घणा दिन सो लियो रे जाग मुसाफिर जाग भजन | ghana din so liyo re jaag musafir jaag bhajan lyrics

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घणा दिन सो लियो रे जाग मुसाफिर जाग भजन लिरिक्स

घणा दिन सो लियो रे जाग मुसाफिर जाग भजन ghana din so liyo re jaag musafir jaag bhajan

 ।। दोहा ।।

बंदा वो दिन याद करो , जब ऊपर पाव तले शीश। 
मृत्यु मंडल में आयके , तू भूल गयो जगदीश।।


~ गणा दिन सो लियो रे ~
 
गणा दिन सो लियो रे ,
अब जाग सके तो जाग।


पहलो सोयो मात गरभ में,
उल्टा पाव फ़सार। २ 
बोल वचन कर बहार आयो। 
भूल गयो जगदीश। 
जन्म थारो हो लियो रे। 
अब जाग सके तो जाग। 
गणा दिन सो लियो रे ,
अब जाग सके तो जाग।


दूजो सोयो माँत गोद में ,
हस हस दांत दिखाय। २ 
बहन भुआ सब लाड लड़ावे। 
हो रयो मंगला चार। 
लाड थारो होरयो रे। 
अब जाग सके तो जाग। 
गणा दिन सो लियो रे ,
अब जाग सके तो जाग।


तीजो सोयो स्त्रिया संग में ,
गले में बाहे डाल। २ 
किया भोग सब रोग से दुखिया।
तन हो गयो बेकार ,
विवाह थारो होरियो रे। 
अब जाग सके तो जाग। 
गणा दिन सो लियो रे ,
अब जाग सके तो जाग।


चोथो सोयो शमशाना में ,
लम्बे पाँव फसार।२  
कहे कबीर सुणो रे भई संतों।
जीव अग्नि में जाय,
प्रण थारो हो रियो रे। 
अब जाग सके तो जाग। 
गणा दिन सो लियो रे ,
अब जाग सके तो जाग।


ghana din so liyo re jaag musafir jaag bhajan Hindi Text Lyrics

!! jaag musafir jaag !!

gana din so liyo re ,
ab jaag sake to jaag.


pahalo soyo maat garabh mein,
ulta paav fasaar. 2
bol vachan kar bahaar aayo.
bhool gayo jagadeesh.
janm thaaro ho liyo re.
ab jaag sake to jaag.
gana din so liyo re ,
ab jaag sake to jaag.


doojo soyo maant god mein ,
has has daant dikhaay. 2
bahan bhua sab laad ladaave.
ho rayo mangala chaar.
laad thaaro horayo re.
ab jaag sake to jaag.
gana din so liyo re ,
ab jaag sake to jaag.


teejo soyo striya sang mein ,
gale mein baahe daal. 2
kiya bhog sab rog se dukhiya.
tan ho gayo bekaar ,
vivaah thaaro horiyo re.
ab jaag sake to jaag.
gana din so liyo re ,
ab jaag sake to jaag.


chotho soyo shamashaana mein ,
lambe paanv phasaar.2
kahe kabeer suno re bhee santon.
jeev agni mein jaay,
pran thaaro ho riyo re.
ab jaag sake to jaag.
gana din so liyo re ,
ab jaag sake to jaag.


घना दिन सो लिया रे अब तो जाग मुसाफिर जाग भजन lyrics

!! जाग मुसाफिर जाग !!

गणा दिन सो लियो रे ,अब जाग सके तो जाग।

पहलो सोयो मात गरभ में,उल्टा पाव फ़सार। २
बोल वचन कर बहार आयो। भूल गयो जगदीश।
जन्म थारो हो लियो रे। अब जाग सके तो जाग।
गणा दिन सो लियो रे ,अब जाग सके तो जाग।

दूजो सोयो माँत गोद में ,हस हस दांत दिखाय। २
बहन भुआ सब लाड लड़ावे। हो रयो मंगला चार।
लाड थारो होरयो रे। अब जाग सके तो जाग।
गणा दिन सो लियो रे ,अब जाग सके तो जाग।

तीजो सोयो स्त्रिया संग में ,गले में बाहे डाल। २
किया भोग सब रोग से दुखिया।तन हो गयो बेकार।
विवाह थारो होरियो रे। अब जाग सके तो जाग।
गणा दिन सो लियो रे ,अब जाग सके तो जाग।

चोथो सोयो शमशाना में ,लम्बे पाँव फसार।२
कहे कबीर सुणो रे भई संतों।जीव अग्नि में जाय,
प्रण थारो हो रियो रे। अब जाग सके तो जाग।
गणा दिन सो लियो रे ,अब जाग सके तो जाग।

भजन :- घणा दिन सो गयो रे
गायक :- अनिल नागौरी
लेबल :- राजस्थानी भजन

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