नाम के नाम बराबर ,और दूसरा तप कोन्या।

सच बराबर तप नहीं झूठ बराबर पाप Bhajan Video

भजन :- साँच बराबर तप नहीं
गायक :- अनिल नागौरी
लेबल :- राजस्थानी भजन

Read Also:- रंग लागो जी माने कोढ़ लागो

Read Also:- मत बण दास लुगाई को

पिछला लेखपर घर प्रीत मत कीजे भजन लिरिक्स | par ghar preet mat kije prakash mali bhajan
अगला लेखचोंच बनाबा वालो चुगो दिदो भजन लिरिक्स | chuch banaba walo chugo dido hari ka bhajan karle lyrics

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

2 × 5 =